History - Medieval Indian History: 39 MCQs with Answers

Medieval Indian History - History
History - Medieval Indian History

History- Medieval Indian History

मध्यकालीन भारतीय इतिहास के प्रश्न — दिल्ली सल्तनत, मुगल साम्राज्य, भक्ति आंदोलन एवं सिख गुरु।

Your Progress

0%
0%
39
Total
0
Attempted
39
Remaining

Q26. निम्न में से कौन - सा भवन फतेहपुर सीकरी में अवस्थित नहीं है ?

Right Answer: जहाँगीरी महल


Explanation:

फतेहपुर सीकरी की स्थापना अकबर ने 1571 में शेख सलीम चिश्ती के सम्मान में की और लगभग पन्द्रह वर्ष तक यह मुगल राजधानी रही। यहाँ लाल बलुआ पत्थर से बने बुलन्द दरवाजा, पंचमहल, दीवान-ए-खास, जोधाबाई महल, बीरबल का मकान, तुर्की सुल्ताना की कोठी तथा सलीम चिश्ती का मकबरा प्रमुख भवन हैं। जहाँगीरी महल इनमें सम्मिलित नहीं है, क्योंकि वह आगरा के लाल किले में स्थित है। अकबर ने उसे अपने पुत्र सलीम अर्थात् जहाँगीर के लिए बनवाया था और उसकी वास्तुकला में राजपूत शैली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q27. निम्न में से किसने ‘‘वीर सिंह देव चरित्र’’ एवं ‘‘जहाँगीर जसचन्द्रिका’’ की रचना की थी ?

Right Answer: कवि केशवदास


Explanation:

‘वीरसिंह देव चरित्र’ तथा ‘जहाँगीर जसचन्द्रिका’ की रचना रीतिकाल के आचार्य कवि केशवदास ने की। वे ओरछा के बुन्देला शासक इन्द्रजीत सिंह तथा वीरसिंह देव के दरबारी कवि थे। ‘वीरसिंह देव चरित्र’ में उन्होंने अपने आश्रयदाता वीरसिंह देव के जीवन एवं पराक्रम का वर्णन किया, जबकि ‘जहाँगीर जसचन्द्रिका’ मुगल बादशाह जहाँगीर की प्रशस्ति में लिखी गई। केशवदास की सर्वाधिक प्रसिद्ध कृतियाँ ‘रसिकप्रिया’ तथा ‘कविप्रिया’ हैं, जिनके कारण उन्हें हिन्दी का प्रथम आचार्य कवि माना जाता है। ‘रामचन्द्रिका’ भी उनकी उल्लेखनीय रचना है, जिसमें राम-कथा का अलंकारप्रधान वर्णन मिलता है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q28. निम्न में से कहाँ शेख हुसैनी गैसुदराज ने खानक़ाह स्थापित की थी ?

Right Answer: गुलबर्गा


Explanation:

शेख सैयद मुहम्मद हुसैनी गैसुदराज चिश्ती सिलसिले के प्रसिद्ध सूफी सन्त थे और शेख नसीरुद्दीन चिराग-ए-दिल्ली के शिष्य थे। तैमूर के आक्रमण के बाद दिल्ली छोड़कर वे दक्षिण भारत आए और बहमनी सुल्तान फिरोजशाह बहमनी के काल में गुलबर्गा में बस गए, जहाँ उन्होंने अपनी खानकाह स्थापित की। इससे दक्षिण भारत में चिश्ती परम्परा का विस्तार हुआ। वे विपुल लेखन के लिए भी जाने जाते हैं और उन्हें दक्खिनी उर्दू गद्य के आरम्भिक लेखकों में गिना जाता है। गुलबर्गा स्थित उनकी दरगाह आज भी प्रमुख तीर्थस्थल है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q29. निम्नलिखित में से किस सल्तनत शासक ने राजस्व का वार्षिक अनुमान करवाया था ?

Right Answer: फिरोजशाह तुगलक


Explanation:

सल्तनतकालीन शासकों में फिरोजशाह तुगलक ने राजस्व का वार्षिक अनुमान करवाया। उसने ख्वाजा हिसामुद्दीन को यह कार्य सौंपा, जिसने छह वर्ष तक सर्वेक्षण कर साम्राज्य की वार्षिक आय लगभग छह करोड़ पचहत्तर लाख टंका आँकी। यह अनुमान एक बार निश्चित होने के बाद स्थायी मान लिया गया और प्रतिवर्ष नई पैमाइश नहीं की गई, जिससे कृषकों को स्थिरता मिली। फिरोज ने अनेक अनुचित कर हटाए तथा केवल शरीयत-सम्मत चार कर रखे, सिंचाई हेतु नहरें बनवाईं और उन पर हक्क-ए-शर्ब नामक कर लगाया। अलाउद्दीन खलजी ने भूमि की वास्तविक पैमाइश पर आधारित व्यवस्था चलाई थी।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q30. निम्नलिखित को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही विकल्प चुनिए :

A. फर्रुखसियर
B. बहादुर शाह प्रथम
C. जहाँदर शाह
D. मुहम्मद शाह

Right Answer: B, C, A, D


Explanation:

औरंगजेब की मृत्यु 1707 में हुई, जिसके बाद उत्तरकालीन मुगलों का दौर आरम्भ होता है। बहादुर शाह प्रथम 1707 से 1712 तक शासक रहा, जिसे इतिहासकार खफी खाँ ने ‘शाह-ए-बेखबर’ कहा। उसके बाद जहाँदर शाह 1712 से 1713 तक रहा, जो जुल्फिकार खाँ की सहायता से गद्दी पर बैठा। फिर फर्रुखसियर 1713 से 1719 तक शासक रहा, जिसे सैयद बन्धुओं ने बैठाया और अन्ततः उन्होंने ही उसकी हत्या कर दी; उसी ने 1717 में अंग्रेजों को प्रसिद्ध फरमान दिया। इसके बाद मुहम्मद शाह ‘रंगीला’ 1719 से 1748 तक शासन करता रहा, जिसके काल में नादिरशाह का आक्रमण हुआ।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q31. निम्नांकित अधिकारियों में से कौन - सा अधिकारी अलाउद्दीन खिलजी की बाजार नियन्त्रण नीति से सम्बन्धित नहीं है ?

Right Answer: मुस्तौफी - ए - मुमालिक


Explanation:

अलाउद्दीन खलजी की बाजार नियन्त्रण नीति सल्तनतकालीन आर्थिक प्रशासन की सर्वाधिक चर्चित व्यवस्था थी। इसके संचालन हेतु दीवान-ए-रियासत नामक विभाग बना, जिसका प्रमुख अधिकारी मलिक याकूब था। शहना-ए-मण्डी बाजार का अधीक्षक होता था और मूल्य-नियंत्रण लागू करवाता था, जबकि बरीद-ए-मण्डी तथा मुनहियान गुप्तचर के रूप में बाजार की दैनिक सूचनाएँ सीधे सुल्तान तक पहुँचाते थे। मुस्तौफी-ए-मुमालिक साम्राज्य का महालेखा परीक्षक था, जिसका सम्बन्ध वित्तीय लेखा-परीक्षण से था, बाजार नियन्त्रण से नहीं। अलाउद्दीन ने अनाज, वस्त्र, दास तथा घोड़ों तक के मूल्य निश्चित किए और इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कम वेतन पर विशाल स्थायी सेना रखना था, जैसा जियाउद्दीन बरनी ने लिखा है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q32. निम्नांकित गुरुओं में से ‘‘खालसा पंथ’’ के संस्थापक कौन थे ?

Right Answer: गुरु गोविन्द सिंह


Explanation:

खालसा पंथ की स्थापना सिखों के दसवें गुरु गोविन्द सिंह ने 1699 की बैसाखी के दिन आनन्दपुर साहिब में की। उन्होंने एकत्रित संगत में से पाँच व्यक्तियों को ‘पंज प्यारे’ के रूप में चुना और उन्हें खाण्डे-बाटे का अमृत छकाया। खालसा के सदस्यों के लिए पाँच ककार — केश, कंघा, कड़ा, कच्छा तथा कृपाण — धारण करना अनिवार्य किया गया और पुरुषों के नाम के साथ ‘सिंह’ तथा स्त्रियों के नाम के साथ ‘कौर’ जोड़ा गया। इससे सिख समुदाय एक संगठित सैन्य-धार्मिक शक्ति में बदल गया, जो मुगल उत्पीड़न का प्रतिरोध कर सका।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q33. मध्यकालीन भारत में बयाना किस उत्पादन के लिए प्रसिद्ध था ?

Right Answer: नील


Explanation:

मध्यकालीन भारत में आगरा के निकट स्थित बयाना उत्तम कोटि के नील उत्पादन के लिए विख्यात था। बयाना का नील अपनी गहरी रंगत के कारण गुजरात के सरखेज के नील से भी श्रेष्ठ माना जाता था और यूरोपीय व्यापारी उसके लिए ऊँची कीमत देने को तैयार रहते थे। अंग्रेज तथा डच ईस्ट इण्डिया कम्पनियों ने सत्रहवीं शताब्दी में यहाँ नियमित क्रय-केन्द्र स्थापित किए। जहाँगीर के काल में नील के व्यापार पर एकाधिकार देने के प्रयास भी हुए। यूरोप के वस्त्र उद्योग में इसकी भारी माँग थी और यह भारत के प्रमुख निर्यातों में गिना जाता था।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q34. विजयनगर साम्राज्य के शासक कृष्णदेव राय निम्नांकित में से किस वंश से सम्बन्धित थे ?

Right Answer: तुलुव वंश


Explanation:

विजयनगर साम्राज्य पर क्रमशः चार वंशों ने शासन किया — संगम, सलुव, तुलुव तथा अरविदु। कृष्णदेव राय तुलुव वंश के थे और 1509 से 1529 तक शासन करते हुए उन्होंने साम्राज्य को चरम उत्कर्ष पर पहुँचाया। उन्होंने उड़ीसा के गजपति तथा बीजापुर के शासकों को पराजित किया और रायचूर दोआब पर अधिकार किया। वे स्वयं विद्वान थे और उन्होंने तेलुगु में ‘आमुक्तमाल्यद’ की रचना की; उनके दरबार में ‘अष्टदिग्गज’ नामक आठ तेलुगु कवि रहते थे। पुर्तगाली यात्री डोमिंगो पेस तथा बारबोसा ने उनके शासन का विस्तृत विवरण दिया है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q35. महोबा विजय के बाद पृथ्वीराज चौहान ने वहाँ का अधिकारी किसे बनाया ?

Right Answer: पज्जुनराय


Explanation:

पृथ्वीराज चौहान ने 1182 ईस्वी के आसपास चन्देल शासक परमर्दिदेव को पराजित कर महोबा पर अधिकार किया। इसी युद्ध में चन्देल सेनानायक आल्हा एवं ऊदल की वीरता की कथाएँ लोकगाथा ‘आल्हाखण्ड’ में अमर हो गईं। विजय के बाद पृथ्वीराज ने महोबा का शासन-भार अपने विश्वस्त सामन्त पज्जुनराय को सौंपा। पृथ्वीराज के अन्य प्रमुख सेनानायकों में गोविन्दराय तथा उदयराज के नाम मिलते हैं; गोविन्दराय ने 1191 के तराइन के प्रथम युद्ध में मुहम्मद गोरी को गम्भीर रूप से घायल किया था। चन्दबरदाई ने ‘पृथ्वीराज रासो’ में उनका यशोगान किया।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q36. शिवाजी के अष्टप्रधान (प्रशासन) से सम्बन्धित अधिकारी दबीर या सुमन्त का प्रमुख कार्य क्या था ?

Right Answer: विदेशी मामलों का निपटारा करना।


Explanation:

शिवाजी ने प्रशासन के लिए आठ मंत्रियों की परिषद बनाई, जिसे अष्टप्रधान कहा जाता है। इनमें दबीर अथवा सुमन्त का प्रमुख कार्य विदेश विभाग सँभालना था, अर्थात् अन्य राज्यों से सन्धि-वार्ता करना, दूतों का स्वागत करना तथा युद्ध एवं शान्ति सम्बन्धी परामर्श देना। शेष मंत्रियों में पेशवा प्रधानमंत्री, अमात्य वित्त एवं राजस्व, मन्त्री दैनिक कार्यवृत्त, सचिव पत्राचार, सेनापति सैन्य विभाग, पण्डितराव धार्मिक मामले तथा न्यायाधीश न्याय का कार्य देखते थे। ध्यातव्य है कि पण्डितराव एवं न्यायाधीश को छोड़कर शेष सभी को युद्ध में भी नेतृत्व करना पड़ता था।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q37. निम्नलिखित भाषाओं में से बाबरनामा मूलरूप में किस भाषा में लिखा गया है ?

Right Answer: तुर्की


Explanation:

बाबरनामा अथवा तुजुक-ए-बाबरी मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर की आत्मकथा है, जिसे उसने अपनी मातृभाषा चगताई तुर्की में लिखा। इसमें फरगना, काबुल तथा हिन्दुस्तान के तीन खण्डों में उसका जीवन, युद्ध, राजनीति तथा भारत की भूमि, ऋतु, वनस्पति एवं पशु-पक्षियों का सूक्ष्म एवं निष्पक्ष वर्णन मिलता है। अकबर के आदेश पर 1589 में अब्दुर्रहीम खानखाना ने इसका फारसी अनुवाद किया। उन्नीसवीं शताब्दी में लेडेन एवं अर्सकिन ने तथा बाद में एनेट बेवरिज ने इसका अंग्रेजी अनुवाद प्रस्तुत किया।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q38. नीचे दिए गए कथनों को अभिकथन (A) और कारण (R) के रूप में चिह्नित करें। सही विकल्प चुनें।

अभिकथन (A): हुमायूँ का मकबरा पहला प्रमुख मुगल उद्यान मकबरा था और इसने सीधे ताजमहल के डिजाइन को प्रेरित किया।

कारण (R): इसने चारबाग उद्यान लेआउट और दोहरे गुंबद वाले मकबरे की शैली पेश की जो बाद में मुगल वास्तुकला की विशेषता बन गई।

Right Answer: A और R दोनों सत्य हैं, तथा R, A का सही स्पष्टीकरण है।


Explanation:

हुमायूँ का मकबरा 1570 के आसपास हाजी बेगम के संरक्षण में बना और यह भारत में पहला प्रमुख मुगल उद्यान मकबरा माना जाता है, इसलिए अभिकथन सत्य है। कारण भी सत्य है, क्योंकि इसी इमारत ने चारबाग शैली का उद्यान विन्यास तथा दोहरे गुंबद की तकनीक भारत में स्थापित की। ये दोनों विशेषताएँ आगे चलकर मुगल वास्तुकला की पहचान बनीं और ताजमहल में अपने चरम पर पहुँचीं। चूँकि कारण ठीक वही स्थापत्य नवाचार बताता है जिसके बल पर यह मकबरा ताजमहल का प्रेरणास्रोत बना, इसलिए R, A का सही स्पष्टीकरण है।
Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q39. भक्ति परम्परा में उपासना के कौन से दो व्यापक प्रकार बताए गए हैं?

Right Answer: सगुण और निर्गुण


Explanation:

मध्यकालीन भक्ति आंदोलन में उपासना की दो व्यापक धाराएँ मानी जाती हैं। सगुण भक्ति में ईश्वर को साकार रूप में स्वीकार किया जाता है और राम, कृष्ण या शिव के मूर्त रूपों की आराधना की जाती है, जिसके प्रमुख संत तुलसीदास, सूरदास और मीराबाई हैं। निर्गुण भक्ति में ईश्वर को निराकार, निर्विशेष और सर्वव्यापी माना जाता है तथा मूर्तिपूजा एवं कर्मकांड का विरोध किया जाता है, जिसके प्रमुख संत कबीर, नानक और रैदास हैं। अतः सही उत्तर सगुण और निर्गुण है।
Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Published: 28 July 2026 | Last Updated: 19 August 2026 |


Was this topic helpful?
Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

Educational Content Creator

I am an educational content creator dedicated to making learning simple, engaging, and accessible for students preparing for competitive exams. He specializes in creating high-quality study materials, including notes, multiple-choice questions (MCQs), previous year question papers, practice tests, and exam-oriented resources.

Experience: 10+ years in Education and Competitive Exam Content Creator

0 Comments

Be the first to comment.

Leave a comment

Your email will not be published. Comments are reviewed before appearing.