Economy and Banking: 73 MCQs with Answers
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0%Economy and Banking MCQ Questions in Hindi
अर्थव्यवस्था एवं बैंकिंग से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न — भारतीय अर्थव्यवस्था, बैंकिंग तथा अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संगठन।
Q51. भारत में ई - नाम (eNAM) को लागू करने वाली प्रमुख एजेंसी है :
Right Answer: लघु कृषक कृषि व्यापार संघ
राष्ट्रीय कृषि बाजार अर्थात् ई-नाम को लागू करने वाली प्रमुख एजेंसी लघु कृषक कृषि व्यापार संघ है, जो कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन कार्य करती है। ई-नाम 14 अप्रैल 2016 को आरम्भ किया गया एक अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक व्यापार पोर्टल है, जो देश की कृषि उपज मण्डी समितियों को एक एकीकृत ऑनलाइन बाजार से जोड़ता है। इसका उद्देश्य किसानों को अपनी उपज देशभर के क्रेताओं को बेचने की सुविधा देना, मूल्य में पारदर्शिता लाना तथा बिचौलियों की भूमिका घटाना है। इसमें ऑनलाइन बोली, गुणवत्ता जाँच तथा सीधे बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था है।
Q52. भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कौन हैं ?
Right Answer: मृत्युंजय कुमार नारायण
भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण हैं। यह पद गृह मंत्रालय के अधीन आता है और इसका दायित्व दशकीय जनगणना कराना, जन्म-मृत्यु का पंजीकरण देखना, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर तैयार करना तथा नमूना पंजीकरण प्रणाली के माध्यम से जन्म दर, मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर के अनुमान जारी करना है। इस कार्यालय की स्थापना 1961 में हुई थी। भारत में जनगणना 1872 से प्रत्येक दस वर्ष पर होती आई है; 2021 की प्रस्तावित जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी।
Q53. यदि सभी अवलोकन 10 से बढ़ा दिये जायें, तो :
Right Answer: प्रमाप विचलन, माध्य विचलन व चतुर्थक विचलन अपरिवर्तित रहेंगे
अपकिरण के माप यह बताते हैं कि आँकड़े अपने केन्द्रीय मान के चारों ओर कितने फैले हुए हैं। यदि प्रत्येक अवलोकन में एक ही अचर संख्या जोड़ दी जाए तो सम्पूर्ण वितरण अपना आकार बनाए रखते हुए संख्या-रेखा पर उतना ही खिसक जाता है। इससे प्रत्येक मान तथा उसके माध्य के बीच की दूरी अपरिवर्तित रहती है। परिणामस्वरूप प्रमाप विचलन, माध्य विचलन तथा चतुर्थक विचलन तीनों ज्यों के त्यों बने रहते हैं। हाँ, माध्य, माध्यिका तथा बहुलक जैसे केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप उसी अचर संख्या से बढ़ जाते हैं।
Q54. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए तथा नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए :
सूची-I
(a) उत्पादन संभावना वक्र के अंदर बिंदु
(b) उत्पादन संभावना वक्र के बाहर बिंदु
(c) उत्पादन संभावना वक्र का बाहर की ओर विवर्तन
(d) उत्पादन संभावना वक्र पर बिंदु
सूची-II
(i) संसाधनों में वृद्धि व तकनीकी विकास
(ii) बेरोजगारी
(iii) अप्राप्य संयोग
(iv) उत्पादन कुशलता
Right Answer: (a-ii) (b-iii) (c-i) (d-iv)
उत्पादन संभावना वक्र के अन्दर स्थित बिन्दु यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था अपने साधनों का पूर्ण उपयोग नहीं कर रही, अर्थात् वहाँ बेरोजगारी अथवा अकुशलता विद्यमान है। वक्र के बाहर का बिन्दु वर्तमान साधनों एवं तकनीक से अप्राप्य संयोग होता है। जब साधनों में वृद्धि हो अथवा तकनीकी विकास हो तो सम्पूर्ण वक्र ही बाहर की ओर विवर्तित हो जाता है, जिसे आर्थिक संवृद्धि कहते हैं। वक्र पर स्थित कोई भी बिन्दु उत्पादन कुशलता को दर्शाता है, क्योंकि वहाँ एक वस्तु का उत्पादन दूसरी को घटाए बिना नहीं बढ़ाया जा सकता।
Q55. 2020 में किसी कर्मचारी की मासिक आय 8,000 रुपये थी। उस वर्ष उपभोक्ता कीमत सूचकांक 160 था, जो 2024 में बढ़कर 200 हो गया। कीमत वृद्धि की पूर्ण क्षतिपूर्ति हेतु उसे कितना अतिरिक्त महंगाई भत्ता दिया जाना चाहिए ?
Right Answer: 2,000 रु०
कीमत वृद्धि की पूर्ण क्षतिपूर्ति का अर्थ है कि कर्मचारी की वास्तविक क्रय-शक्ति पहले जैसी बनी रहे। इसके लिए नई मौद्रिक आय को पुरानी आय तथा सूचकांकों के अनुपात के गुणनफल के बराबर होना चाहिए। यहाँ पुरानी आय 8,000 रुपये, आधार वर्ष का सूचकांक 160 तथा चालू वर्ष का सूचकांक 200 है। अतः आवश्यक नई आय 8,000 गुणा 200 बटा 160 अर्थात् 10,000 रुपये होगी। इसमें से मूल आय 8,000 रुपये घटाने पर अतिरिक्त महंगाई भत्ता 2,000 रुपये प्राप्त होता है, जो मूल वेतन का 25 प्रतिशत है।
Q56. यदि सभी पदों के मूल्य समान न हों, तो माध्य, गुणोत्तर माध्य तथा हरात्मक माध्य के बीच संबंध को दर्शाया जा सकता है :
Right Answer: X > GM > HM
किसी धनात्मक श्रेणी के तीन प्रमुख माध्यों के बीच एक निश्चित असमिका सदैव लागू होती है — समान्तर माध्य गुणोत्तर माध्य से और गुणोत्तर माध्य हरात्मक माध्य से बड़ा या बराबर होता है। तीनों तभी ठीक बराबर होते हैं जब श्रेणी के सभी पदों के मूल्य आपस में समान हों। प्रश्न में स्पष्ट कहा गया है कि सभी पदों के मूल्य समान नहीं हैं, अतः समता की स्थिति समाप्त हो जाती है और सम्बन्ध कठोर असमिका के रूप में लिखा जाएगा, अर्थात् समान्तर माध्य गुणोत्तर माध्य से तथा गुणोत्तर माध्य हरात्मक माध्य से निश्चित रूप से बड़ा होगा।
Q57. भारतीय योजनाओं का निर्माता किसे कहा जाता है ?
Right Answer: पी० सी० महालनोबिस
प्रशान्त चन्द्र महालनोबिस को भारतीय योजना का निर्माता अथवा शिल्पकार कहा जाता है। उन्होंने भारतीय सांख्यिकी संस्थान की स्थापना की और द्वितीय पंचवर्षीय योजना का ढाँचा तैयार किया, जिसे महालनोबिस प्रतिरूप कहा जाता है। इस द्विक्षेत्रीय एवं बाद में चतुष्क्षेत्रीय प्रतिरूप में भारी एवं आधारभूत उद्योगों को प्राथमिकता देकर दीर्घकालीन आत्मनिर्भर संवृद्धि का मार्ग सुझाया गया। सांख्यिकी में उन्होंने ‘महालनोबिस दूरी’ तथा वृहत् नमूना सर्वेक्षण की तकनीक दी। उनके जन्मदिन 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है।
Q58. दो गुणों में सहसंबंध ज्ञात करने के लिए प्रयुक्त होता है :
Right Answer: स्पियरमैन का कोटि सहसंबंध गुणांक
जब दो विशेषताएँ गुणात्मक हों, जैसे सौन्दर्य, ईमानदारी अथवा बुद्धिमत्ता, तब उन्हें संख्या में मापा नहीं जा सकता, केवल क्रम अथवा कोटि दी जा सकती है। ऐसी स्थिति में सहसंबंध ज्ञात करने के लिए स्पियरमैन का कोटि सहसंबंध गुणांक प्रयुक्त होता है, जो मूल मानों के स्थान पर कोटियों के अन्तर पर आधारित होता है। कार्ल पियर्सन का गुणांक तभी लागू होता है जब आँकड़े संख्यात्मक रूप में उपलब्ध हों। स्पियरमैन विधि चरम मानों से भी प्रभावित नहीं होती। इसके गुणांक का मान भी सदैव धन एक तथा ऋण एक के बीच रहता है।
Q59. भारत में योजना आयोग का गठन कब हुआ था ?
Right Answer: 15 मार्च, 1950
भारत में योजना आयोग का गठन 15 मार्च 1950 को केन्द्रीय मंत्रिमण्डल के एक प्रस्ताव द्वारा किया गया। यह न तो संवैधानिक निकाय था और न ही सांविधिक, बल्कि एक परामर्शदात्री संस्था थी। प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष होते थे तथा एक पूर्णकालिक उपाध्यक्ष इसका वास्तविक संचालन करता था। इसका कार्य देश के साधनों का आकलन कर पंचवर्षीय योजनाएँ तैयार करना था; पहली पंचवर्षीय योजना 1951 में आरम्भ हुई, जो हैरॉड-डोमर प्रतिरूप पर आधारित एवं कृषि-केन्द्रित थी। 1 जनवरी 2015 को इसके स्थान पर नीति आयोग की स्थापना कर दी गई।
Q60. यदि थोड़े से असममित बंटन में माध्य 20 तथा बहुलक 18 हो, तो माध्यिका होगी :
Right Answer: 19.33
थोड़े से असममित अर्थात् मध्यम रूप से विषम बंटन में तीनों केन्द्रीय प्रवृत्तियों के बीच कार्ल पियर्सन का आनुभविक सम्बन्ध लागू होता है, जिसके अनुसार बहुलक तीन गुणा माध्यिका में से दो गुणा माध्य घटाने पर प्राप्त होता है। इसी को माध्यिका के लिए हल करने पर माध्यिका बराबर दो गुणा माध्य जोड़ बहुलक को तीन से भाग देने पर मिलती है। यहाँ माध्य 20 तथा बहुलक 18 है, अतः दो गुणा 20 अर्थात् 40 में 18 जोड़ने पर 58 आता है और उसे तीन से भाग देने पर 19.33 प्राप्त होता है। इस प्रकार माध्यिका सदैव माध्य तथा बहुलक के बीच स्थित रहती है।