Economy and Banking: 73 MCQs with Answers
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0%Economy and Banking MCQ Questions in Hindi
अर्थव्यवस्था एवं बैंकिंग से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न — भारतीय अर्थव्यवस्था, बैंकिंग तथा अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संगठन।
Q61. नाबार्ड के द्वारा किये गये राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन सर्वेक्षण के अनुसार 2021-22 में कृषि साख में गैर संस्थागत साख का अनुपात क्या था ?
Right Answer: 23.40%
नाबार्ड द्वारा कराए गए राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन सर्वेक्षण के 2021-22 के आँकड़ों के अनुसार कृषि परिवारों द्वारा ली गई साख में गैर-संस्थागत स्रोतों का अनुपात लगभग 23.40 प्रतिशत रहा, अर्थात् शेष लगभग तीन-चौथाई साख बैंकों, सहकारी समितियों तथा सूक्ष्म वित्त संस्थाओं जैसे संस्थागत स्रोतों से प्राप्त हुई। यह पिछले सर्वेक्षण की तुलना में उल्लेखनीय सुधार है और इसका श्रेय किसान क्रेडिट कार्ड, जनधन खातों तथा प्राथमिकता क्षेत्र ऋण नीति को दिया जाता है। गैर-संस्थागत स्रोतों में साहूकार, व्यापारी तथा रिश्तेदार आते हैं, जिनकी ब्याज दरें अत्यधिक ऊँची होती हैं।
Q62. निम्न में से कौन - सा कथन r 2 के बारे में सही नहीं है ?
Right Answer: r 2 का मान +1 व − 1 के बीच रहता है।
सहसंबंध गुणांक के वर्ग को निश्चय गुणांक कहा जाता है और यह बताता है कि आश्रित चर के कुल विचरण का कितना भाग स्वतंत्र चर द्वारा समझाया जा सकता है, अर्थात् यह व्याख्येय विचरण तथा कुल विचरण का अनुपात है। इसमें से एक घटाने पर अनिश्चय गुणांक प्राप्त होता है, जो अस्पष्ट रह गए विचरण का भाग दर्शाता है। चौथा कथन गलत है, क्योंकि किसी संख्या का वर्ग कभी ऋणात्मक नहीं होता; अतः निश्चय गुणांक का मान सदैव शून्य तथा एक के बीच रहता है। धन एक और ऋण एक के बीच तो स्वयं सहसंबंध गुणांक का मान रहता है।
Q63. भारत में पहली व्यवस्थित जनगणना पूरे देश में समान पद्धति से कब की गई थी ?
Right Answer: 1872
भारत में पहली व्यवस्थित जनगणना 1872 में लॉर्ड मेयो के काल में सम्पन्न हुई और इसे देशव्यापी स्तर पर समान पद्धति अपनाकर कराया गया, यद्यपि यह एक ही समय पर सर्वत्र नहीं हो सकी और कुछ क्षेत्र छूट भी गए। इसीलिए इसे प्रथम गैर-समकालिक जनगणना कहा जाता है। 1881 में लॉर्ड रिपन के काल में डब्ल्यू० सी० प्लाउडेन के निर्देशन में पहली समकालिक एवं सम्पूर्ण जनगणना हुई और तभी से यह प्रत्येक दस वर्ष पर अबाध रूप से होती आई है। स्वतंत्र भारत की पहली जनगणना 1951 में हुई।
Q64. अटल भूजल योजना .......... की सहायता से लागू की जा रही है।
Right Answer: विश्व बैंक
अटल भूजल योजना दिसम्बर 2019 में आरम्भ की गई और यह विश्व बैंक की वित्तीय सहायता से लागू की जा रही है। इसकी कुल लागत छह हजार करोड़ रुपये है, जिसमें आधी राशि विश्व बैंक का ऋण तथा आधी केन्द्र सरकार का अंशदान है। यह योजना जल शक्ति मंत्रालय के अन्तर्गत सात राज्यों — हरियाणा, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश — के भूजल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में चलाई जा रही है। इसकी विशेषता यह है कि यह समुदाय-आधारित है और ग्राम पंचायत स्तर पर जल सुरक्षा योजना बनाकर माँग-पक्ष के प्रबन्धन पर बल देती है।
Q65. निम्न में से कौन - सा उपाय 1991 में भारत में अपनायी गई उदारीकरण नीति का भाग नहीं था ?
Right Answer: विनिवेश
1991 में अपनाई गई नई आर्थिक नीति के तीन स्तम्भ थे — उदारीकरण, निजीकरण तथा वैश्वीकरण। उदारीकरण के अन्तर्गत औद्योगिक लाइसेंस प्रणाली लगभग समाप्त कर दी गई, आयात-निर्यात पर लगे मात्रात्मक प्रतिबन्ध हटाए गए, शुल्क दरें घटाई गईं तथा रुपये को क्रमशः परिवर्तनशील विनिमय दर व्यवस्था में लाया गया। विनिवेश अर्थात् सार्वजनिक उपक्रमों की हिस्सेदारी बेचना उदारीकरण नहीं, बल्कि निजीकरण की नीति का अंग है, जिसका उद्देश्य निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना तथा सरकारी उपक्रमों की दक्षता सुधारना था।
Q66. ‘से कम’ तथा ‘से अधिक’ ओजाइव वक्रों के कटान बिंदु से ............ का मूल्य प्राप्त होता है।
Right Answer: मध्यकता
संचयी बारम्बारता वक्र को ओजाइव कहा जाता है और इसे दो प्रकार से खींचा जाता है। ‘से कम’ ओजाइव में प्रत्येक वर्ग की ऊपरी सीमा के सामने उससे कम की संचयी बारम्बारता ली जाती है और वक्र ऊपर की ओर चढ़ता है। ‘से अधिक’ ओजाइव में निम्न सीमा के सामने उससे अधिक की संचयी बारम्बारता ली जाती है और वक्र नीचे की ओर उतरता है। जिस बिन्दु पर ये दोनों वक्र एक-दूसरे को काटते हैं, वहाँ से X-अक्ष पर डाला गया लम्ब मध्यका अर्थात् माध्यिका का मान देता है, क्योंकि उसी बिन्दु पर आधे प्रेक्षण नीचे और आधे ऊपर होते हैं।
Q67. आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार 2022-23 में देश के किस राज्य में गरीबी का अनुपात सर्वाधिक तथा किस राज्य में सबसे कम था ?
Right Answer: बिहार, केरल
बहुआयामी गरीबी के नवीनतम अनुमानों के अनुसार 2022-23 में बिहार में गरीबी का अनुपात देश में सर्वाधिक तथा केरल में सबसे कम रहा। बिहार में यह लगभग 26.6 प्रतिशत था, जबकि केरल में एक प्रतिशत से भी कम। बिहार की ऊँची गरीबी के प्रमुख कारण निम्न प्रति व्यक्ति आय, कमजोर औद्योगिक आधार, अधिक जनसंख्या घनत्व तथा पोषण एवं विद्यालयी उपस्थिति के संकेतकों में पिछड़ापन हैं। दूसरी ओर केरल में उच्च साक्षरता, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ, प्रभावी सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा प्रेषित धन का प्रवाह गरीबी को न्यूनतम स्तर पर बनाए रखते हैं।
Q68. कौन - सा कीमत सूचकांक समय उत्क्राम्यता व तत्व उत्क्राम्यता दोनों को संतुष्ट करता है ?
Right Answer: फिशर का सूचकांक
फिशर का सूचकांक लास्पेयर्स तथा पाशे सूचकांकों का गुणोत्तर माध्य होता है और इसी कारण यह दोनों की पक्षपात-प्रवृत्तियों को सन्तुलित कर देता है। लास्पेयर्स सूचकांक आधार वर्ष की मात्राओं को भार मानता है और मूल्यवृद्धि को अधिक आँकता है, जबकि पाशे सूचकांक चालू वर्ष की मात्राओं का उपयोग करता है और उसे कम आँकता है। केवल फिशर का सूचकांक ही समय उत्क्राम्यता तथा तत्व उत्क्राम्यता दोनों कसौटियों को संतुष्ट करता है, इसीलिए इसे आदर्श सूचकांक कहा जाता है। यह वृत्तीय कसौटी को अवश्य संतुष्ट नहीं करता।
Q69. यदि सभी अवलोकनों को 2 से गुणा कर दिया जाय, तो :
Right Answer: नया प्रमाप विचलन भी 2 से गुणा हो जायेगा
प्रमाप विचलन मापन के पैमाने पर निर्भर करता है। यदि प्रत्येक अवलोकन को किसी अचर संख्या से गुणा कर दिया जाए तो माध्य भी उसी संख्या से गुणित हो जाता है और प्रत्येक विचलन भी उसी अनुपात में बढ़ जाता है। परिणामस्वरूप नया प्रमाप विचलन पुराने प्रमाप विचलन का उसी अचर गुना हो जाता है। यहाँ सभी अवलोकनों को दो से गुणा किया गया है, अतः नया प्रमाप विचलन भी पुराने का दुगुना होगा। ध्यातव्य है कि विचरण गुणांक इस स्थिति में अपरिवर्तित रहता है, क्योंकि प्रमाप विचलन एवं माध्य दोनों समान अनुपात में बदल जाते हैं।
Q70. आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार 2022-23 में देश में गरीबी का अनुपात क्या था ?
Right Answer: 11.3%
नीति आयोग के राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक के आधार पर 2022-23 में देश में गरीबी का अनुपात घटकर लगभग 11.28 प्रतिशत अर्थात् 11.3 प्रतिशत रह गया, जो 2013-14 में 29.17 प्रतिशत था। इस प्रकार नौ वर्षों में लगभग 24.82 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले। यह सूचकांक ऑक्सफोर्ड गरीबी एवं मानव विकास पहल तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की पद्धति पर आधारित है और स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जीवन-स्तर के बारह संकेतकों से बनता है। इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार तथा मध्य प्रदेश में सर्वाधिक गिरावट दर्ज हुई।