Home Science - Child Development and Family Studies: 11 MCQs with Answers

Child Development and Family Studies - Home Science
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शिशु एवं बाल विकास के प्रतिमान, विकासात्मक मील के पत्थर, परिवार के प्रकार तथा किशोरावस्था पर बहुविकल्पीय प्रश्न।

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Q1. वृद्धि के लिए यह कथन सत्य है :

Right Answer: यह मात्रात्मक है।


Explanation:

वृद्धि तथा विकास दो भिन्न किन्तु परस्पर सम्बद्ध प्रक्रियाएँ हैं। वृद्धि मात्रात्मक होती है, अर्थात् इसे मापा एवं गिना जा सकता है — जैसे लम्बाई, भार, अस्थियों की संख्या अथवा दाँतों का निकलना। यह शरीर के आकार एवं संरचना में होने वाली भौतिक बढ़ोतरी है और परिपक्वता आने पर एक निश्चित बिन्दु पर रुक जाती है। इसके विपरीत विकास गुणात्मक होता है, आजीवन चलता रहता है और उसमें कार्यक्षमता, कौशल तथा व्यवहार में परिष्कार आता है। वृद्धि विकास का एक अंग है, किन्तु विकास वृद्धि से कहीं अधिक व्यापक अवधारणा है।

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Q2. ज्यादातर बच्चे कब स्वतंत्र रूप से चलना शुरू कर देते हैं ?

Right Answer: 12-15 माह में


Explanation:

स्थूल गतिक विकास के क्रम में अधिकांश बच्चे लगभग बारह से पन्द्रह माह की आयु में बिना सहारे स्वतंत्र रूप से चलना आरम्भ कर देते हैं। इससे पूर्व वे लगभग छह माह पर सहारे से बैठते हैं, आठ से दस माह पर घुटनों के बल सरकते हैं तथा नौ से बारह माह के बीच फर्नीचर पकड़कर खड़े होते और चलते हैं। आरम्भिक चाल में पैर चौड़े रखकर, हाथ ऊपर उठाकर लड़खड़ाते हुए चलना सामान्य है। विकास का यह क्रम सार्वभौमिक होता है, यद्यपि गति में व्यक्तिगत भिन्नता रहती है, जो पोषण एवं अवसर पर निर्भर करती है।

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Q3. “वियना अन्तर्राष्ट्रीय कार्ययोजना वृद्धावस्था पर” में दिए गए सुझावों में से ............. नहीं है।

Right Answer: वृद्धाश्रम


Explanation:

वृद्धावस्था पर वियना अन्तर्राष्ट्रीय कार्ययोजना 1982 में ऑस्ट्रिया के वियना नगर में आयोजित वृद्धावस्था सम्बन्धी प्रथम विश्व सभा में स्वीकार की गई थी। इसमें वृद्धजनों के लिए स्वास्थ्य एवं पोषण, आवास एवं पर्यावरण, परिवार, सामाजिक कल्याण एवं सामाजिक सहयोग, आय सुरक्षा एवं रोजगार अर्थात् आर्थिक सहयोग, तथा शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सिफारिशें दी गईं। वृद्धाश्रम की स्थापना इसकी संस्तुतियों में सम्मिलित नहीं है, क्योंकि योजना का बल वृद्धजनों को यथासम्भव अपने परिवार एवं समुदाय के भीतर ही सम्मानपूर्वक रखने पर है।

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Q4. एकीकृत बाल विकास सेवाओं के अंतर्गत ............ सम्मिलित नहीं है।

Right Answer: वृद्ध


Explanation:

एकीकृत बाल विकास सेवा योजना 2 अक्टूबर 1975 को आरम्भ हुई और यह विश्व के सबसे बड़े बाल विकास कार्यक्रमों में गिनी जाती है। इसके लाभार्थी शून्य से छह वर्ष तक के बच्चे, गर्भवती महिलाएँ तथा धात्री माताएँ हैं। इसके अन्तर्गत आँगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से छह सेवाएँ दी जाती हैं — पूरक पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, संदर्भ सेवाएँ, अनौपचारिक पूर्व-विद्यालयी शिक्षा तथा पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा। वृद्धजन इस योजना के लाभार्थी नहीं हैं; उनके लिए राष्ट्रीय वयोश्री एवं वृद्धावस्था पेंशन जैसी पृथक योजनाएँ हैं।

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Q5. कथन-I : बालक के विकास में बुद्धिलब्धि सबसे अधिक महत्वपूर्ण प्रभाव डालती है। कथन-II : बालक के शारीरिक तथा बौद्धिक विकास में लिंग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सही विकल्प चुनिए :

Right Answer: कथन I सही नहीं है तथा कथन II सही है।


Explanation:

पहला कथन सही नहीं है, क्योंकि बाल विकास किसी एक कारक से निर्धारित नहीं होता। वंशानुक्रम एवं वातावरण दोनों मिलकर उसे आकार देते हैं, जिनमें पोषण, स्वास्थ्य, परिवार का भावनात्मक वातावरण, सामाजिक-आर्थिक स्थिति तथा शिक्षा के अवसर सम्मिलित हैं; बुद्धिलब्धि इनमें से केवल एक कारक है। दूसरा कथन सही है, क्योंकि लिंग शारीरिक एवं मानसिक विकास के प्रतिमान को प्रभावित करता है — बालिकाओं में किशोरावस्था की वृद्धि-गति पहले आती है और भाषा-विकास प्रायः तीव्र होता है, जबकि बालकों में स्थूल गतिक कौशल पहले विकसित होते हैं।

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Q6. निम्नलिखित में से प्रारंभिक बचपन देखभाल और शिक्षा का एक लाभ नहीं है :

Right Answer: भविष्य में उच्च शैक्षणिक सफलता


Explanation:

प्रारंभिक बचपन देखभाल एवं शिक्षा के सुस्थापित लाभों में उन्नत संज्ञानात्मक विकास, बेहतर सामाजिक कौशल तथा बेहतर भावनात्मक विनियमन सम्मिलित हैं, क्योंकि जीवन के प्रथम छह वर्षों में मस्तिष्क का विकास सर्वाधिक तीव्र गति से होता है और यही काल विद्यालय की तैयारी की नींव रखता है। इसका सीधा उद्देश्य भविष्य में उच्च शैक्षणिक सफलता की गारंटी देना नहीं है, क्योंकि आगे की शैक्षणिक उपलब्धि विद्यालय की गुणवत्ता, पारिवारिक सहयोग तथा अनेक अन्य कारकों पर निर्भर करती है। इसका बल तो सर्वांगीण विकास एवं सीखने की तत्परता पर रहता है।

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Q7. पारिवारिक संरचनाओं के संदर्भ में, एक पूरक एकल परिवार में शामिल है :

Right Answer: माता-पिता, बच्चे और माता-पिता के एक या अधिक अविवाहित, पृथक या विधवा/विधुर रिश्तेदार


Explanation:

परिवार की संरचनाओं के वर्गीकरण में पूरक एकल परिवार वह है जिसमें माता-पिता तथा उनके बच्चों के साथ माता-पिता का एक या अधिक ऐसा रिश्तेदार भी रहता हो जो अविवाहित, पृथक अथवा विधवा या विधुर हो। यह न पूर्णतः एकल परिवार है और न संयुक्त, क्योंकि इसमें केवल एक विवाहित युगल होता है, किन्तु कुछ अतिरिक्त सदस्य जुड़े रहते हैं। इस वर्गीकरण को भारतीय समाजशास्त्री आई० पी० देसाई तथा के० एम० कपाड़िया के अध्ययनों से बल मिला। शुद्ध एकल परिवार में केवल माता-पिता एवं अविवाहित बच्चे होते हैं।

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Q8. वह अवस्था जिसमें तीव्र वृद्धि तथा बदलाव होता है, जब व्यक्ति लैंगिक परिपक्वता प्राप्त करता है, कहलाती है :

Right Answer: किशोरावस्था


Explanation:

किशोरावस्था बाल्यावस्था तथा वयस्कता के बीच की संक्रमण अवस्था है, जो लगभग दस से उन्नीस वर्ष तक चलती है। इसमें तीव्र वृद्धि-प्रवेग होता है, लम्बाई एवं भार में अचानक बढ़ोतरी आती है और व्यक्ति लैंगिक परिपक्वता प्राप्त करता है, जिसे यौवनारम्भ कहते हैं। इसी काल में गौण लैंगिक लक्षण विकसित होते हैं, बालिकाओं में रजोदर्शन एवं बालकों में स्वरभंग होता है। स्टेनली हॉल ने इसे ‘तूफान एवं तनाव’ का काल कहा, क्योंकि इसमें भावनात्मक उतार-चढ़ाव, पहचान की खोज तथा समवयस्क समूह का प्रभाव प्रबल रहता है।

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Q9. 3 साल की उम्र में बच्चा ............. कर सकता है।

Right Answer: वैकल्पिक पैर का उपयोग कर सीढ़िया चढ़ना।


Explanation:

तीन वर्ष की आयु तक बच्चे का स्थूल गतिक विकास इतना हो जाता है कि वह वैकल्पिक पैर का उपयोग करते हुए सीढ़ियाँ चढ़ सकता है, यद्यपि उतरते समय प्रायः एक ही पैर आगे रखता है। इसी आयु में वह तिपहिया साइकिल चलाना, दोनों पैरों से कूदना, गेंद फेंकना तथा कुछ क्षण एक पैर पर खड़ा रहना सीख जाता है। पंजों के बल चलना तथा बिना सहायता के दोपहिया साइकिल चलाना बाद की अवस्थाओं में आते हैं, और बैक फ्लिप जैसा जटिल कौशल तो प्रशिक्षण के बिना सम्भव ही नहीं। विकास सदैव सिर से पाँव की ओर तथा केन्द्र से परिधि की ओर बढ़ता है।

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Q10. जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, खेल शारीरिक रूप से ........... सक्रिय होते जाते हैं।

Right Answer: ज्यादा


Explanation:

जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसकी अस्थियाँ एवं माँसपेशियाँ सुदृढ़ होती जाती हैं, संतुलन एवं समन्वय सुधरता है और सहनशक्ति बढ़ती है; फलस्वरूप उसके खेल शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय होते जाते हैं। शिशु का खेल आरम्भ में इन्द्रिय-गतिक एवं एकाकी होता है, फिर समानान्तर खेल आता है, और आगे चलकर दौड़ना, कूदना, चढ़ना, साइकिल चलाना तथा संगठित सामूहिक खेल प्रधान हो जाते हैं। इनमें नियम, प्रतिस्पर्धा एवं टीम भावना भी जुड़ जाती है। खेल बच्चे के शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक एवं संज्ञानात्मक विकास का प्रमुख साधन है।

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Published: 03 August 2026 | Last Updated: 19 August 2026 |


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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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