Home Science - Food and Nutrition: 18 MCQs with Answers
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0%Q11. जैम व जैली बनाने की प्रक्रिया में पेक्टिन ................ की भूमिका निभाता है।
Right Answer: गाढ़ा करने वाला एजेंट
Explanation:
पेक्टिन फलों की कोशिका भित्ति में पाया जाने वाला एक जटिल कार्बोहाइड्रेट है, जो जैम एवं जैली बनाने की प्रक्रिया में गाढ़ा करने वाले तथा जेल बनाने वाले एजेंट की भूमिका निभाता है। उपयुक्त मात्रा में शर्करा तथा उचित अम्लता की उपस्थिति में पेक्टिन के अणु एक त्रिविम जाल बनाकर उसमें तरल को बाँध लेते हैं, जिससे उत्पाद जम जाता है। इसके लिए लगभग एक प्रतिशत पेक्टिन, अड़सठ प्रतिशत शर्करा तथा तीन के आसपास पी-एच आदर्श माने जाते हैं। सेब, अमरूद तथा खट्टे फलों के छिलके पेक्टिन से समृद्ध होते हैं।
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Q12. बुखार के रोगी को किस प्रकार के आहार की आवश्यकता होती है ?
Right Answer: उच्च कैलोरी, प्रोटीन, तरल पदार्थ तथा निम्न वसा
Explanation:
बुखार में शरीर का उपापचय दर बढ़ जाती है; ताप में प्रत्येक एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि पर ऊर्जा की आवश्यकता लगभग तेरह प्रतिशत बढ़ जाती है। इसीलिए रोगी को उच्च कैलोरी युक्त आहार दिया जाता है। ऊतकों के टूटने की क्षतिपूर्ति तथा प्रतिरक्षा हेतु प्रोटीन की मात्रा बढ़ाई जाती है, और पसीने एवं तीव्र श्वसन से हुई जल-हानि तथा विषाक्त पदार्थों के उत्सर्जन के लिए पर्याप्त तरल पदार्थ दिए जाते हैं। वसा कम रखी जाती है, क्योंकि बुखार में पाचन-शक्ति दुर्बल हो जाती है और वसा देर से पचती है। भोजन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार देना उपयुक्त रहता है।
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Q13. खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के अन्तर्गत ........... उद्देश्य या भूमिका सम्मिलित नहीं है।
Right Answer: भोज्य पदार्थों के कच्चे माल की, तैयार माल की तथा बेचने की दर निर्धारित करना।
Explanation:
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 ने पूर्ववर्ती अनेक कानूनों का स्थान लिया और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की स्थापना की। इसका उद्देश्य भोजन के लिए वैज्ञानिक मानक निर्धारित करना, भोज्य पदार्थों के निर्माण, भण्डारण, वितरण एवं विक्रय को नियमित करना, तथा उत्पादन स्थल एवं उसके आसपास स्वच्छता सुनिश्चित करना है, जिससे लोगों को सुरक्षित भोजन मिल सके। कच्चे माल, तैयार माल अथवा विक्रय की दर निर्धारित करना इसके अन्तर्गत नहीं आता, क्योंकि मूल्य नियंत्रण खाद्य सुरक्षा नहीं, बल्कि आवश्यक वस्तु अधिनियम जैसे भिन्न कानूनों का विषय है।
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Q14. निम्नलिखित में से कौन-सा कुपोषण का परिणाम नहीं है ?
Right Answer: ऊर्जा स्तर में वृद्धि
Explanation:
कुपोषण के दुष्परिणाम व्यापक एवं दीर्घकालिक होते हैं। इनमें अवरुद्ध वृद्धि अर्थात् आयु के अनुपात में कम लम्बाई, दुर्बलता, प्रतिरक्षा प्रणाली का कमजोर पड़ना जिससे संक्रमण बार-बार होते हैं, तथा मस्तिष्क के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने से बौद्धिक क्षमता में कमी सम्मिलित है। ऊर्जा स्तर में वृद्धि कुपोषण का परिणाम नहीं हो सकती; इसके विपरीत कुपोषित व्यक्ति में सुस्ती, थकान, ध्यान की कमी तथा कार्यक्षमता में गिरावट देखी जाती है। बच्चों में इससे विद्यालयी उपस्थिति एवं निष्पादन भी प्रभावित होता है।
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Q15. लोहे की आवश्यकता किशोर लड़कियों को किशोर लड़कों की तुलना में अधिक होती है, क्योंकि :
Right Answer: मासिक धर्म के दौरान खून की कमी की भरपाई करनी पड़ती है।
Explanation:
किशोरावस्था में दोनों लिंगों को तीव्र वृद्धि तथा रक्त-आयतन बढ़ने के कारण लोहे की अधिक आवश्यकता होती है, किन्तु किशोर लड़कियों की आवश्यकता लड़कों से अधिक रहती है। इसका मुख्य कारण मासिक धर्म है, जिसके दौरान प्रत्येक चक्र में रक्त के साथ लोहे की उल्लेखनीय मात्रा शरीर से निकल जाती है और उसकी भरपाई आहार से करनी पड़ती है। यही कारण है कि किशोरियों में रक्ताल्पता का प्रचलन सर्वाधिक है। इसीलिए सरकार साप्ताहिक आयरन एवं फोलिक अम्ल अनुपूरण कार्यक्रम चलाती है और विटामिन सी युक्त आहार साथ लेने की सलाह दी जाती है।
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Q16. भण्डारण अवधि बढ़ाने के लिए भोज्य पदार्थ में से जल को हटाया जाता है, इस प्रक्रिया को .......... कहते हैं।
Right Answer: निर्जलीकरण
Explanation:
निर्जलीकरण वह परिरक्षण विधि है जिसमें भोज्य पदार्थ से जल की मात्रा हटाकर उसकी भण्डारण अवधि बढ़ाई जाती है। सूक्ष्मजीवों की वृद्धि तथा एन्जाइमों की क्रिया के लिए जल अनिवार्य है, अतः जल-सक्रियता घटते ही जीवाणु, यीस्ट एवं फफूँद निष्क्रिय हो जाते हैं। यह सूर्य के प्रकाश में सुखाकर, गरम वायु द्वारा, स्प्रे-ड्रायर अथवा फ्रीज-ड्राइंग से किया जाता है। इससे भार एवं आयतन घटने से परिवहन भी सुगम हो जाता है। पापड़, बड़ी, सूखे मेवे तथा दूध पाउडर इसके उदाहरण हैं। पाश्चुरीकरण ऊष्मा से तथा डिब्बाबन्दी वायुरोधी सीलबन्दी से परिरक्षण करते हैं।
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Q17. ........... स्वास्थ्य देखभाल में रोगियों को बीमारी, चोट, सर्जरी और उचित रिकवरी में मदद करता है।
Right Answer: चिकित्सीय पोषण
Explanation:
चिकित्सीय पोषण अर्थात् मेडिकल न्यूट्रिशन थेरेपी स्वास्थ्य देखभाल का वह अंग है जो रोगियों को बीमारी, चोट अथवा शल्यचिकित्सा से उबरने तथा उचित पुनर्लाभ पाने में सहायता करता है। इसमें रोग की प्रकृति, रोगी की पोषण स्थिति तथा उसकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के आधार पर आहार में परिवर्तन किया जाता है — जैसे मधुमेह में कार्बोहाइड्रेट नियंत्रण, वृक्क रोग में प्रोटीन एवं सोडियम की सीमा, तथा शल्यचिकित्सा के बाद उच्च प्रोटीन एवं ऊर्जा। यह औषधि का पूरक है और अस्पताल में रहने की अवधि तथा जटिलताओं को घटाता है।
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Q18. आपदा विश्लेषण एवं संकट नियंत्रण बिन्दु (एच०ए०सी०सी०पी०) (1971) एक तंत्र है जो ............... कार्य करता है।
Right Answer: खाद्य जनित आपदा की रिस्क को कम करने के लिए।
Explanation:
संकट विश्लेषण एवं संकट नियंत्रण बिन्दु प्रणाली 1971 में सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत हुई और मूलतः इसे अन्तरिक्ष यात्रियों के लिए पूर्णतः सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने हेतु विकसित किया गया था। यह खाद्य जनित संकटों के जोखिम को कम करने के लिए कार्य करती है। इसमें अन्तिम उत्पाद की जाँच के स्थान पर सम्पूर्ण उत्पादन शृंखला के उन बिन्दुओं की पहचान की जाती है जहाँ जैविक, रासायनिक अथवा भौतिक संकट उत्पन्न हो सकता है, और वहीं निवारक नियंत्रण लगाकर सीमाएँ, अनुवीक्षण एवं सुधारात्मक कार्रवाई निर्धारित की जाती है। इसके सात सिद्धांत विश्वभर में मान्य हैं।
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