Hindi Grammar - उपसर्ग: 6 MCQs with Answers

उपसर्ग - Hindi Grammar
Hindi Grammar - उपसर्ग

Hindi Grammar- उपसर्ग

उपसर्ग (Prefix) – हिंदी व्याकरण Quiz Description

उपसर्ग हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण विषय है, जिसमें किसी शब्द के प्रारंभ में जुड़ने वाले ऐसे शब्दांशों का अध्ययन किया जाता है जो उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता उत्पन्न करते हैं। उपसर्ग का ज्ञान शब्द निर्माण, शब्दार्थ तथा भाषा की शुद्ध समझ विकसित करने के लिए आवश्यक है। यह विषय HTET, CTET, REET, UPTET, HPTET, DSSSB, KVS, NVS, HSSC CET, SSC, Railway, UPSC तथा अन्य सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में नियमित रूप से पूछा जाता है।

इस उपसर्ग Quiz में आपको उपसर्ग की परिभाषा, प्रकार, नियम, उदाहरण तथा परीक्षा-आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) उपलब्ध कराए गए हैं। यहाँ संस्कृत उपसर्ग, हिंदी उपसर्ग, विदेशी उपसर्ग, शब्द निर्माण तथा उपसर्ग पहचान से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं।

प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या दी गई है, जिससे आपकी व्याकरण संबंधी समझ मजबूत होगी और प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सहायता मिलेगी। यदि आप शिक्षक भर्ती, सरकारी नौकरी या किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह उपसर्ग प्रैक्टिस टेस्ट आपके लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

इस Quiz में आपको मिलेगा:

  • उपसर्ग की परिभाषा एवं नियम
  • संस्कृत, हिंदी एवं विदेशी उपसर्ग
  • उपसर्ग से शब्द निर्माण
  • उपसर्ग पहचान से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न
  • परीक्षा आधारित महत्वपूर्ण MCQs
  • Previous Year Questions (PYQs)
  • उत्तर सहित विस्तृत व्याख्या
  • ऑनलाइन प्रैक्टिस टेस्ट
  • निःशुल्क हिंदी व्याकरण अभ्यास
  • प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

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Q1. किस विकल्प में उपसर्ग विभाजन नियमानुसार है ?

Right Answer: निश्शुल्क, निष्पक्ष, निस्स्वार्थ - 'निस्' उपसर्ग


Explanation:

(3) निश्शुल्क, निष्पक्ष, निस्स्वार्थ - 'निस्' उपसर्ग संस्कृत व्याकरण के नियमानुसार, 'निश्', 'निष्' और 'निस्' से शुरू होने वाले शब्दों में मूल रूप से 'निस्' उपसर्ग ही होता है। संधि नियमों के कारण विसर्ग या 'स्' का रूप बदलकर 'श्' या 'ष्' हो जाता है:

  • निश्शुल्क: निस् + शुल्क (स् का श् होना)
  • निष्पक्ष: निस् + पक्ष (स् का ष् होना)
  • निस्स्वार्थ: निस् + स्वार्थ अतः इस विकल्प में उपसर्ग का विभाजन पूर्णतः नियमानुसार है।

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?

(1) अपरिग्रह, अपरोक्ष, अपर्ण - 'अप' उपसर्ग यह विकल्प गलत है क्योंकि सभी शब्दों में 'अप' उपसर्ग नहीं है:

  • अपरिग्रह: अपि/अ + परिग्रह (यहाँ 'अ' उपसर्ग है, 'अप' नहीं)।
  • अपरोक्ष: अ + परोक्ष (जो प्रत्यक्ष न हो - यहाँ 'अ' उपसर्ग है)।
  • अपर्ण: अ + पर्ण (बिना पत्तों का - यहाँ 'अ' उपसर्ग है)।

(2) आरण्यक, आवश्यक, आधुनिक - 'आ' उपसर्ग यह विकल्प गलत है क्योंकि ये शब्द उपसर्ग से नहीं, बल्कि प्रत्यय के योग से बने हैं:

  • आरण्यक: अरण्य + अक (प्रत्यय)
  • आवश्यक: अवश + यक/इक (प्रत्यय)
  • आधुनिक: अधुना + इक (प्रत्यय) इनमें 'आ' उपसर्ग नहीं है, बल्कि प्रत्यय लगने के कारण आदि-स्वर (पहला अक्षर) 'अ' से 'आ' में बदल गया है।

(4) व्याधि, वीक्षण, व्यतिरेक - 'वी' उपसर्ग यह विकल्प व्याकरण की दृष्टि से अशुद्ध है क्योंकि हिंदी या संस्कृत में 'वी' (बड़ी ई) नाम का कोई उपसर्ग नहीं होता। इन सभी शब्दों में 'वि' (छोटी इ) उपसर्ग है:

  • व्याधि: वि + आधि
  • वीक्षण: वि + ईक्षण (यहाँ 'वि' का 'इ' और 'ईक्षण' का 'ई' मिलकर दीर्घ संधि से 'वीक्षण' बना है, पर मूल उपसर्ग 'वि' ही है)।
  • व्यतिरेक: वि + अतिरेक
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Q2. उपसर्ग की दृष्टि से कौन-सा विकल्प सुमेलित नहीं है ?

Right Answer: प्रत्यर्पण, प्रत्यंचा – ‘प्रति’ उपसर्ग


Explanation:

अनसूया एवं अनवकाश में निषेधवाची ‘अन’ उपसर्ग है। उपाश्रय (उप + आश्रय) तथा उपासक (उप + आसक) में ‘उप’ उपसर्ग है। अपरिग्रह एवं अपरीक्षित में निषेधवाची ‘अ’ उपसर्ग विद्यमान है। चौथे विकल्प में ‘प्रत्यर्पण’ तो प्रति + अर्पण से बना है, किन्तु ‘प्रत्यंचा’ धनुष की डोरी के अर्थ में प्रयुक्त एक स्वतंत्र रूढ़ शब्द है, जो ‘प्रति’ उपसर्ग के योग से नहीं बना है। अतः उपसर्ग की दृष्टि से विकल्प (4) सुमेलित नहीं है।
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Q3. किस विकल्प के शब्द ‘अभि’ उपसर्ग से निर्मित नहीं हैं ?

Right Answer: आधिकारिक, आध्यात्मिक


Explanation:

अभि उपसर्ग का अर्थ है सामने, ओर अथवा चारों ओर। इससे बने शब्द हैं अभिराम, अभ्यागत, अभीष्ट, अभीप्सित, अभ्युदय तथा अभिषेक। संधि के कारण अभि का रूप अभ्य अथवा अभी भी हो जाता है, फिर भी मूल उपसर्ग अभि ही रहता है। इसके विपरीत आधिकारिक तथा आध्यात्मिक शब्दों में अभि उपसर्ग नहीं है, ये क्रमशः अधिकार और अध्यात्म शब्दों से आ अथवा तद्धित प्रत्यय द्वारा बने हैं, जिनमें अधि उपसर्ग विद्यमान है। अतः चौथे विकल्प के शब्द अभि उपसर्ग से नहीं बने हैं।
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Q4. इनमें से किस शब्द में उपसर्ग नहीं जुड़ा है ?

Right Answer: कुलीन


Explanation:

'कुलीन' शब्द में उपसर्ग नहीं, बल्कि प्रत्यय जुड़ा है — यह 'कुल' मूल शब्द में 'ईन' प्रत्यय लगने से बना है, जिसका अर्थ है अच्छे कुल में उत्पन्न। शेष तीनों शब्दों में उपसर्ग है — 'विनम्रता' में 'वि' उपसर्ग, 'स्वच्छ' में 'स्व' उपसर्ग तथा 'कुसंग' में 'कु' उपसर्ग लगा है। उपसर्ग शब्द के आरम्भ में जुड़कर अर्थ बदलते हैं, जबकि प्रत्यय शब्द के अंत में जुड़ते हैं। हिन्दी में संस्कृत के 22, हिन्दी के अपने तथा उर्दू-फ़ारसी के अनेक उपसर्ग प्रचलित हैं, जैसे प्र, परा, अप, सम्, बे, ला, गैर आदि। अतः सही उत्तर कुलीन है।

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Q5. किस विकल्प में ‘अनु’ उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है?

Right Answer: अनुष्ण, अनुदक, अनुदात्त


Explanation:

विकल्प (3) में ‘अनु’ उपसर्ग नहीं, बल्कि ‘अन्’ उपसर्ग प्रयुक्त हुआ है।

अन् + उष्ण = अनुष्ण

अन् + उदक = अनुदक

अन् + उदात्त = अनुदात्त

यहाँ ‘अन्’ निषेध या अभाव का बोध कराता है।

इसके विपरीत—

अनु + आगत → अन्वागत

अनु + इत → अन्वित

अनु + कृति → अनुकृति

अनु + गृहीत → अनुगृहीत

अतः सही उत्तर (3) है।

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Q6. 'आयु' शब्द के साथ कौन-सा उपसर्ग सही लगता है ?

Right Answer: चिर


Explanation:

'चिर' उपसर्ग लगाकर 'आयु' से 'चिरायु' (दीर्घायु/लंबी उम्र वाला) शब्द बनता है।
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Published: 27 June 2026 | Last Updated: 03 September 2026 |


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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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I am an educational content creator dedicated to making learning simple, engaging, and accessible for students preparing for competitive exams. He specializes in creating high-quality study materials, including notes, multiple-choice questions (MCQs), previous year question papers, practice tests, and exam-oriented resources.

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