Fine Art - Indian Art History and Sculpture: 14 MCQs with Answers
Fine Art- Indian Art History and Sculpture
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0%Q11. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए :
सूची-I
(a) अभारतीय कथाओं के चित्र
(b) भारतीय कथाओं के चित्र
(c) ऐतिहासिक चित्र
(d) व्यक्ति चित्र
सूची-II
(i) अकबरनामा
(ii) शबीह
(iii) हम्जानामा
(iv) रज़्मनामा
Right Answer: (a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(ii)
Explanation:
अकबर के चित्रशाला में विविध विषयों पर विपुल कार्य हुआ। अभारतीय अर्थात् फारसी-अरबी कथा-परम्परा का प्रतिनिधित्व ‘हम्जानामा’ करता है, जिसमें अमीर हमजा के साहसिक कारनामों के लगभग चौदह सौ विशाल चित्र सूती कपड़े पर बने। भारतीय कथाओं में महाभारत का फारसी अनुवाद ‘रज़्मनामा’ प्रमुख है, जिसके साथ रामायण एवं पंचतंत्र पर भी कार्य हुआ। ऐतिहासिक चित्रण का श्रेष्ठ उदाहरण अबुल फजल रचित ‘अकबरनामा’ है, जिसमें दरबारी घटनाएँ सजीव रूप में अंकित हैं। व्यक्तिचित्र को ‘शबीह’ कहा जाता था।
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Q12. वह कौन - सी गुफा है जिसमें सम्पूर्ण मूर्तिकला विशेष रूप से शिव - पार्वती को समर्पित है ?
Right Answer: ऐलिफेन्टा
Explanation:
मुम्बई के निकट घारापुरी द्वीप पर स्थित ऐलिफेन्टा की गुफाओं की सम्पूर्ण मूर्तिकला विशेष रूप से शिव को समर्पित है और उनमें शिव-पार्वती से जुड़े प्रसंग प्रधान हैं। इनका निर्माण लगभग छठी से आठवीं शताब्दी के बीच हुआ। यहाँ की सबसे प्रसिद्ध प्रतिमा त्रिमूर्ति सदाशिव है, जो लगभग छह मीटर ऊँची है और शिव के तीन रूपों — सृजन, संरक्षण एवं संहार — को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त अर्धनारीश्वर, गंगाधर, कल्याणसुन्दर अर्थात् शिव-पार्वती विवाह, रावणानुग्रह तथा नटराज के उत्कृष्ट उत्कीर्णन हैं। यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर घोषित किया है।
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Q13. ‘मानसोल्लास’ के किस अध्याय में चित्रकला पर क्रमबद्ध तरीके से विचार किया गया है ?
Right Answer: तीसरे
Explanation:
‘मानसोल्लास’, जिसे ‘अभिलषितार्थ चिन्तामणि’ भी कहा जाता है, बारहवीं शताब्दी में पश्चिमी चालुक्य नरेश सोमेश्वर तृतीय द्वारा रचित विश्वकोशीय ग्रन्थ है। इसमें राजनीति, प्रशासन, रत्नपरीक्षा, पाक, चिकित्सा, संगीत, नृत्य, क्रीड़ा तथा चित्रकला सहित अनेक विषय समाहित हैं और इसे भारत का आरम्भिक विश्वकोश माना जाता है। इसके तीसरे अध्याय अर्थात् विंशति में चित्रकला पर क्रमबद्ध ढंग से विचार किया गया है, जिसमें चित्र के प्रकार, रंगों की तैयारी, भित्ति-निर्माण तथा चित्रकार के गुणों की चर्चा है। यह चित्रसूत्र परम्परा की महत्त्वपूर्ण कड़ी है।
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Q14. ‘चित्रलक्षण’ का रचनाकाल माना जाता है :
Right Answer: 600 ई० पूर्व से 200 ई० पूर्व के मध्य
Explanation:
‘चित्रलक्षण’ भारतीय चित्रकला का प्राचीनतम उपलब्ध शास्त्रीय ग्रन्थ माना जाता है और इसका रचनाकाल सामान्यतः 600 ईसा पूर्व से 200 ईसा पूर्व के मध्य स्वीकार किया जाता है। मूल संस्कृत ग्रन्थ अब उपलब्ध नहीं है; उसका तिब्बती अनुवाद ‘तंजूर’ में सुरक्षित रहा, जिससे इसका ज्ञान हुआ। इसमें चित्रकला की उत्पत्ति की कथा, आकृतियों के लक्षण, अंग-प्रत्यंग के माप तथा अनुपात का विस्तृत विवेचन है। परम्परा इसे नग्नजित से जोड़ती है। आगे चलकर विष्णुधर्मोत्तर पुराण का चित्रसूत्र भारतीय चित्रकला का सर्वाधिक विस्तृत शास्त्र बना।
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