Physics: 27 MCQs with Answers

Physics Quiz
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Physics quiz covering HTET PGT Physics 2024 Solved Exam Paper questions with detailed explanations.

Q11. एक रेडियोधर्मी तत्त्व का क्षयांक 'λ' 0.00231 प्रतिदिन है। इसका अर्द्ध-आयुकाल (दिनों में) और औसत आयुकाल (दिनों में) क्रमशः है :

Right Answer: 300, 432.9


Explanation:

अर्द्ध-आयुकाल (Half-life period) T½ = 0.693/λ = 0.693/0.00231 = 300 दिन। औसत आयुकाल (Average life period) τ = 1/λ = 1/0.00231 ≈ 432.9 दिन। इसलिए सही विकल्प 300 और 432.9 है।
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Q12. जब एक लौह चुम्बकीय पदार्थ 'शैथिल्य लूप' से गुजरता है, तो इसकी चुम्बकीय सुग्राह्यता नहीं हो सकती है :

Right Answer: ऋणात्मक


Explanation:

लौह चुम्बकीय (ferromagnetic) पदार्थों की चुम्बकीय सुग्राह्यता (χ) धनात्मक और बहुत अधिक होती है। शैथिल्य लूप (Hysteresis loop) के दौरान, सुग्राह्यता χ = M/H बदलती है (यह शून्य या अनंत भी हो सकती है), लेकिन यह कभी भी ऋणात्मक (negative) नहीं होती। ऋणात्मक सुग्राह्यता केवल प्रतिचुम्बकीय (diamagnetic) पदार्थों का गुण है।
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Q13. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए :

तरंग/विकिरण

(A) दृश्य प्रकाश
(B) रेडियो तरंगें
(C) पराबैंगनी
(D) अवरक्त

उत्पादन का प्रकार

(I) परमाणुओं और अणुओं का कंपन।
(II) किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉन जब एक ऊर्जा स्तर से निम्न ऊर्जा स्तर की ओर बढ़ते हैं तो प्रकाश उत्सर्जित करते हैं।
(III) एक परमाणु में आंतरिक कोश का इलेक्ट्रॉन एक ऊर्जा स्तर से निचले ऊर्जा स्तर की ओर बढ़ता है।
(IV) चालकों में e का तीव्र त्वरण और मंदन।

Right Answer: (A)-(II), (B)-(IV), (C)-(III), (D)-(I)


Explanation:

दृश्य प्रकाश: बाहरी कोश के इलेक्ट्रॉनों के संक्रमण (II) से उत्पन्न होता है। रेडियो तरंगें: चालकों में इलेक्ट्रॉनों के तीव्र त्वरण और मंदन (IV) से उत्पन्न होती हैं। पराबैंगनी किरणें: आंतरिक कोश के इलेक्ट्रॉनों के संक्रमण (III) से उत्पन्न होती हैं। अवरक्त किरणें: परमाणुओं और अणुओं के कंपन (I) से उत्पन्न होती हैं।
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Q14. एक आदर्श वायु-क्रोड परिनालिका की त्रिज्या 2.0 cm, लम्बाई 12.0 cm और फेरों की संख्या 9000 है। परिनालिका में 2.0 A धारा प्रवाहित होती है। परिनालिका में संग्रहित ऊर्जा (जूल में) है :

Right Answer: 2.1


Explanation:

परिनालिका का प्रेरकत्व L = μ₀N²A/l है। यहाँ N = 9000, l = 0.12 m, और क्षेत्रफल A = πr² = π × (0.02)² = 4π × 10⁻⁴ m²। इसे हल करने पर प्रेरकत्व L ≈ 1.066 H प्राप्त होता है। संग्रहित ऊर्जा का सूत्र U = (1/2)LI² है। U = (1/2) × 1.066 × (2)² = 1.066 × 2 = 2.132 जूल। जो लगभग 2.1 के बराबर है।
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Q15. पॉजिट्रोनियम 'परमाणु' एक निकाय है जिसमें एक पॉजिट्रॉन और एक इलेक्ट्रॉन होते हैं जो एक-दूसरे की परिक्रमा करते हैं। पॉजिट्रोनियम में वर्णक्रमीय रेखाओं की तरंगदैर्ध्य हाइड्रोजन परमाणु में सम्बन्धित रेखाओं की तरंगदैर्ध्य से 'n' गुना है। 'n' का मान है :

Right Answer: 2


Explanation:

किसी भी परमाणु के लिए रिडबर्ग नियतांक (Rydberg constant) उसके घटे हुए द्रव्यमान (reduced mass) μ के अनुक्रमानुपाती होता है। हाइड्रोजन के लिए प्रोटॉन भारी होने के कारण μ_H ≈ m_e (इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान) होता है। पॉजिट्रोनियम में दोनों कणों का द्रव्यमान समान (m_e) होता है, इसलिए इसका घटा हुआ द्रव्यमान μ_P = (m_e × m_e)/(m_e + m_e) = m_e/2 होता है। तरंगदैर्ध्य λ ∝ 1/μ होता है। अतः λ_P = (μ_H/μ_P) λ_H = (m_e/(m_e/2)) λ_H = 2λ_H। इसलिए n का मान 2 है।
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Q16. निम्नलिखित में से कौन-सा 'आयाम के विभाजन' द्वारा कला सम्बद्ध स्रोत उत्पन्न करने की विधि है ?

Right Answer: न्यूटन वलय प्रयोग


Explanation:

कला सम्बद्ध (coherent) स्रोत प्राप्त करने की दो मुख्य विधियाँ होती हैं: तरंगाग्र का विभाजन (division of wavefront) और आयाम का विभाजन (division of amplitude)। यंग का द्वि-स्लिट प्रयोग, फ्रेनेल द्वि-प्रिज्म और लॉयड दर्पण इन सभी में तरंगाग्र का विभाजन होता है। जबकि न्यूटन वलय (Newton's rings) प्रयोग में पतली फिल्म (हवा की परत) से आंशिक परावर्तन और अपवर्तन के कारण 'आयाम का विभाजन' होता है।
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Q17. एक n-प्रकार का अर्द्धचालक है:

Right Answer: विद्युतीय उदासीन


Explanation:

कोई भी अर्द्धचालक (चाहे वह n-प्रकार का हो या p-प्रकार का) समग्र रूप से विद्युतीय रूप से उदासीन (electrically neutral) होता है। n-प्रकार में यद्यपि बहुसंख्यक आवेश वाहक इलेक्ट्रॉन (ऋणावेश) होते हैं, लेकिन दाता परमाणु (donor atoms) इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनावेशित आयन बन जाते हैं। इस प्रकार कुल धनावेश और कुल ऋणावेश बराबर होने के कारण सम्पूर्ण क्रिस्टल उदासीन ही रहता है।
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Q18. निम्नलिखित में से कौन-सा विद्युत् चुम्बकीय तरंगों का गुण नहीं है ?

Right Answer: इन तरंगों को विद्युत् या चुम्बकीय क्षेत्र द्वारा विक्षेपित किया जा सकता है।


Explanation:

विद्युत् चुम्बकीय तरंगें (Electromagnetic waves) आवेश रहित (uncharged) होती हैं, जैसे फोटॉन। चूँकि इन पर कोई आवेश नहीं होता, इसलिए इन्हें किसी बाह्य विद्युत् क्षेत्र या चुम्बकीय क्षेत्र द्वारा विक्षेपित (deflect) नहीं किया जा सकता है। बाकी सभी विकल्प ईएम तरंगों के सही गुण हैं।
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Q19. तरंगदैर्ध्य 600 nm का एक प्रकाश पुंज लम्बवत रूप से 0.2 mm चौड़ाई की एक सीधी झिरी (स्लिट) पर गिरता है। 2 m दूर रखे पर्दे पर देखी गई रैखिक चौड़ाई (cm में) है :

Right Answer: 1.2


Explanation:

विवर्तन (diffraction) में केंद्रीय उच्चिष्ठ (central maximum) की रैखिक चौड़ाई का सूत्र W = 2Dλ/a होता है। यहाँ D = 2 m, λ = 600 × 10⁻⁹ m और स्लिट की चौड़ाई a = 0.2 × 10⁻³ m है। मान रखने पर: W = (2 × 2 × 600 × 10⁻⁹)/(0.2 × 10⁻³) = (2400 × 10⁻⁹)/(0.2 × 10⁻³) = 0.012 मीटर। 0.012 मीटर को सेंटीमीटर में बदलने पर 1.2 cm प्राप्त होता है।
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Q20. एक आवेशित कण वेग में परिवर्तन किये बिना गुरुत्वाकर्षण-मुक्त स्थान में गति करता है। निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प संभव नहीं है ?

Right Answer: E≠0, B=0


Explanation:

आवेशित कण पर लगने वाला कुल बल (लॉरेंज बल) F = q(E + v×B) होता है। कण के वेग में परिवर्तन न होने का अर्थ है कि कुल बल शून्य (F=0) है। यदि B=0 हो और E≠0 हो, तो कण पर सदैव qE बल लगेगा, जिससे उसका वेग (या तो परिमाण या दिशा) बदलेगा ही। अतः E≠0, B=0 की स्थिति में कण का बिना वेग बदले गति करना संभव नहीं है।
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Published: | Last Updated: | Total Questions: 27
Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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I am an educational content creator dedicated to making learning simple, engaging, and accessible for students preparing for competitive exams. He specializes in creating high-quality study materials, including notes, multiple-choice questions (MCQs), previous year question papers, practice tests, and exam-oriented resources.

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