Physics - Magnetism and Matter: 4 MCQs with Answers
Physics - Magnetism and Matter
Physics- Magnetism and Matter
Magnetism and Matter - practice MCQ questions with detailed explanations.
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Q1. निम्नलिखित में से कौन नर्म लोहे से नहीं बना है ?
Right Answer: लाउडस्पीकर का चुम्बक
Explanation:
लाउडस्पीकर के चुंबक को स्थायी चुंबक होना चाहिए, जिसके लिए उच्च धारणशीलता (retentivity) और उच्च निग्राहिता (coercivity) वाले पदार्थ जैसे स्टील या एल्निको (Alnico) का उपयोग किया जाता है। दूसरी ओर, नर्म लोहे (soft iron) का उपयोग अस्थायी चुंबक जैसे विद्युत चुंबक, ट्रांसफार्मर कोर और डायनेमो कोर बनाने के लिए किया जाता है क्योंकि इसकी निग्राहिता बहुत कम होती है।
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Q2. यदि एक चुम्बकीय द्विध्रुव m2 को सुग्राह्यता χm के चुम्बकीय पदार्थ में मूलबिंदु पर रखा जाता है। r≠0 पर सहायक क्षेत्र H संतुष्ट करता है :
Right Answer: ∇·H=0, ∇×H=0
Explanation:
r ≠ 0 (मूल बिंदु के बाहर) पर कोई मुक्त धारा (free current) मौजूद नहीं है। एम्पीयर के नियम के अनुसार, ∇×H = J_f, और चूँकि J_f = 0 है, इसलिए ∇×H = 0 होगा। इसके अलावा, एक सजातीय रैखिक माध्यम में (जहाँ चुंबकन M क्षेत्र H के आनुपातिक है), ∇·B = 0 होने के कारण ∇·H = 0 भी होता है। अतः दोनों शून्य होंगे।
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Q3. जब एक लौह चुम्बकीय पदार्थ 'शैथिल्य लूप' से गुजरता है, तो इसकी चुम्बकीय सुग्राह्यता नहीं हो सकती है :
Right Answer: ऋणात्मक
Explanation:
लौह चुम्बकीय (ferromagnetic) पदार्थों की चुम्बकीय सुग्राह्यता (χ) धनात्मक और बहुत अधिक होती है। शैथिल्य लूप (Hysteresis loop) के दौरान, सुग्राह्यता χ = M/H बदलती है (यह शून्य या अनंत भी हो सकती है), लेकिन यह कभी भी ऋणात्मक (negative) नहीं होती। ऋणात्मक सुग्राह्यता केवल प्रतिचुम्बकीय (diamagnetic) पदार्थों का गुण है।
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Q4. एक आवेशित कण वेग में परिवर्तन किये बिना गुरुत्वाकर्षण-मुक्त स्थान में गति करता है। निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प संभव नहीं है ?
Right Answer: E≠0, B=0
Explanation:
आवेशित कण पर लगने वाला कुल बल (लॉरेंज बल) F = q(E + v×B) होता है। कण के वेग में परिवर्तन न होने का अर्थ है कि कुल बल शून्य (F=0) है। यदि B=0 हो और E≠0 हो, तो कण पर सदैव qE बल लगेगा, जिससे उसका वेग (या तो परिमाण या दिशा) बदलेगा ही। अतः E≠0, B=0 की स्थिति में कण का बिना वेग बदले गति करना संभव नहीं है।
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