Economy and Banking - Microeconomics: 13 MCQs with Answers
Economy and Banking- Microeconomics
उपभोक्ता व्यवहार, माँग एवं लोच, उत्पादन फलन, लागत वक्र, बाजार संरचना तथा उत्पादन संभावना वक्र पर बहुविकल्पीय प्रश्न।Your Progress
0%Q11. लागत के आधुनिक सिद्धांत के अनुसार अल्पकालीन औसत परिवर्तनशील लागत (SAVC) की आकृति कैसी होती है ?
Right Answer: प्यालानुमा
लागत के परम्परागत सिद्धांत में अल्पकालीन औसत परिवर्तनशील लागत वक्र U-आकृति का माना जाता है। किन्तु लागत के आधुनिक सिद्धांत के अनुसार फर्म आरम्भ से ही कुछ अतिरिक्त क्षमता जानबूझकर बनाए रखती है, ताकि माँग बढ़ने पर लागत बढ़ाए बिना उत्पादन बढ़ाया जा सके। इस कारण उत्पादन की एक विस्तृत परास में औसत परिवर्तनशील लागत लगभग स्थिर बनी रहती है और वक्र नीचे से चपटा हो जाता है। इसी से उसे प्यालानुमा अर्थात् तश्तरीनुमा आकृति कहा जाता है। इसका आधार आनुभविक अध्ययन हैं, जिनमें U-आकृति की पुष्टि नहीं हुई।
Q12. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए तथा नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए :
सूची-I
(a) क्या उत्पादन करें
(b) कैसे उत्पादन करें
(c) किसके लिए उत्पादन करें
सूची-II
(i) आय-वितरण की समस्या
(ii) चयन की समस्या
(iii) उत्पादन-तकनीकी के निर्धारण की समस्या
Right Answer: (a-ii) (b-iii) (c-i)
साधनों की दुर्लभता तथा उनके वैकल्पिक प्रयोगों के कारण प्रत्येक अर्थव्यवस्था के सामने तीन केन्द्रीय समस्याएँ खड़ी होती हैं। ‘क्या उत्पादन करें’ यह चयन की समस्या है, जिसमें तय करना होता है कि सीमित साधनों से कौन-सी वस्तुएँ और कितनी मात्रा में बनाई जाएँ। ‘कैसे उत्पादन करें’ उत्पादन तकनीक के निर्धारण की समस्या है, जिसमें श्रम-प्रधान अथवा पूँजी-प्रधान विधि का चुनाव करना होता है। ‘किसके लिए उत्पादन करें’ आय-वितरण की समस्या है, जो यह तय करती है कि उत्पादित वस्तुएँ समाज के विभिन्न वर्गों में किस अनुपात में बँटेंगी।
Q13. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए तथा नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए :
सूची-I
(a) उत्पादन संभावना वक्र के अंदर बिंदु
(b) उत्पादन संभावना वक्र के बाहर बिंदु
(c) उत्पादन संभावना वक्र का बाहर की ओर विवर्तन
(d) उत्पादन संभावना वक्र पर बिंदु
सूची-II
(i) संसाधनों में वृद्धि व तकनीकी विकास
(ii) बेरोजगारी
(iii) अप्राप्य संयोग
(iv) उत्पादन कुशलता
Right Answer: (a-ii) (b-iii) (c-i) (d-iv)
उत्पादन संभावना वक्र के अन्दर स्थित बिन्दु यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था अपने साधनों का पूर्ण उपयोग नहीं कर रही, अर्थात् वहाँ बेरोजगारी अथवा अकुशलता विद्यमान है। वक्र के बाहर का बिन्दु वर्तमान साधनों एवं तकनीक से अप्राप्य संयोग होता है। जब साधनों में वृद्धि हो अथवा तकनीकी विकास हो तो सम्पूर्ण वक्र ही बाहर की ओर विवर्तित हो जाता है, जिसे आर्थिक संवृद्धि कहते हैं। वक्र पर स्थित कोई भी बिन्दु उत्पादन कुशलता को दर्शाता है, क्योंकि वहाँ एक वस्तु का उत्पादन दूसरी को घटाए बिना नहीं बढ़ाया जा सकता।