Fine Art - Modern and Contemporary Indian Art: 12 MCQs with Answers
Fine Art- Modern and Contemporary Indian Art
बंगाल स्कूल, कलकत्ता ग्रुप, दिल्ली शिल्पी चक्र तथा आधुनिक भारतीय चित्रकारों एवं मूर्तिकारों पर बहुविकल्पीय प्रश्न।Your Progress
0%Q11. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए :
सूची-I
(a) अपोजिशन (विपक्ष)
(b) इन बॉन्डेज
(c) फेमिन
(d) ऐनिमल
सूची-II
(i) प्रोदोष दास गुप्ता
(ii) धनराज भगत
(iii) नागजी पटेल
(iv) राम किंकर बैज
Right Answer: (a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(iii)
धनराज भगत की ‘अपोजिशन’ में दो विरोधी शक्तियों का तनाव ज्यामितीय एवं रैखिक रूपों में व्यक्त हुआ है; वे दिल्ली शिल्पी चक्र के संस्थापक सदस्यों में थे और लकड़ी, प्लास्टर तथा धातु में समान अधिकार रखते थे। प्रोदोष दास गुप्ता की ‘इन बॉन्डेज’ बन्धन एवं मुक्ति की छटपटाहट को मानव आकृति के मरोड़ में ढालती है; वे कलकत्ता ग्रुप के संस्थापक थे। रामकिंकर बैज की ‘फेमिन’ 1943 के बंगाल अकाल की भयावहता का सशक्त दस्तावेज है। नागजी पटेल पत्थर में तराशी गई पशु-आकृतियों तथा वृषभ-रूपों के लिए विख्यात रहे।
Q12. किस भारतीय कलाचार्य ने पुनर्जागरण कला हेतु चित्र सृजन के अतिरिक्त प्राचीन कला साहित्य की ओर भी कला मुनीषियों का ध्यान आकृष्ट किया ?
Right Answer: अबनीन्द्रनाथ टैगोर
अबनीन्द्रनाथ टैगोर बंगाल स्कूल के प्रवर्तक थे और उन्होंने भारतीय कला के पुनर्जागरण हेतु केवल चित्र-सृजन ही नहीं किया, बल्कि कला-मनीषियों का ध्यान प्राचीन भारतीय कला-साहित्य की ओर भी आकृष्ट किया। उन्होंने विष्णुधर्मोत्तर पुराण के चित्रसूत्र तथा षडंग जैसी परम्पराओं का अध्ययन कर ‘बागेश्वरी शिल्प प्रबंध’ नामक व्याख्यान-शृंखला दी, जो भारतीय सौन्दर्यशास्त्र का महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ बनी। ‘भारतमाता’ तथा ‘शाहजहाँ का अन्तिम समय’ उनकी प्रसिद्ध कृतियाँ हैं। उन्होंने जापानी वॉश तकनीक को भारतीय विषयवस्तु के साथ जोड़ा और नन्दलाल बोस, असित कुमार हलधर तथा क्षितीन्द्रनाथ मजूमदार जैसे शिष्यों की एक पूरी पीढ़ी तैयार की।