General Science - Space and Universe: 17 MCQs with Answers

Space and Universe - General Science
General Science - Space and Universe

General Science- Space and Universe

अंतरिक्ष एवं ब्रह्मांड से संबंधित प्रश्न — सूर्य, उपग्रह, बिग बैंग सिद्धांत एवं अंतरिक्ष अभियान।

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Q1. बिग बैंग सिद्धांत का प्रथम प्रमाण किसने दिया था?

Right Answer: एडविन हबल


Explanation:

बिग बैंग सिद्धांत का प्रथम प्रेक्षणात्मक प्रमाण अमेरिकी खगोलशास्त्री एडविन हबल ने सन 1929 में दिया था। उन्होंने पाया कि दूरस्थ आकाशगंगाओं के प्रकाश में लाल विस्थापन दिखाई देता है, अर्थात वे हमसे दूर जा रही हैं, और जो आकाशगंगा जितनी दूर है वह उतनी ही अधिक गति से दूर जा रही है। इसे हबल का नियम कहा जाता है और यह ब्रह्मांड के निरंतर विस्तार को सिद्ध करता है। इस सिद्धांत की मूल संकल्पना बेल्जियम के जॉर्ज लेमैत्रे ने दी थी। बाद में ब्रह्मांडीय सूक्ष्म तरंग पृष्ठभूमि विकिरण की खोज ने इसे और पुष्ट किया।

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Q2. पृथ्वी के तल से तुल्यकाली उपग्रह की ऊँचाई लगभग कितनी होती है?

Right Answer: 36,000 किलोमीटर


Explanation:

तुल्यकाली अर्थात भूस्थिर उपग्रह पृथ्वी की सतह से लगभग 36,000 किलोमीटर की ऊँचाई पर स्थापित किए जाते हैं। इस ऊँचाई पर उपग्रह का परिक्रमण काल ठीक चौबीस घंटे हो जाता है, जो पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूमने के समय के बराबर है। इसी कारण यह उपग्रह पृथ्वी से देखने पर आकाश में एक ही स्थान पर स्थिर प्रतीत होता है। ये उपग्रह विषुवत रेखा के ठीक ऊपर वृत्ताकार कक्षा में पश्चिम से पूर्व दिशा में घूमते हैं। दूरसंचार, टेलीविजन प्रसारण तथा मौसम पूर्वानुमान में इनका व्यापक उपयोग होता है। भारत की इनसैट शृंखला इसी प्रकार की है।

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Q3. सूर्य की सतह का तापमान लगभग कितना होता है?

Right Answer: 5800 केल्विन


Explanation:

सूर्य की सतह का तापमान लगभग 5800 केल्विन होता है, जो लगभग 5500 डिग्री सेल्सियस के बराबर है। सूर्य की इस दृश्य सतह को प्रकाशमंडल अथवा फोटोस्फीयर कहा जाता है। इसके विपरीत सूर्य के केंद्र का तापमान लगभग एक करोड़ पचास लाख केल्विन तक पहुँच जाता है, जहाँ नाभिकीय संलयन की क्रिया होती है। रोचक बात यह है कि सूर्य के बाह्य वायुमंडल कोरोना का तापमान सतह से कहीं अधिक लगभग दस लाख केल्विन होता है, जो आज भी वैज्ञानिकों के लिए एक पहेली है। सूर्य पृथ्वी से लगभग पंद्रह करोड़ किलोमीटर दूर है।

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Q4. सूर्य में कौन सा परमाणु ईंधन होता है?

Right Answer: हाइड्रोजन


Explanation:

सूर्य में मुख्य परमाणु ईंधन हाइड्रोजन है, जो उसके कुल द्रव्यमान का लगभग तिहत्तर प्रतिशत भाग बनाता है। सूर्य के केंद्र में अत्यधिक ताप एवं दाब के कारण नाभिकीय संलयन की क्रिया होती है, जिसमें चार हाइड्रोजन नाभिक मिलकर एक हीलियम नाभिक बनाते हैं। इस प्रक्रिया में द्रव्यमान की थोड़ी सी क्षति होती है, जो आइंस्टीन के समीकरण के अनुसार विशाल मात्रा में ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। यही ऊर्जा प्रकाश एवं ऊष्मा के रूप में पृथ्वी तक पहुँचती है। अनुमान है कि सूर्य में अभी लगभग पाँच अरब वर्ष का ईंधन शेष है।

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Q5. प्रकाश वर्ष किसकी इकाई है?

Right Answer: दूरी


Explanation:

प्रकाश वर्ष दूरी मापने की इकाई है, न कि समय की, यद्यपि इसके नाम में वर्ष शब्द आता है। एक प्रकाश वर्ष वह दूरी है जो प्रकाश निर्वात में एक वर्ष में तय करता है। प्रकाश की चाल लगभग तीन लाख किलोमीटर प्रति सेकंड होती है, अतः एक प्रकाश वर्ष लगभग 9.46 खरब किलोमीटर के बराबर होता है। खगोल विज्ञान में तारों एवं आकाशगंगाओं की विशाल दूरियाँ मापने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। सूर्य के बाद पृथ्वी का निकटतम तारा प्रॉक्सिमा सेंटॉरी लगभग 4.24 प्रकाश वर्ष दूर है। खगोलीय इकाई तथा पारसेक भी ऐसी ही इकाइयाँ हैं।

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Q6. पहला कृत्रिम उपग्रह कौन सा था?

Right Answer: स्पूतनिक-1


Explanation:

विश्व का पहला कृत्रिम उपग्रह स्पूतनिक-1 था, जिसे तत्कालीन सोवियत संघ ने 4 अक्टूबर 1957 को प्रक्षेपित किया था। यह लगभग अट्ठावन सेंटीमीटर व्यास का धातु का गोला था जिसका भार लगभग तिरासी किलोग्राम था और यह रेडियो संकेत भेजता था। इसकी सफलता से अंतरिक्ष युग का प्रारंभ हुआ तथा अमेरिका एवं सोवियत संघ के बीच अंतरिक्ष होड़ आरंभ हो गई। इसके उत्तर में अमेरिका ने 1958 में एक्सप्लोरर-1 प्रक्षेपित किया। भारत का पहला उपग्रह आर्यभट्ट था, जिसे 19 अप्रैल 1975 को सोवियत संघ की सहायता से छोड़ा गया था।

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Q7. इसरो के मानव रेटेड एलवीएम3 (एचएलवीएम3) रॉकेट पर क्रू एस्केप सिस्टम (सीईएस) का प्राथमिक कार्य क्या है?

Right Answer: प्रक्षेपण की आपात स्थिति के दौरान क्रू मॉड्यूल को सुरक्षित स्थान पर निकालना


Explanation:

गगनयान मिशन के लिए इसरो ने एलवीएम3 रॉकेट को मानव रेटेड बनाकर उसे एचएलवीएम3 नाम दिया है। इसमें लगाया गया क्रू एस्केप सिस्टम एक विशेष सुरक्षा प्रणाली है, जो शक्तिशाली ठोस मोटरों से युक्त होती है। प्रक्षेपण से पहले अथवा उड़ान के दौरान यदि रॉकेट में कोई गंभीर खराबी आ जाए, तो यह प्रणाली क्रू मॉड्यूल को तुरंत रॉकेट से अलग करके सुरक्षित दूरी पर ले जाती है और पैराशूट की सहायता से धीरे-धीरे उतारती है। इस प्रकार अंतरिक्ष यात्रियों का जीवन सुरक्षित रहता है।
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Q8. कौन सी विशिष्ट भौतिक मात्रा यह सुनिश्चित करती है कि उपग्रह निरंतर प्रणोदन के बिना अपनी कक्षा बनाए रखे?

Right Answer: कक्षीय वेग


Explanation:

कोई उपग्रह अपनी कक्षा में तभी स्थिर रहता है जब उसका वेग ठीक उतना हो कि पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण उसे केवल वृत्ताकार पथ पर मोड़ता रहे, न कि नीचे खींच ले। इसी वेग को कक्षीय वेग कहते हैं और यह लगभग 7.9 किलोमीटर प्रति सेकंड होता है। यह वेग अभिकेंद्री बल की आवश्यकता को गुरुत्व बल से संतुलित कर देता है, इसलिए उपग्रह लगातार गिरता तो रहता है पर पृथ्वी की वक्रता के कारण कभी सतह तक नहीं पहुँचता। गुरुत्वाकर्षण अकेला उसे नीचे खींचेगा और वायुमंडलीय खिंचाव कक्षा को क्षीण करता है।
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Q9. भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीएएस) का पहला मॉड्यूल किस वर्ष लॉन्च किया जाना है?

Right Answer: 2028


Explanation:

भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन इसरो की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसे भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम गगनयान के आगे के चरण के रूप में विकसित किया जा रहा है। घोषित योजना के अनुसार इसका पहला मॉड्यूल वर्ष 2028 में प्रक्षेपित किया जाना है, जबकि पूरा स्टेशन चरणबद्ध रूप से 2035 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यह स्टेशन पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित होगा और सूक्ष्म गुरुत्व में वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए प्रयुक्त होगा। वर्ष 2040 का लक्ष्य चंद्रमा पर भारतीय अंतरिक्ष यात्री भेजने से जुड़ा है।
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Q10. अभिकथन (A) और कारण (R) से चिह्नित निम्नलिखित कथनों को पढ़ें और सही विकल्प चुनें।

अभिकथन (A): ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) को इसरो के सबसे महत्वपूर्ण प्रक्षेपण यान के रूप में व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है।

कारण (R): PSLV अत्यधिक बहुमुखी है, विभिन्न प्रकार के पेलोड को विभिन्न पृथ्वी की कक्षाओं (पृथ्वी अवलोकन, छोटे भू-समकालिक और नौवहन उपग्रहों सहित) में प्रक्षेपित करने में सक्षम है, और इसके विभिन्न प्रकारों में असाधारण रूप से उच्च मिशन सफलता दर का दावा करता है।

Right Answer: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A का सही स्पष्टीकरण है


Explanation:

अभिकथन सत्य है, क्योंकि PSLV को सामान्यतः इसरो का वर्कहॉर्स अर्थात सबसे भरोसेमंद प्रक्षेपण यान कहा जाता है और इसने चंद्रयान-1 तथा मंगलयान जैसे ऐतिहासिक मिशन प्रक्षेपित किए हैं। कारण भी सत्य है, क्योंकि PSLV अपने PSLV-CA, PSLV-XL तथा PSLV-DL जैसे विभिन्न रूपों के कारण ध्रुवीय सूर्य-तुल्यकालिक, भू-स्थानांतरण तथा निचली कक्षाओं में अलग-अलग भार के उपग्रह भेज सकता है और इसकी सफलता दर अत्यंत ऊँची रही है। यही बहुमुखी क्षमता और विश्वसनीयता उसे वर्कहॉर्स बनाती है, अतः R, A का सही स्पष्टीकरण है।
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Q11. भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीएएस) का पहला मॉड्यूल किस वर्ष लॉन्च किया जाना है?

Right Answer: 2028


Explanation:

भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन अर्थात भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन इसरो की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य पृथ्वी की निचली कक्षा में भारत का अपना स्थायी अंतरिक्ष केंद्र स्थापित करना है। सरकार की घोषित समय-सारणी के अनुसार इस स्टेशन का पहला मॉड्यूल वर्ष 2028 में प्रक्षेपित किया जाना प्रस्तावित है और पूरा स्टेशन वर्ष 2035 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी विस्तारित रोडमैप के अंतर्गत वर्ष 2040 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा पर भेजने की योजना भी सम्मिलित है। अतः सही उत्तर 2028 है।
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Q12. अभिकथन (A) और कारण (R) से चिह्नित कथनों को पढ़ें और सही विकल्प चुनें। (अभिकथन एवं कारण प्रश्न विवरण में दिए गए हैं।)

अभिकथन (A): ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) को इसरो के सबसे महत्वपूर्ण प्रक्षेपण यान के रूप में व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है।
कारण (R): PSLV अत्यधिक बहुमुखी है, विभिन्न प्रकार के पेलोड को विभिन्न पृथ्वी की कक्षाओं (पृथ्वी अवलोकन, छोटे भू-समकालिक और नौवहन उपग्रहों सहित) में प्रक्षेपित करने में सक्षम है, और इसके विभिन्न प्रकारों में असाधारण रूप से उच्च मिशन सफलता दर है।

Right Answer: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A का सही स्पष्टीकरण है


Explanation:

पीएसएलवी को इसरो का कार्यकारी घोड़ा अर्थात वर्कहॉर्स कहा जाता है, इसलिए अभिकथन सत्य है। कारण में दिया गया विवरण भी सत्य है, क्योंकि इस यान ने ध्रुवीय सूर्य-तुल्यकालिक कक्षा में पृथ्वी अवलोकन उपग्रह, भू-समकालिक स्थानांतरण कक्षा में छोटे उपग्रह तथा नाविक जैसे नौवहन उपग्रह सफलतापूर्वक स्थापित किए हैं। इसी यान से चंद्रयान-1 और मंगलयान भी प्रक्षेपित हुए थे और इसकी सफलता दर बहुत ऊँची रही है। यही बहुमुखी क्षमता और विश्वसनीयता इसे सबसे महत्वपूर्ण यान बनाती है, इसलिए R, A का सही स्पष्टीकरण है।
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Q13. SSLV-D2 मिशन के बारे में दिए गए कथनों की जाँच कीजिए और सही विकल्प चुनिए। (कथन प्रश्न विवरण में दिए गए हैं।)

कथन 1: SSLV-D2 ने EOS-07, Janus-1 और AzaadiSAT-2 को पूरी तरह से द्रव प्रणोदन द्वारा संचालित तीन-चरणीय वाहन का उपयोग करके 450 किमी की वृत्ताकार कक्षा में प्रक्षेपित किया।
कथन 2: SSLV-D2 मिशन ने कम समय और सीमित ज़मीनी बुनियादी ढाँचे की आवश्यकता के साथ तीव्र तैनाती क्षमता का प्रदर्शन किया।

Right Answer: केवल कथन 2 सही है


Explanation:

पहला कथन गलत है, क्योंकि लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान के तीनों मुख्य चरण ठोस प्रणोदक पर आधारित हैं और केवल अंतिम सूक्ष्म वेग समायोजन के लिए द्रव आधारित वेलोसिटी ट्रिमिंग मॉड्यूल का प्रयोग होता है, इसलिए पूरी तरह द्रव प्रणोदन कहना सही नहीं है। दूसरा कथन सही है, क्योंकि इस यान की मुख्य विशेषता ही कम लागत, कम तैयारी समय, न्यूनतम ज़मीनी अवसंरचना तथा माँग पर शीघ्र प्रक्षेपण की क्षमता है। अतः केवल कथन दो सही है।
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Q14. जीएसएलवी-एफ15 के माध्यम से प्रक्षेपित एनवीएस-02 उपग्रह का प्राथमिक कार्य क्या है?

Right Answer: यह सटीक स्थिति और समय संबंधी डेटा प्रदान करके भारत की नेविगेशन प्रणाली को बढ़ावा देता है


Explanation:

NVS-02 उपग्रह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा GSLV-F15 रॉकेट के माध्यम से प्रक्षेपित किया गया, जो भारत की नाविक (NavIC - Navigation with Indian Constellation) प्रणाली की दूसरी पीढ़ी के उपग्रहों की श्रृंखला का हिस्सा है। इसका प्राथमिक उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को सटीक स्थिति निर्धारण (Positioning), नौवहन (Navigation) और समय (Timing) संबंधी सेवाएँ प्रदान करना है, जिससे भारत की स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली और मजबूत होती है। यह मौसम पूर्वानुमान, टेलीविजन प्रसारण या गहन अंतरिक्ष संचार से संबंधित नहीं है। इसलिए सही उत्तर विकल्प 3 है।
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Q15. NISAR की कक्षा व्यवस्था क्या है?

Right Answer: Polar sun-sync


Explanation:

NISAR (NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar) एक संयुक्त NASA-ISRO उपग्रह मिशन है जो पृथ्वी की सतह में होने वाले सूक्ष्म परिवर्तनों की निगरानी हेतु डिज़ाइन किया गया है। यह उपग्रह ध्रुवीय सूर्य-तुल्यकालिक कक्षा (Polar Sun-Synchronous Orbit) में स्थापित किया गया है, जिससे यह पूरी पृथ्वी को नियमित और सुसंगत प्रकाश परिस्थितियों में बार-बार स्कैन कर सके। GTO (भू-स्थानांतरण कक्षा) और GEO (भू-स्थिर कक्षा) संचार उपग्रहों के लिए प्रयुक्त होती हैं, जबकि LEEO कोई मानक कक्षा श्रेणी नहीं है। इसलिए सही उत्तर Polar Sun-Sync है, अतः विकल्प 3 सही है।
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Q16. भारत ने स्पैडेक्स (SpaDeX) डॉकिंग ऑपरेशन सफलतापूर्वक कब पूरा किया?

Right Answer: 16 जनवरी 2025


Explanation:

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट (SpaDeX) मिशन के अंतर्गत 30 दिसंबर 2024 को दो उपग्रह प्रक्षेपित किए थे, परंतु वास्तविक डॉकिंग ऑपरेशन कई तकनीकी परीक्षणों के बाद 16 जनवरी 2025 को सफलतापूर्वक पूरा हुआ। इस उपलब्धि के साथ भारत अंतरिक्ष में दो उपग्रहों को सफलतापूर्वक डॉक करने वाला विश्व का चौथा देश बन गया, जो भविष्य के चंद्रयान और गगनयान जैसे मिशनों के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी आधार प्रदान करता है। अतः सही उत्तर विकल्प 3, 16 जनवरी 2025 है।
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Q17. अभिकथन (A) और कारण (R) पढ़ें और सही विकल्प चुनें।

अभिकथन (A): भारत सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC-SHAR) में एक तृतीय प्रक्षेपण स्थल (TLP) का सक्रिय रूप से विकास कर रहा है।
कारण (R): तृतीय प्रक्षेपण स्थल को विशेष रूप से भारत की अंतरिक्ष प्रक्षेपण आवृत्ति को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने और NGLV जैसे बड़े, अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण वाहनों को समायोजित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Right Answer: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A का सही स्पष्टीकरण है


Explanation:

अभिकथन (A) पूर्णतः सत्य है क्योंकि भारत वास्तव में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा में एक तृतीय प्रक्षेपण स्थल का सक्रिय रूप से निर्माण कर रहा है ताकि इसरो की प्रक्षेपण क्षमता बढ़ाई जा सके। कारण (R) भी सत्य है क्योंकि यह नया प्रक्षेपण स्थल विशेष रूप से अगली पीढ़ी के भारी प्रक्षेपण वाहनों (NGLV) को संभालने और प्रक्षेपणों की आवृत्ति बढ़ाने हेतु डिज़ाइन किया गया है। यह कारण अभिकथन का सटीक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करता है, क्योंकि यह बताता है कि नया स्थल क्यों आवश्यक है। अतः सही उत्तर विकल्प 1 है, जहाँ R, A का सही स्पष्टीकरण है।
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Published: 28 July 2026 | Last Updated: 19 August 2026 |


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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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