History: 185 MCQs with Answers
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इतिहास से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न — प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक भारत तथा विश्व इतिहास।
Q141. ‘‘ 1857 दी ग्रेट रिबेलियन’’ पुस्तक किसने लिखी ?
Right Answer: अशोक मेहता
‘1857 : द ग्रेट रिबेलियन’ के लेखक अशोक मेहता हैं, जिन्होंने 1857 की घटना को केवल सैनिक विद्रोह न मानकर एक व्यापक जनविद्रोह के रूप में देखा। इस विषय पर भिन्न-भिन्न दृष्टिकोण प्रस्तुत हुए हैं। डॉ० एस० एन० सेन ने सरकार के आग्रह पर ‘एटीन फिफ्टी सेवन’ लिखी और कहा कि जो आरम्भ में धार्मिक संघर्ष था वह अन्ततः स्वतंत्रता संग्राम बन गया। आर० सी० मजूमदार ने इसे न प्रथम, न राष्ट्रीय और न ही स्वतंत्रता संग्राम कहा। वी० डी० सावरकर ने इसे भारत का प्रथम स्वातंत्र्य समर घोषित किया।
Q142. निम्नलिखित को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही विकल्प चुनिए :
A. सेदोवा का युद्ध
B. विलफ्रेंका की सन्धि
C. ज्यूरिख की सन्धि
D. प्लेम्बियर्स समझौता
Right Answer: D, B, C, A
इटली के एकीकरण की इन घटनाओं का सही क्रम इस प्रकार है। प्लेम्बियर्स समझौता जुलाई 1858 में कावूर तथा नेपोलियन तृतीय के बीच गुप्त रूप से हुआ, जिसमें ऑस्ट्रिया के विरुद्ध फ्रांसीसी सहायता तय हुई। जुलाई 1859 में नेपोलियन तृतीय ने सार्डिनिया को बीच में छोड़कर ऑस्ट्रिया से विलफ्रेंका की सन्धि कर ली, जिससे कावूर ने क्षुब्ध होकर त्यागपत्र दे दिया। नवम्बर 1859 की ज्यूरिख की सन्धि ने इसी समझौते को औपचारिक रूप दिया, जिससे लोम्बार्डी सार्डिनिया को मिला। 1866 के सेदोवा युद्ध में प्रशा की विजय के बाद इटली को वेनेशिया प्राप्त हुआ।
Q143. निम्नांकित में से ‘‘आत्मीय सभा’’ के संस्थापक कौन थे ?
Right Answer: राजा राम मोहन रॉय
आत्मीय सभा की स्थापना राजा राम मोहन रॉय ने 1815 में कलकत्ता में की। यह उनके धार्मिक एवं सामाजिक सुधार प्रयासों की पहली संगठित अभिव्यक्ति थी, जिसमें एकेश्वरवाद पर विचार-विमर्श होता था और मूर्तिपूजा, जातिभेद तथा अन्धविश्वासों की आलोचना की जाती थी। इसकी बैठकों में उपनिषदों के पाठ एवं भजन होते थे। आगे चलकर 1828 में उन्होंने ब्रह्म समाज की स्थापना की, जो भारतीय नवजागरण की सबसे प्रभावशाली संस्था बनी। सती प्रथा के उन्मूलन में उनकी भूमिका निर्णायक रही। आत्माराम पाण्डुरंग ने प्रार्थना समाज तथा दयानन्द ने आर्य समाज की स्थापना की।
Q144. 9 दिसम्बर 1946 ई० को निम्नांकित में से संविधान सभा के कार्यकारी अध्यक्ष कौन थे ?
Right Answer: सच्चिदानन्द सिन्हा
संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसम्बर 1946 को नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन हॉल में हुई, जिसमें सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के नाते डॉ० सच्चिदानन्द सिन्हा को अस्थायी अथवा कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया। यह परम्परा फ्रांसीसी प्रथा से ली गई थी। मुस्लिम लीग ने इस बैठक का बहिष्कार किया। दो दिन बाद 11 दिसम्बर 1946 को डॉ० राजेन्द्र प्रसाद को सभा का स्थायी अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। डॉ० भीमराव अम्बेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष बने तथा बी० एन० राव संवैधानिक सलाहकार नियुक्त हुए।
Q145. निम्नांकित में से किनके मध्य सुर्जी - अर्जनगाँव की सन्धि हुई ?
Right Answer: अंग्रेज और सिन्धिया
सुर्जी-अर्जनगाँव की सन्धि 30 दिसम्बर 1803 को अंग्रेजों तथा दौलतराव सिन्धिया के बीच हुई। यह द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध का परिणाम थी, जिसमें आर्थर वेलेजली ने असई तथा अर्गाँव के युद्धों में और लेक ने दिल्ली एवं लासवाड़ी में सिन्धिया को पराजित किया था। सन्धि के अनुसार सिन्धिया ने गंगा-यमुना दोआब, दिल्ली-आगरा का क्षेत्र, अहमदनगर तथा भड़ौच अंग्रेजों को सौंप दिए और अपने दरबार में ब्रिटिश रेजीडेंट रखना स्वीकार किया। इससे मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय भी अंग्रेजी संरक्षण में आ गया। भोंसले ने देवगाँव की सन्धि की थी।
Q146. किसने कहा था, ‘‘धन निष्कासन सभी बुराइयों की बुराई’’ है ?
Right Answer: दादाभाई नौरोजी
‘धन का निष्कासन सभी बुराइयों की बुराई है’ यह कथन दादाभाई नौरोजी का है, जिन्हें भारत का वयोवृद्ध पुरुष कहा जाता है। उन्होंने 1867 में यह सिद्धान्त प्रस्तुत किया और 1901 में प्रकाशित अपनी कृति ‘पॉवर्टी एण्ड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया’ में इसे विस्तार से समझाया। उनके अनुसार भारत की सम्पदा का एक बड़ा भाग गृह-व्यय, ब्रिटिश अधिकारियों के वेतन-पेंशन, सैन्य व्यय तथा पूँजी पर ब्याज के रूप में बिना किसी प्रतिफल के इंग्लैण्ड चला जाता था, और यही भारतीय निर्धनता का मूल कारण था। आर० सी० दत्त तथा रानाडे ने इस विश्लेषण को आगे बढ़ाया।
Q147. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही विकल्प चुनिए :
सूची-I
A. सोमप्रकाश
B. इण्डियन मिरर
C. युगान्तर
D. नेटिव ओपिनियन
सूची-II
(i) वी० एन० मण्डलिक
(ii) देवेन्द्रनाथ टैगोर
(iii) ईश्वरचन्द्र विद्यासागर
(iv) वारिन्द्र घोष
Right Answer: (A)-(iii), (B)-(ii), (C)-(iv), (D)-(i)
‘सोमप्रकाश’ बांग्ला साप्ताहिक 1858 में ईश्वरचन्द्र विद्यासागर की प्रेरणा से आरम्भ हुआ और इसने विधवा पुनर्विवाह तथा स्त्री-शिक्षा का प्रबल समर्थन किया। ‘इण्डियन मिरर’ देवेन्द्रनाथ टैगोर से जुड़ा ब्रह्म समाज का अंग्रेजी पत्र था, जो भारत का प्रथम अंग्रेजी दैनिक बना। ‘युगान्तर’ 1906 में बारिन्द्र कुमार घोष एवं भूपेन्द्रनाथ दत्त ने निकाला और यह बंगाल के क्रान्तिकारी आन्दोलन का मुखपत्र था। ‘नेटिव ओपिनियन’ बम्बई से वी० एन० मण्डलिक ने प्रकाशित किया, जो उदारवादी सुधारों का समर्थक था। ये चारों पत्र उन्नीसवीं शताब्दी के भारतीय नवजागरण तथा राष्ट्रीय चेतना के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रमुख माध्यम रहे।
Q148. निम्नलिखित विद्वानों में से किसने कहा कि स्थायी बन्दोबस्त दुखदायी व भारी भूल थी ?
Right Answer: टी० आर० होम्स
स्थायी बन्दोबस्त 1793 में लॉर्ड कार्नवालिस ने बंगाल, बिहार एवं उड़ीसा में लागू किया, जिसमें जमींदारों को भूमि का स्थायी स्वामी मानकर लगान की राशि सदा के लिए निश्चित कर दी गई। टी० आर० होम्स जैसे विद्वानों ने इसे दुखदायी एवं भारी भूल बताया, क्योंकि इससे सरकार बढ़ती हुई कृषि आय में हिस्सेदारी से वंचित रह गई, वास्तविक कृषक अपने परम्परागत अधिकार खो बैठा और उस पर बिचौलियों की लम्बी शृंखला बोझ बन गई। सूर्यास्त नियम के कारण अनेक पुराने जमींदार भी उजड़ गए और भूमि सट्टेबाजी की वस्तु बन गई।
Q149. ब्रिटिश बोअर संघर्ष में बोअरों का नेतृत्व किसने किया ?
Right Answer: पॉल क्रूगर
दक्षिण अफ्रीका में डच मूल के बसने वाले बोअर कहलाते थे, जिन्होंने ट्रांसवाल तथा ऑरेंज फ्री स्टेट नामक गणराज्य बनाए। इन क्षेत्रों में सोने एवं हीरे की खोज के बाद ब्रिटिश साम्राज्यवाद की दृष्टि इन पर पड़ी और 1899 से 1902 तक द्वितीय बोअर युद्ध चला। बोअरों का नेतृत्व ट्रांसवाल के राष्ट्रपति पॉल क्रूगर ने किया, जिन्हें ‘ओम पॉल’ कहा जाता था। ब्रिटिश पक्ष में सेसिल रोड्स, अल्फ्रेड मिलनर तथा लॉर्ड किचनर प्रमुख रहे। इसी युद्ध में अंग्रेजों ने कुख्यात यातना शिविरों का प्रयोग किया और महात्मा गाँधी ने भारतीय एम्बुलेंस दल का संगठन किया।
Q150. जापान में टोक्यो विश्वविद्यालय की स्थापना किस वर्ष की गई ?
Right Answer: 1877 ई०
जापान में टोक्यो विश्वविद्यालय की स्थापना 1877 में हुई और यह जापान का प्रथम आधुनिक राष्ट्रीय विश्वविद्यालय था। 1868 की मेइजी पुनर्स्थापना के बाद जापान ने पश्चिमी विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं संस्थाओं को तेजी से अपनाया, जिसके अन्तर्गत 1872 में अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा लागू की गई। इसी आधुनिकीकरण अभियान की कड़ी के रूप में पूर्ववर्ती शोगुनकालीन संस्थानों को मिलाकर टोक्यो विश्वविद्यालय बनाया गया, जिसमें विधि, विज्ञान, साहित्य तथा चिकित्सा के संकाय थे। इसने जापान के लिए आधुनिक प्रशासक, वैज्ञानिक एवं अभियन्ता तैयार किए।