Hindi Literature: 48 MCQs with Answers

Hindi Literature MCQ Questions
Hindi Literature

Your Progress

0%
0%
48
Total
0
Attempted
48
Remaining

यहाँ हिंदी साहित्य (Hindi Literature) से संबंधित महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) दिए गए हैं, जिनमें गद्य, पद्य, कवि-लेखक परिचय, रचनाएँ, अलंकार, रस, छंद तथा आलोचना से जुड़े प्रश्न शामिल हैं। ये प्रश्न HTET PGT हिंदी परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी हैं।

Q21. छायावाद के संबंध में असंगत कथन है—

Right Answer: छायावादी काव्य सांसारिक उल्लास-विषाद का सफल माध्यम है।


Explanation:

छायावाद की मूल विशेषताओं में व्यक्तिवाद, आत्माभिव्यक्ति, प्रकृति-प्रेम, रहस्यवाद और सौंदर्यानुभूति प्रमुख हैं।

“छायावादी काव्य सांसारिक उल्लास-विषाद का सफल माध्यम है” छायावाद की स्थापित परिभाषात्मक विशेषता नहीं है। अतः (3) असंगत है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q22. अष्टछाप के कवियों में काव्य-सौष्ठव और भाषा की प्रांजलता की दृष्टि से सूरदास के बाद कौन-सा कवि अधिक महत्त्वपूर्ण है?

Right Answer: नंददास


Explanation:

अष्टछाप के कवियों में सूरदास के बाद नंददास का विशेष महत्त्व माना जाता है। उनके काव्य में भाषा की प्रांजलता, काव्य-सौष्ठव और कलात्मकता विशेष रूप से दिखाई देती है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q23. किस साहित्य धारा के कवियों ने अपनी रचना को ‘आन्यापदेशिक’ कहा है?

Right Answer: सूफी कवि


Explanation:

सूफी कवियों की प्रेमाख्यानक रचनाओं में लौकिक प्रेम-कथाओं के माध्यम से अलौकिक/आध्यात्मिक प्रेम का संकेत मिलता है। इस कारण उनकी रचनाओं को आन्यापदेशिक अर्थात् अन्य अर्थ का संकेत करने वाली रचना कहा गया है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q24. निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम क्या है?

Right Answer: कीर्तिलता, रामचरितमानस, रसराज, प्रियप्रवास


Explanation:

रचनाओं का कालक्रम—

कीर्तिलता — विद्यापति

रामचरितमानस — तुलसीदास

रसराज — मतिराम

प्रियप्रवास — अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

अतः सही क्रम (3) है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q25. ‘सूरसागर’ के विषय में असंगत कथन का चुनाव कीजिए—

Right Answer: इस ग्रंथ के नवम् स्कन्ध में सर्वाधिक पद मिलते हैं।


Explanation:

‘सूरसागर’ में दशम स्कंध का विशेष महत्त्व है और कृष्ण की बाल-लीला, गोपी-प्रेम तथा भ्रमरगीत आदि का विस्तृत वर्णन मिलता है। इसलिए नवम स्कंध में सर्वाधिक पद होने का कथन असंगत है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q26. उपन्यास-उपन्यासकारों का असंगत युग्म चुनिए—

Right Answer: मुझे चाँद चाहिए — कमलेश्वर


Explanation:

‘मुझे चाँद चाहिए’ के लेखक सुरेंद्र वर्मा हैं, कमलेश्वर नहीं।

अन्य युग्म संगत हैं—

हमारा शहर उस बरस — गीतांजलि श्री

शेष कादंबरी — अलका सरावगी

कुरु-कुरु स्वाहा — मनोहर श्याम जोशी

अतः (1) असंगत है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q27. निम्नांकित काव्योक्तियों (सूची-I) को उनके रचनाकारों (सूची-II) के साथ सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिये गये कूट की सहायता से सही विकल्प चुनिए -

सूची-I :

(a) गोरख जगायो जोग, भगति भगायो लोग।

(b) झिलमिल झगरा झूलते बाकी रही न काहू। गोरख अटके कालपुर कौन कहावै साहू ?

(c) यह मसीत यह देहरा सतगुरु दिया दिखाइ। भीतर सेवा बंदगी बाहिर काहे जाइ।।

(d) बोलिए तौ तब जब बोलिबे की बुद्धि होइ। ना तौ मुख मौन गहि चुप होय रहिए।

सूची-II :

(i) सुंदरदास

(ii) गोस्वामी तुलसीदास

(iii) दादू दयाल

(iv) कबीर

कूट :

Right Answer: (a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(iii), (d)-(i)


Explanation:

कबीर और दादू की वाणी में निर्गुण भक्ति, आडंबर-विरोध तथा आंतरिक साधना पर बल मिलता है। तुलसीदास की पंक्ति में गोरखनाथ की योग-परंपरा पर टिप्पणी है, जबकि सुंदरदास ने वाणी के विवेकपूर्ण प्रयोग पर बल दिया है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q28. प्रेमचंद की कहानी एवं कहानी-कला से संबंधित संगत कथनों का चयन कीजिए।

(i) ‘नमक का दारोगा’ कहानी धर्म के ऊपर धन की जीत की कहानी है।(ii) ‘नमक का दारोगा’ का प्रथम प्रकाशन वर्ष 1914 ई. है।(iii) प्रेमचंद ने आदर्शोन्मुख यथार्थवाद से आलोचनात्मक यथार्थवाद की विकास-यात्रा की।(iv) प्रेमचंद के अनुसार, “आदर्शवाद हमें निराशावादी बना देता है...”(v) ‘नमक का दारोगा’ आदर्शोन्मुख यथार्थवाद का मुकम्मल उदाहरण है।

Right Answer: (ii), (iii) व (v)


Explanation:

‘नमक का दारोगा’ में ईमानदारी और आदर्श अंततः धन एवं भ्रष्ट व्यवस्था पर विजय प्राप्त करते हैं। इसलिए इसे आदर्शोन्मुख यथार्थवाद का महत्त्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है।

कथन (i) गलत है क्योंकि कहानी धन की जीत नहीं, बल्कि ईमानदारी/आदर्श की विजय को प्रस्तुत करती है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q29. ‘आलोचना’ पत्रिका के प्रथम संपादक कौन थे?

Right Answer: श्री शिवदान सिंह चौहान


Explanation:

‘आलोचना’ हिंदी की प्रमुख आलोचनात्मक पत्रिका है। इसके प्रथम संपादक शिवदान सिंह चौहान थे।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q30. बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ के विषय में असंगत है—

Right Answer: ‘हिन्दी भाषा की उन्नति पर व्याख्यान’ प्रेमघन की एक लम्बी कविता है।


Explanation:

‘हिंदी भाषा की उन्नति पर व्याख्यान’ प्रेमघन की गद्यात्मक/विचारपरक रचना के रूप में जाना जाता है, इसे लम्बी कविता कहना उचित नहीं है। इसलिए (4) असंगत है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Was this quiz helpful?
Published: | Last Updated: | Total Questions: 48
Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

Educational Content Creator

I am an educational content creator dedicated to making learning simple, engaging, and accessible for students preparing for competitive exams. He specializes in creating high-quality study materials, including notes, multiple-choice questions (MCQs), previous year question papers, practice tests, and exam-oriented resources.

Experience: 10+ years in Education and Competitive Exam Content Creator

0 Comments

Be the first to comment.

Leave a comment

Your email will not be published. Comments are reviewed before appearing.