Environmental Studies - ईवीएस शिक्षाशास्त्र: 26 MCQs with Answers

ईवीएस शिक्षाशास्त्र - Environmental Studies
Environmental Studies - ईवीएस शिक्षाशास्त्र

Environmental Studies- ईवीएस शिक्षाशास्त्र

पर्यावरण अध्ययन शिक्षण एवं शिक्षाशास्त्र से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न, उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या सहित — HTET, CTET एवं अन्य शिक्षक पात्रता परीक्षाओं हेतु।

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Q11. निम्नलिखित में से कौन-सा मीडिया संसाधन EVS शिक्षा के लिए प्रभावी माना जा सकता है ?

Right Answer: नेशनल ज्योग्राफिक चैनल


Explanation:

मीडिया संसाधन से आशय जनसंचार के उन माध्यमों से है जो सूचना एवं दृश्य-श्रव्य सामग्री प्रस्तुत करते हैं। नेशनल ज्योग्राफिक चैनल इसी श्रेणी में आता है, क्योंकि यह वन्य जीवन, पर्यावरण, भूगोल एवं संस्कृति पर उच्च गुणवत्ता के वृत्तचित्र प्रसारित करता है, जिनसे बालक दूरस्थ स्थानों एवं दुर्लभ जीवों को सजीव रूप में देख सकता है। मॉडल एक शिक्षण सहायक सामग्री है, नदी एक प्राकृतिक संसाधन है तथा कैमरा एक उपकरण है। अतः विकल्प (3) सही उत्तर है।
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Q12. प्राथमिक स्तर पर EVS सामग्री को व्यवस्थित करने के लिए किस प्रकार की विषय-वस्तु का उपयोग किया जाता है ?

Right Answer: पाठ्यक्रम आधारित विषय-वस्तु जैसे भोजन, आवास, पानी आदि


Explanation:

प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन को विज्ञान, सामाजिक अध्ययन एवं पर्यावरण शिक्षा के पृथक् विषयों में नहीं बाँटा जाता, बल्कि इसे एकीकृत रूप में पढ़ाया जाता है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के अनुसार इसकी विषय-वस्तु छह मुख्य थीमों के चारों ओर व्यवस्थित की गई है — परिवार एवं मित्र, भोजन, आवास, पानी, यात्रा तथा वे चीज़ें जो हम बनाते और करते हैं। ये थीम बालक के दैनिक अनुभव से जुड़ी होती हैं, जिससे अधिगम अर्थपूर्ण बनता है। अतः विकल्प (3) सही है।
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Q13. निम्नलिखित में से कौन-सा ईवीएस (पर्यावरण अध्ययन) में मूल्यांकन के लिए विद्यार्थियों के अनुभवों की अभिव्यक्ति का संकेतक नहीं है ?

Right Answer: अनुमान


Explanation:

प्राथमिक स्तर पर बालक अपने अनुभव अनेक रूपों में व्यक्त करता है, इसलिए मूल्यांकन में केवल लिखित परीक्षा पर निर्भर नहीं रहा जाता। चित्रकला के माध्यम से वह जो देखा उसे आकृति में उतारता है, शारीरिक गतियों एवं अभिनय से वह घटनाओं का नाट्य रूपांतरण करता है, तथा रचनात्मक लेखन से वह अपनी अनुभूति शब्दों में ढालता है — ये तीनों अभिव्यक्ति के प्रत्यक्ष संकेतक हैं। अनुमान लगाना एक आंतरिक चिंतन-प्रक्रिया है, अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं। अतः विकल्प (4) सही है।
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Q14. चार चरण जिनका पालन करके गतिविधि-आधारित अधिगम का अभ्यास किया जाता है, वे हैं : (a) योजना बनाना (b) गतिविधि कराना (c) प्रक्रिया पर विचार करना (d) सुधार करना — सही क्रम है :

Right Answer: a, b, c और d


Explanation:

गतिविधि-आधारित अधिगम एक चक्रीय प्रक्रिया है, जिसका क्रम तार्किक रूप से निर्धारित है। सर्वप्रथम शिक्षक उद्देश्य, सामग्री एवं समय को ध्यान में रखकर योजना बनाता है। इसके पश्चात् बालकों से वह गतिविधि वास्तव में करवाई जाती है। गतिविधि पूरी होने पर शिक्षक एवं विद्यार्थी मिलकर इस पर विचार करते हैं कि क्या ठीक रहा और कहाँ कठिनाई आई। अंत में इस चिंतन के आधार पर आवश्यक सुधार करके अगली बार उसे और प्रभावी बनाया जाता है। अतः सही क्रम a, b, c, d है और विकल्प (1) सही है।
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Q15. निम्नलिखित में से कौन-सी EVS कक्षाओं की अनुशंसित विशेषता नहीं है ?

Right Answer: प्रत्यक्ष जानकारी और परिभाषाओं पर जोर


Explanation:

पर्यावरण अध्ययन की कक्षा रचनावादी दृष्टिकोण पर आधारित होती है, जिसमें बालक स्वयं करके, देखकर एवं प्रश्न पूछकर ज्ञान का निर्माण करता है। दृश्य सामग्री का उपयोग अवधारणा को मूर्त बनाता है, बालकों की सक्रिय भागीदारी अधिगम को स्थायी बनाती है, तथा विद्यालयी ज्ञान को उसके स्थानीय एवं घरेलू अनुभव से जोड़ना उसे अर्थपूर्ण बनाता है। इसके विपरीत केवल तैयार जानकारी एवं परिभाषाएँ रटाना परंपरागत शिक्षक-केन्द्रित पद्धति है, जो अनुशंसित नहीं। अतः विकल्प (2) सही उत्तर है।
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Q16. निम्नलिखित में से कौन-सी EVS (पर्यावरण अध्ययन) की विशेषता नहीं है ?

Right Answer: यह शिक्षक-केन्द्रित है


Explanation:

पर्यावरण अध्ययन की मूल प्रकृति बाल-केन्द्रित है, जिसमें बालक निष्क्रिय श्रोता नहीं बल्कि सक्रिय अन्वेषक होता है और अपने प्रश्नों, अवलोकनों तथा अनुभवों से ज्ञान का निर्माण करता है। यह संदर्भात्मक भी है, क्योंकि इसकी विषय-वस्तु बालक के अपने परिवेश, परिवार एवं समुदाय से जुड़ी होती है। साथ ही यह विज्ञान, सामाजिक अध्ययन एवं पर्यावरण शिक्षा को एक साथ जोड़कर एकीकृत रूप में प्रस्तुत करता है। शिक्षक-केन्द्रित होना इसकी विशेषता नहीं, बल्कि इसके विपरीत है। अतः विकल्प (1) सही है।
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Q17. आलोचनात्मक सोच और पूछताछ आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिये EVS में कौन-सा शिक्षण दृष्टिकोण सबसे प्रभावी है ?

Right Answer: अनुभवात्मक शिक्षा और चर्चाएँ


Explanation:

पर्यावरण अध्ययन में आलोचनात्मक सोच और पूछताछ आधारित शिक्षा तभी विकसित होती है जब बालक स्वयं करके सीखे, प्रश्न पूछे और साथियों से चर्चा करे। अनुभवात्मक शिक्षा में वह क्षेत्र भ्रमण, प्रयोग तथा प्रत्यक्ष निरीक्षण द्वारा ज्ञान अर्जित करता है और चर्चा के माध्यम से अपने विचार परखता है। इसके विपरीत व्याख्यान आधारित निर्देश तथा शिक्षक केन्द्रित दृष्टिकोण में बालक निष्क्रिय श्रोता रहता है, जबकि मानकीकृत परीक्षण केवल स्मरण मापता है और जिज्ञासा को प्रोत्साहित नहीं करता। अतः तीसरा विकल्प सबसे प्रभावी है।
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Q18. EVS रोल-प्ले गतिविधि में इसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिये शिक्षकों को क्या करना चाहिये ?

Right Answer: छात्रों को विभिन्न भूमिकाएँ तलाशने और अपने निर्णय स्वयं लेने की अनुमति देना।


Explanation:

रोल-प्ले अर्थात भूमिका निर्वाह एक सक्रिय शिक्षण तकनीक है, जिसमें छात्र किसी पात्र या परिस्थिति को स्वयं जीकर समझते हैं। इसकी सफलता तभी संभव है जब उन्हें विभिन्न भूमिकाएँ तलाशने और अपने निर्णय स्वयं लेने की स्वतंत्रता मिले, क्योंकि इससे सहानुभूति, कल्पनाशीलता तथा निर्णय क्षमता विकसित होती है। यदि शिक्षक कठोर स्क्रिप्ट थमा दे या छात्रों के कार्यों पर अनावश्यक नियंत्रण रखे, तो गतिविधि यांत्रिक बन जाती है। छात्रों को भाग लेने से हतोत्साहित करना तो पूर्णतः अनुचित है। अतः तीसरा विकल्प सही है।
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Q19. पर्यावरण संरक्षण के बारे में पढ़ाते समय सीखने की प्रक्रिया में सहानुभूति क्या भूमिका निभाती है ?

Right Answer: पर्यावरणीय मुद्दों में सभी हितधारकों के दृष्टिकोण को समझने के लिये सहानुभूति आवश्यक है।


Explanation:

पर्यावरण संरक्षण केवल तथ्यों की जानकारी का विषय नहीं, बल्कि मूल्यों और संवेदनाओं से जुड़ा विषय है। सहानुभूति के कारण विद्यार्थी किसान, वनवासी, मछुआरे, उद्योगपति तथा भावी पीढ़ी जैसे सभी हितधारकों के दृष्टिकोण को समझ पाता है और यह अनुभव कर पाता है कि किसी निर्णय का किस पर क्या प्रभाव पड़ेगा। इससे वह संतुलित और उत्तरदायी समाधान सोच पाता है। यह कहना गलत है कि सहानुभूति वस्तुनिष्ठ विश्लेषण में बाधा डालती है या कार्रवाई से रोकती है। अतः चौथा विकल्प सही है।
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Q20. विभिन्न क्षेत्रों में अद्वितीय पर्यावरणीय चुनौतियों और अवसरों का समाधान करने के लिये शिक्षक EVS शिक्षण को कैसे अपना सकते हैं ?

Right Answer: पर्यावरणीय मुद्दों में छात्रों को स्थानीय सन्दर्भ, केस अध्ययन में शामिल करके।


Explanation:

भारत के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों की पर्यावरणीय समस्याएँ अलग हैं, कहीं सूखा है तो कहीं बाढ़, कहीं मरुस्थलीकरण तो कहीं तटीय अपरदन। इसलिए पर्यावरण अध्ययन का शिक्षण स्थानीय सन्दर्भ से जोड़कर ही सार्थक बनता है। जब शिक्षक स्थानीय केस अध्ययन लेता है और छात्रों को अपने आसपास के मुद्दों में सक्रिय रूप से शामिल करता है, तो सीखना जीवन से जुड़ जाता है। सभी के लिए एक जैसा दृष्टिकोण अपनाना, क्षेत्रीय मतभेदों की उपेक्षा करना अथवा चर्चा से बचना अनुचित है। अतः तीसरा विकल्प सही है।
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Published: 27 July 2026 | Last Updated: 19 August 2026 |


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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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I am an educational content creator dedicated to making learning simple, engaging, and accessible for students preparing for competitive exams. He specializes in creating high-quality study materials, including notes, multiple-choice questions (MCQs), previous year question papers, practice tests, and exam-oriented resources.

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