Hindi Literature - आधुनिक काव्य एवं साहित्येतिहास: 18 MCQs with Answers
Hindi Literature- आधुनिक काव्य एवं साहित्येतिहास
यहाँ आधुनिक काव्य, छायावाद, प्रगतिवाद जैसे साहित्यिक आंदोलन तथा हिंदी साहित्य के इतिहास से संबंधित महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) दिए गए हैं।
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0%Q1. अधोलिखित लेखकों को उनकी उक्तियों/काव्य-पंक्तियों के साथ सुमेलित कीजिए।
सूची-I
(a) रघुवीर सहाय(b) शमशेर बहादुर सिंह(c) कुँवर नारायण(d) हरिवंश राय बच्चन
सूची-II
(i) कविता एक खिलना है फूलों के बहाने, कविता का खिलना भला फूल क्या जाने!(ii) मैं जगजीवन का भार लिए फिरता हूँ; फिर भी जीवन में प्यार लिए फिरता हूँ;(iii) तुमने ‘धरती’ का पद्य पढ़ा है? उसकी सहजता प्राण है।(iv) कुछ होगा/कुछ होगा अगर मैं बोलूँगा/न टूटे तिलिस्म सत्ता का मेरे अंदर एक कायर टूटेगा।
कूट :
Right Answer: (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(ii)
Explanation:
सही मिलान है—
रघुवीर सहाय → (iv)
शमशेर बहादुर सिंह → (iii)
कुँवर नारायण → (i)
हरिवंश राय बच्चन → (ii)
अतः कूट (2) सही है।
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Q2. “जहाँ नदियाँ समुद्र में मिलती हैं वहाँ मेरा क्या है मैं नहीं जानता लेकिन एक दिन जाना है उधर।” उक्त पंक्तियों के रचयिता हैं—
Right Answer: कुँवर नारायण
Explanation:
उक्त पंक्तियाँ कुँवर नारायण की काव्य-दृष्टि से संबंधित हैं। इनमें जीवन की अंतिम यात्रा और अज्ञात की ओर जाने की अनुभूति व्यक्त हुई है।
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Q3. सियारामशरण गुप्त के संबंध में असंगत विकल्प को चुनिए—
Right Answer: ‘उन्मुक्त’ काव्य में पाँच द्वीपों का वर्णन है।
Explanation:
सियारामशरण गुप्त की ‘मौर्य विजय’ और ‘उन्मुक्त’ उल्लेखनीय काव्य हैं। ‘उन्मुक्त’ में युद्ध और विनाश की पृष्ठभूमि दिखाई देती है। लेकिन पाँच द्वीपों का वर्णन ‘उन्मुक्त’ की विशेषता नहीं है। अतः (4) असंगत है।
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Q4. “अपनी सर्वतोमुखी प्रतिभा के बल से एक ओर तो वे पद्याकर, द्विजदेव की परंपरा में दिखाई पड़ते थे, दूसरी ओर बंग देश के माइकेल और हेमचंद्र की श्रेणी में।” भारतेन्दु के संबंध में उक्त कथन किस आलोचक का है?
Right Answer: आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
Explanation:
भारतेन्दु हरिश्चंद्र की सर्वतोमुखी प्रतिभा और उनके साहित्यिक योगदान का मूल्यांकन करते हुए यह कथन आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने किया है।
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Q5. छायावाद के संबंध में असंगत कथन है—
Right Answer: छायावादी काव्य सांसारिक उल्लास-विषाद का सफल माध्यम है।
Explanation:
छायावाद की मूल विशेषताओं में व्यक्तिवाद, आत्माभिव्यक्ति, प्रकृति-प्रेम, रहस्यवाद और सौंदर्यानुभूति प्रमुख हैं।
“छायावादी काव्य सांसारिक उल्लास-विषाद का सफल माध्यम है” छायावाद की स्थापित परिभाषात्मक विशेषता नहीं है। अतः (3) असंगत है।
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Q6. निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम क्या है?
Right Answer: कीर्तिलता, रामचरितमानस, रसराज, प्रियप्रवास
Explanation:
रचनाओं का कालक्रम—
कीर्तिलता — विद्यापति
रामचरितमानस — तुलसीदास
रसराज — मतिराम
प्रियप्रवास — अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’
अतः सही क्रम (3) है।
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Q8. बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ के विषय में असंगत है—
Right Answer: ‘हिन्दी भाषा की उन्नति पर व्याख्यान’ प्रेमघन की एक लम्बी कविता है।
Explanation:
‘हिंदी भाषा की उन्नति पर व्याख्यान’ प्रेमघन की गद्यात्मक/विचारपरक रचना के रूप में जाना जाता है, इसे लम्बी कविता कहना उचित नहीं है। इसलिए (4) असंगत है।
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Q9. “साहित्य का मुख्य उद्देश्य है जनता को संघर्ष के लिए शक्ति देना तथा उस संघर्ष में विजय प्राप्त करके मुक्त होने के लिए मार्ग दिखाना।” उक्त विचार हिन्दी साहित्य की किस विचारधारा के रहे हैं?
Right Answer: प्रगतिवाद
Explanation:
प्रगतिवाद साहित्य को सामाजिक जीवन और जनता के संघर्ष से जोड़ता है। इसमें शोषण, वर्गभेद, गरीबी और अन्याय के विरुद्ध चेतना तथा सामाजिक परिवर्तन की आकांक्षा दिखाई देती है।
इसलिए जनता को संघर्ष के लिए शक्ति देने वाला साहित्यिक दृष्टिकोण प्रगतिवाद है।
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Q10. अधोलिखित रचनाओं (सूची-I) को उनके रचनाकारों (सूची-II) के साथ सुमेलित कीजिए तथा उसके नीचे दिये गये कूट की सहायता से सही विकल्प चुनिए –
सूची-I :
(a) जब आवेगी काली घटा
(b) दिल एक सादा कागज़
(c) पीड़ा जो चीख उठी
(d) मैं एक देह हूँ फिर देहरी
सूची-II :
(i) कर्मशील भारती
(ii) राही मासूम रज़ा
(iii) शैलजा पाठक
(iv) रांगेय राघव
कूट :
Right Answer: (a)-(iv), (b)-(ii), (c)-(i), (d)-(iii)
Explanation:
रचनाओं और रचनाकारों का सही क्रम (a)-(iv), (b)-(ii), (c)-(i), (d)-(iii) है। अतः विकल्प (4) सही है।
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