History - Ancient Indian History: 38 MCQs with Answers
History- Ancient Indian History
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0%Q26. ‘एम्फोरा’ का सम्बन्ध था :
Right Answer: मृदभांड से
Explanation:
एम्फोरा एक विशिष्ट प्रकार का मृद्भाण्ड है, जिसकी पहचान लम्बी संकरी गर्दन, अण्डाकार शरीर तथा दोनों ओर लगे दो हत्थों से होती है। भूमध्यसागरीय क्षेत्र में इसका उपयोग शराब, जैतून का तेल तथा अन्य तरल पदार्थों के भण्डारण एवं समुद्री परिवहन के लिए किया जाता था। भारत में तमिलनाडु के अरिकामेडु से रोमन एम्फोरा के अनेक टुकड़े मिले हैं, जो संगमकाल में भारत तथा रोमन साम्राज्य के बीच सक्रिय व्यापारिक सम्बन्धों का ठोस पुरातात्त्विक प्रमाण हैं। ऐसे ही अवशेष कोल्हापुर तथा नेवासा से भी प्राप्त हुए हैं।
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Q27. महात्मा बुद्ध की सुल्तानगंज की प्रसिद्ध मूर्ति निम्न में से किससे निर्मित थी ?
Right Answer: ताम्र से
Explanation:
सुल्तानगंज की प्रसिद्ध बुद्ध प्रतिमा बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज से 1861 में रेल-निर्माण के दौरान प्राप्त हुई। यह ताम्र अर्थात् ताँबे से निर्मित है, लगभग सवा दो मीटर ऊँची तथा पाँच सौ किलोग्राम से अधिक भारी है और गुप्तकालीन धातु-ढलाई कला का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती है। प्रतिमा में बुद्ध खड़ी मुद्रा में अभय मुद्रा प्रदर्शित करते हैं और उनका पारदर्शी प्रतीत होता चीवर सारनाथ शैली की विशेषता दर्शाता है। यह मूर्ति वर्तमान में इंग्लैण्ड के बर्मिंघम संग्रहालय एवं कला दीर्घा में रखी है।
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Q28. निम्नांकित शासकों में से किस शासक ने बृहदीश्वर मन्दिर का निर्माण करवाया ?
Right Answer: राजराज प्रथम
Explanation:
तंजावुर का बृहदीश्वर मन्दिर चोल शासक राजराज प्रथम ने 1010 ईस्वी में पूर्ण करवाया और इसीलिए इसे राजराजेश्वर मन्दिर भी कहा जाता है। यह द्रविड़ स्थापत्य शैली का चरमोत्कर्ष माना जाता है। इसका विमान लगभग साठ मीटर ऊँचा है और शिखर पर रखा एकाश्म कलश कई टन भारी है। मन्दिर में विशाल नन्दी प्रतिमा तथा चोलकालीन भित्तिचित्र भी हैं। इसे यूनेस्को ने ‘महान चोल मन्दिर’ के अन्तर्गत विश्व धरोहर घोषित किया है। राजेन्द्र प्रथम ने आगे चलकर गंगईकोण्डचोलपुरम में इसी शैली का मन्दिर बनवाया।
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Q29. निम्न में से किस अभिलेख से स्थापित होता है कि हर्ष ने वल्लभी शासक ध्रुवसेन II को परास्त किया था ?
Right Answer: नवसारी ताम्रपत्र अभिलेख
Explanation:
वल्लभी के मैत्रक शासक ध्रुवसेन द्वितीय को हर्षवर्धन ने पराजित किया था, इसका प्रमाण नवसारी ताम्रपत्र अभिलेख से मिलता है। बाद में हर्ष ने अपनी पुत्री का विवाह ध्रुवसेन द्वितीय से करके उसे अपना मित्र एवं सामन्त बना लिया, जिससे पश्चिमी सीमा सुरक्षित हो गई। चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी वल्लभी की समृद्धि तथा हर्ष से उसके सम्बन्ध का उल्लेख किया है। ऐहोल अभिलेख चालुक्य पुलकेशिन द्वितीय द्वारा हर्ष की पराजय का वर्णन करता है, जबकि बांसखेड़ा तथा मधुबन ताम्रपत्र स्वयं हर्ष के जारी किए गए भूमिदान-अभिलेख हैं।
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Q30. निम्न में से किस स्थल से 'R-37' कब्रिस्तान मिला था ?
Right Answer: हड़प्पा
Explanation:
हड़प्पा सभ्यता के प्रमुख स्थल हड़प्पा से ‘कब्रिस्तान आर-37’ नामक शवाधान क्षेत्र प्राप्त हुआ है, जो परिपक्व हड़प्पा काल का है। यहाँ शवों को सामान्यतः उत्तर-दक्षिण दिशा में सिर उत्तर की ओर रखकर पूर्ण समाधि दी जाती थी और उनके साथ मृद्भाण्ड, आभूषण तथा दैनिक उपयोग की वस्तुएँ रखी जाती थीं, जो परलोक सम्बन्धी विश्वास का संकेत देती हैं। इसी स्थल से ‘कब्रिस्तान एच’ भी मिला है, जो उत्तर हड़प्पा काल का है और जहाँ अस्थियों को कलश में रखने की भिन्न परम्परा दिखाई देती है। हड़प्पा का उत्खनन 1921 में दयाराम साहनी ने करवाया।
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Q31. दन्तिदुर्ग ने किस चालुक्य नरेश को पराजित किया और महाराष्ट्र में राष्ट्रकूट शासन की शुरूआत हुई ?
Right Answer: कीर्तिवर्मन द्वितीय
Explanation:
राष्ट्रकूट वंश की वास्तविक स्थापना दन्तिदुर्ग ने की, जिसने लगभग 753 ईस्वी में बादामी के चालुक्य नरेश कीर्तिवर्मन द्वितीय को पराजित कर महाराष्ट्र में राष्ट्रकूट सत्ता स्थापित की। इससे पूर्व राष्ट्रकूट चालुक्यों के सामन्त थे। दन्तिदुर्ग ने उज्जैन में हिरण्यगर्भ महादान का अनुष्ठान किया और ‘महाराजाधिराज परमेश्वर’ की उपाधि धारण की। उसके उत्तराधिकारी कृष्ण प्रथम ने एलोरा का विश्वप्रसिद्ध कैलाश मन्दिर एक ही चट्टान को काटकर बनवाया। आगे चलकर राष्ट्रकूट कन्नौज के त्रिपक्षीय संघर्ष में प्रतिहारों तथा पालों के प्रमुख प्रतिद्वन्द्वी बने।
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Q32. निम्न में से किसने अवन्ति की विजय की थी ?
Right Answer: शिशुनाग
Explanation:
मगध साम्राज्य के विस्तार में अवन्ति की विजय एक निर्णायक घटना थी। हर्यक वंश के पतन के बाद शिशुनाग ने मगध की सत्ता सँभाली और उसने अवन्ति के प्रद्योत वंश का अन्त कर उसे मगध में मिला लिया। इससे मगध तथा अवन्ति का लम्बा संघर्ष सदा के लिए समाप्त हो गया और मगध उत्तर भारत की सर्वप्रमुख शक्ति बन गया। शिशुनाग ने कुछ समय के लिए राजधानी राजगृह से हटाकर वैशाली भी की। उसके पुत्र कालाशोक के शासनकाल में वैशाली में द्वितीय बौद्ध संगीति हुई। बिम्बिसार तथा अजातशत्रु ने अंग एवं वज्जि संघ पर विजय पाई थी।
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Q33. किस प्रतिहार शासक के शासनकाल में प्रसिद्ध ग्रन्थ ‘‘कुवलयमाला’’ की रचना की गई ?
Right Answer: वत्सराज
Explanation:
‘कुवलयमाला’ नामक प्राकृत चम्पू-कथा की रचना जैन आचार्य उद्योतन सूरि ने 778 ईस्वी में की। ग्रन्थ की प्रशस्ति के अनुसार इसकी रचना राजस्थान के जालोर में गुर्जर-प्रतिहार शासक वत्सराज के शासनकाल में पूर्ण हुई। यह कृति तत्कालीन समाज, व्यापार, नगर-जीवन तथा भाषाओं के अध्ययन के लिए अत्यन्त महत्त्वपूर्ण स्रोत है, क्योंकि इसमें अठारह देशी भाषाओं तथा विभिन्न प्रदेशों के लोगों की बोलियों के नमूने दिए गए हैं। वत्सराज कन्नौज के त्रिपक्षीय संघर्ष में सम्मिलित प्रमुख प्रतिहार शासक था, जिसे राष्ट्रकूट ध्रुव ने पराजित किया।
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Q34. निम्नलिखित में से किस गुप्त शासक से श्रीलंका के शासक मेघवर्मन ने गया में बौद्ध मंदिर निर्माण की अनुमति माँगी थी ?
Right Answer: समुद्रगुप्त
Explanation:
श्रीलंका के शासक मेघवर्मन ने गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त के पास उपहारों सहित दूतमण्डल भेजकर बोधगया में श्रीलंकाई बौद्ध तीर्थयात्रियों के लिए विहार बनवाने की अनुमति माँगी थी। समुद्रगुप्त ने यह अनुमति दे दी और वहाँ महाबोधि संघाराम का निर्माण हुआ। चीनी यात्री ह्वेनसांग ने सातवीं शताब्दी में इस विहार को देखा और बताया कि उसमें लगभग एक हजार भिक्षु निवास करते थे। यह घटना गुप्तकाल की धार्मिक सहिष्णुता तथा समुद्रगुप्त की अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा दोनों को दर्शाती है। इसका उल्लेख चीनी स्रोतों में मिलता है।
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Q35. निम्न में से अशोक के किस वृहत्शिलालेख में ‘वचोगुति’, ‘बहुश्रुता’ एवं ‘समवाय’ पर बल दिया था ?
Right Answer: बारहवाँ वृहत्शिलालेख
Explanation:
अशोक के बारहवें वृहत् शिलालेख को धार्मिक सहिष्णुता का सर्वोत्तम उद्घोष माना जाता है। इसमें सम्राट कहता है कि सभी सम्प्रदायों के सार की वृद्धि होनी चाहिए और इसके लिए तीन बातों पर बल दिया गया है — ‘वचोगुति’ अर्थात् वाणी का संयम, जिससे अपने मत की अनुचित प्रशंसा और दूसरे मत की निन्दा न हो; ‘बहुश्रुता’ अर्थात् दूसरों के सिद्धान्तों को सुनना एवं जानना; तथा ‘समवाय’ अर्थात् सम्प्रदायों का पारस्परिक मेल-मिलाप। इसी लेख में अशोक कहता है कि जो अपने सम्प्रदाय की प्रशंसा हेतु दूसरे की निन्दा करता है, वह वस्तुतः अपने ही सम्प्रदाय को हानि पहुँचाता है।
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Q36. किस प्राचीन शासक का प्रशासन अपनी अत्यधिक केंद्रीकृत संरचना के लिए जाना जाता है?
Right Answer: चन्द्रगुप्त मौर्य
Explanation:
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Q37. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म अशोक स्तंभ स्थलों से सही सुमेलित है?
Right Answer: लौरिया नंदनगढ़ – बिहार
Explanation:
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