History - Ancient Indian History: 38 MCQs with Answers
History- Ancient Indian History
Your Progress
0%Q1. भारत में शून्य के संप्रत्यय सहित दशमलव संख्यात्मक प्रणाली की खोज किस राजवंश के दौरान हुई?
Right Answer: गुप्त राजवंश
Explanation:
शून्य सहित दशमलव स्थानमान संख्या प्रणाली का विकास भारत में गुप्त काल के दौरान हुआ, जिसे भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग कहा जाता है। इसी काल में आर्यभट्ट तथा वराहमिहिर जैसे महान गणितज्ञ एवं खगोलशास्त्री हुए। आर्यभट्ट ने अपने ग्रंथ आर्यभटीय में स्थानमान पद्धति का प्रयोग किया और पाई का सन्निकट मान दिया। ब्रह्मगुप्त ने बाद में शून्य को एक स्वतंत्र संख्या मानकर उसके गणितीय नियम स्पष्ट किए। यह प्रणाली अरब व्यापारियों के माध्यम से यूरोप पहुँची और आज सम्पूर्ण विश्व इसी पद्धति का प्रयोग करता है। इसी कारण गुप्त काल को गणित एवं विज्ञान की उन्नति का युग माना जाता है।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q2. चीनी यात्री फाह्यान किस शासक के शासनकाल में भारत आया था?
Right Answer: चंद्रगुप्त द्वितीय
Explanation:
फाह्यान चीन का प्रसिद्ध बौद्ध यात्री था जो गुप्त सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य के शासनकाल में लगभग 399 से 414 ईस्वी के बीच भारत आया था। उसका मुख्य उद्देश्य बौद्ध धर्म के प्रामाणिक ग्रंथों तथा विनय पिटक की प्रतियाँ प्राप्त करना था। उसने अपने यात्रा वृत्तांत फो-कुओ-की में तत्कालीन भारत की सामाजिक, धार्मिक एवं आर्थिक दशा का विस्तृत वर्णन किया। उसने पाटलिपुत्र की समृद्धि, नि:शुल्क चिकित्सालयों तथा धर्मशालाओं की प्रशंसा की और बताया कि अधिकांश लोग शाकाहारी थे तथा दंड व्यवस्था अत्यंत उदार थी।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q3. भारतीय उपमहाद्वीप की पहली सभ्यता का विकास कहाँ हुआ?
Right Answer: सिन्धु घाटी
Explanation:
भारतीय उपमहाद्वीप की प्रथम नगरीय सभ्यता सिन्धु घाटी सभ्यता थी, जिसका विकास लगभग 2500 ईसा पूर्व सिन्धु नदी एवं उसकी सहायक नदियों के किनारे हुआ। इसे हड़प्पा सभ्यता भी कहा जाता है क्योंकि सबसे पहले हड़प्पा स्थल का उत्खनन हुआ था। यह सभ्यता अपनी सुनियोजित नगर व्यवस्था, पक्की ईंटों के भवनों, चौड़ी सड़कों, उन्नत जल निकास प्रणाली तथा विशाल स्नानागार के लिए विश्व प्रसिद्ध है। मोहनजोदड़ो, कालीबंगा, लोथल एवं धौलावीरा इसके प्रमुख स्थल हैं। इसकी लिपि आज तक पढ़ी नहीं जा सकी है।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q4. हड़प्पा की खोज किसने की थी?
Right Answer: दयाराम साहनी
Explanation:
हड़प्पा स्थल की खोज सन 1921 में पुरातत्वविद दयाराम साहनी ने की थी। यह स्थल वर्तमान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रावी नदी के तट पर स्थित है। उस समय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक सर जॉन मार्शल थे, जिनके निर्देशन में यह उत्खनन कार्य हुआ। अगले ही वर्ष 1922 में राखालदास बनर्जी ने सिन्धु नदी के किनारे मोहनजोदड़ो की खोज की। इन दोनों खोजों ने विश्व को यह बताया कि भारत में मिस्र एवं मेसोपोटामिया के समकालीन एक अत्यंत विकसित नगरीय सभ्यता विद्यमान थी।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q5. महाभारत काल में गंगापुत्र किसे कहा गया था?
Right Answer: भीष्म
Explanation:
महाभारत में भीष्म को गंगापुत्र कहा गया है क्योंकि वे राजा शांतनु तथा देवी गंगा के पुत्र थे। उनका मूल नाम देवव्रत था। अपने पिता शांतनु की इच्छा पूर्ण करने के लिए उन्होंने आजीवन ब्रह्मचर्य का कठोर प्रण लिया, जिससे सत्यवती के साथ शांतनु का विवाह सम्भव हो सका। इसी भीषण प्रतिज्ञा के कारण उन्हें भीष्म नाम मिला। उन्हें इच्छामृत्यु का वरदान प्राप्त था। महाभारत युद्ध में वे कौरवों की ओर से लड़े तथा दस दिनों तक सेनापति रहे और अंत में शरशय्या पर लेटकर उत्तरायण की प्रतीक्षा की।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q6. दुर्योधन की माता कौन थी?
Right Answer: गांधारी
Explanation:
दुर्योधन की माता गांधारी थीं, जो गांधार राज्य के राजा सुबल की पुत्री तथा शकुनि की बहन थीं। उनका विवाह हस्तिनापुर के जन्मांध राजा धृतराष्ट्र से हुआ था। पति के प्रति समर्पण एवं सहानुभूति प्रकट करने के लिए उन्होंने आजीवन अपनी आँखों पर पट्टी बाँधे रखने का व्रत लिया। गांधारी के सौ पुत्र हुए जिन्हें कौरव कहा जाता है और दुर्योधन उनमें ज्येष्ठ था। महाभारत युद्ध में अपने समस्त पुत्रों की मृत्यु के पश्चात दुःखी होकर उन्होंने श्रीकृष्ण को यदुवंश के विनाश का शाप दिया था।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q7. गायत्री मंत्र किस वेद में लिखित है?
Right Answer: ऋग्वेद
Explanation:
गायत्री मंत्र ऋग्वेद के तृतीय मंडल में वर्णित है और इसके द्रष्टा ऋषि विश्वामित्र माने जाते हैं। यह मंत्र सवितृ अर्थात सूर्य देवता को समर्पित है, इसलिए इसे सावित्री मंत्र भी कहा जाता है। इसमें उस दिव्य तेज का ध्यान करते हुए बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करने की प्रार्थना की गई है। यह गायत्री छंद में रचित है जिसमें चौबीस अक्षर होते हैं। ऋग्वेद सबसे प्राचीन वेद है जिसमें 1028 सूक्त तथा दस मंडल हैं। उपनयन संस्कार के समय इसी मंत्र की दीक्षा दी जाती है।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q8. गौतम बुद्ध के बचपन का नाम क्या था?
Right Answer: सिद्धार्थ
Explanation:
गौतम बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था, जिसका अर्थ है जिसने अपना उद्देश्य सिद्ध कर लिया हो। उनका जन्म 563 ईसा पूर्व के आसपास नेपाल स्थित लुम्बिनी में शाक्य वंश के राजा शुद्धोदन तथा रानी महामाया के यहाँ हुआ था। जन्म के सात दिन बाद माता की मृत्यु हो गई और उनका पालन-पोषण मौसी प्रजापति गौतमी ने किया, इसीलिए वे गौतम कहलाए। उनकी पत्नी यशोधरा तथा पुत्र राहुल थे। उन्तीस वर्ष की आयु में गृह त्याग कर उन्होंने बोधगया में ज्ञान प्राप्त किया और बुद्ध कहलाए।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q9. प्रथम जैन तीर्थंकर कौन थे?
Right Answer: ऋषभदेव
Explanation:
जैन परंपरा के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव थे, जिन्हें आदिनाथ भी कहा जाता है। जैन धर्म में कुल चौबीस तीर्थंकर माने गए हैं, जिनमें तेईसवें पार्श्वनाथ तथा चौबीसवें एवं अंतिम महावीर स्वामी थे। ऋषभदेव का प्रतीक चिह्न वृषभ अर्थात बैल है और उनका उल्लेख ऋग्वेद तथा भागवत पुराण जैसे हिन्दू ग्रंथों में भी मिलता है, जो जैन परंपरा की अत्यंत प्राचीनता को दर्शाता है। मान्यता है कि उन्होंने मानव समाज को कृषि, शिल्प तथा लिपि का ज्ञान दिया। उनके पुत्र भरत के नाम पर ही देश का नाम भारत पड़ा।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q10. गया का संबंध भगवान बुद्ध से किस कारण है?
Right Answer: यहाँ उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी
Explanation:
बिहार स्थित गया का संबंध भगवान बुद्ध से इसलिए है क्योंकि यहीं बोधगया में निरंजना नदी के तट पर एक पीपल वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान अर्थात बोधि की प्राप्ति हुई थी। इसी कारण उस वृक्ष को बोधि वृक्ष तथा स्थान को बोधगया कहा जाता है। उनका जन्म लुम्बिनी में हुआ, प्रथम उपदेश सारनाथ में दिया जिसे धर्मचक्रप्रवर्तन कहते हैं, तथा महापरिनिर्वाण कुशीनगर में प्राप्त हुआ। बोधगया का महाबोधि मंदिर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है और विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों का प्रमुख तीर्थ केंद्र है।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q11. भारतीय राष्ट्रीय चिह्न के नीचे देवनागरी लिपि में लिखा वाक्य सत्यमेव जयते कहाँ से लिया गया है?
Right Answer: मुंडक उपनिषद
Explanation:
भारत के राष्ट्रीय चिह्न के नीचे अंकित सत्यमेव जयते वाक्य मुंडक उपनिषद से लिया गया है, जो अथर्ववेद से संबद्ध है। इसका अर्थ है सत्य की ही विजय होती है। इस आदर्श वाक्य को सर्वप्रथम पंडित मदन मोहन मालवीय ने लोकप्रिय बनाया था। भारत का राष्ट्रीय चिह्न सारनाथ स्थित सम्राट अशोक के सिंह स्तंभ शीर्ष से लिया गया है, जिसे 26 जनवरी 1950 को अपनाया गया। मूल स्तंभ में चार सिंह हैं परंतु चिह्न में केवल तीन ही दिखाई देते हैं तथा नीचे धर्मचक्र, बैल एवं घोड़ा अंकित हैं।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q12. बौद्ध संघ में प्रवेश को क्या कहा जाता था?
Right Answer: प्रव्रज्या
Explanation:
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q13. "एकं सद् विप्रा बहुधा वदन्ति" किस ग्रन्थ में मिलता है?
Right Answer: ऋग्वेद
Explanation:
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q14. उत्तरमेरूर अभिलेख किस शासक के ग्रामीण प्रशासन का विवरण देता है?
Right Answer: परान्तक प्रथम
Explanation:
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q15. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है? (महाजनपद – राजधानी)
महाजनपद एवं राजधानी के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- शूरसेन – मथुरा
- चेदि – काम्पिल्य
- पांचाल – अहिच्छत्र
- अंग – चम्पा
Right Answer: चेदि – काम्पिल्य
Explanation:
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q16. मध्यपाषाणकालीन स्थल "सराय नाहर राय" कहाँ स्थित है?
Right Answer: उत्तर प्रदेश
Explanation:
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q17. निम्नलिखित राजवंशों का सही कालक्रम क्या है?
निम्नलिखित राजवंशों पर विचार कीजिए:
- A. शुंग
- B. मौर्य
- C. सातवाहन
- D. हर्यक
Right Answer: D, B, A, C
Explanation:
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q18. निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता एलीफेंटा गुफाओं को प्रारंभिक भारत के अन्य चट्टान-कट स्थलों से अलग करती है?
Right Answer: ये गुफाएँ शैव विषयवस्तु पर केंद्रित हैं तथा इनमें प्रकाश और छाया के माध्यम से मूर्तिकला की गहराई दिखाई देती है
Explanation:
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q19. बौद्ध संघ में प्रवेश को कहा जाता था :
Right Answer: प्रव्रज्जा
Explanation:
बौद्ध संघ में प्रवेश की प्रक्रिया को प्रव्रज्या कहा जाता था, जिसका शाब्दिक अर्थ है घर छोड़कर आगे बढ़ जाना। इसके पश्चात् व्यक्ति श्रामणेर अर्थात् नवदीक्षित बनता था। पूर्ण भिक्षु बनने के लिए आगे चलकर उपसम्पदा नामक उच्च दीक्षा दी जाती थी, जिसके लिए न्यूनतम आयु बीस वर्ष निर्धारित थी। पातिमोक्ख भिक्षुओं के लिए बनाए गए आचार-नियमों की संहिता थी, जिसका पाठ प्रत्येक पक्ष के अन्त में होता था, और उपोसथ वह सामूहिक सभा थी जिसमें भिक्षु एकत्र होकर अपने दोषों की स्वीकारोक्ति करते थे।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q20. ‘एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति’ निम्नलिखित प्राचीन ग्रन्थों में से किस ग्रन्थ में उपरोक्त वक्तव्य का उल्लेख मिलता है ?
Right Answer: ऋग्वेद
Explanation:
‘एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति’ यह प्रसिद्ध सूक्ति ऋग्वेद के प्रथम मण्डल के 164वें सूक्त में आती है। इसका अर्थ है कि सत्य एक ही है, विद्वान उसे अनेक नामों से पुकारते हैं। यह वाक्य भारतीय चिन्तन की उस उदार एवं समन्वयवादी दृष्टि का प्रतीक माना जाता है जो विविध उपासना-पद्धतियों को एक ही परम सत्य तक पहुँचने के भिन्न मार्ग मानती है। ऋग्वेद चारों वेदों में प्राचीनतम है, इसमें दस मण्डल तथा लगभग एक हजार अट्ठाईस सूक्त हैं और यह मुख्यतः देवताओं की स्तुति से सम्बद्ध है।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q21. निम्नलिखित में से किस शासक के ग्रामीण प्रशासन का विवरण उत्तरमेरूर अभिलेख में मिलता है ?
Right Answer: परान्तक प्रथम
Explanation:
उत्तरमेरूर अभिलेख चोल शासक परान्तक प्रथम के काल का है और यह तमिलनाडु के काँचीपुरम जिले में स्थित वैकुण्ठ पेरुमाल मन्दिर की दीवारों पर उत्कीर्ण है। यह चोलकालीन ग्रामीण स्वशासन का सर्वाधिक विस्तृत साक्ष्य प्रस्तुत करता है। इसमें ‘सभा’ नामक ग्राम-संस्था के निर्माण की विधि, वार्ड अर्थात् ‘कुडुम्बु’ के आधार पर सदस्यों के चयन, ‘कुडवोलै’ अर्थात् घड़े में से पर्ची निकालकर चुनाव करने की प्रणाली, सदस्यों की योग्यताएँ तथा अयोग्यताएँ और विभिन्न समितियों के कार्य विस्तार से वर्णित हैं।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q22. निम्नलिखित युग्मों में से कौन - सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ? महाजनपद राजधानी
Right Answer: चेदि - काम्पिल्य
Explanation:
बौद्ध ग्रन्थ अंगुत्तर निकाय में ईसा पूर्व छठी शताब्दी के सोलह महाजनपदों की सूची मिलती है। इनमें शूरसेन की राजधानी मथुरा, पांचाल की राजधानी अहिच्छत्र तथा काम्पिल्य और अंग की राजधानी चम्पा थी। चेदि महाजनपद की राजधानी शुक्तिमती अथवा सोत्थिवती थी, जो वर्तमान बुन्देलखण्ड क्षेत्र में स्थित मानी जाती है। काम्पिल्य वस्तुतः दक्षिण पांचाल की राजधानी थी, चेदि की नहीं। अतः चेदि को काम्पिल्य से जोड़ना गलत है और यही असंगत युग्म है। महाभारत में चेदि नरेश शिशुपाल का उल्लेख मिलता है, जो श्रीकृष्ण का प्रतिद्वन्द्वी था। इन सोलह महाजनपदों में मगध, कोसल, वत्स तथा अवन्ति सर्वाधिक शक्तिशाली सिद्ध हुए।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q23. मध्यपाषाणकालीन स्थल ‘सराय नाहर राय’ स्थित है :
Right Answer: उत्तर प्रदेश में
Explanation:
सराय नाहर राय उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में स्थित एक महत्त्वपूर्ण मध्यपाषाणकालीन स्थल है, जिसका उत्खनन जी० आर० शर्मा ने करवाया। यहाँ से लघु पाषाण उपकरण अर्थात् माइक्रोलिथ, मानव कंकाल, पशु-अस्थियाँ तथा अग्निकुण्ड प्राप्त हुए हैं। यहाँ मिली सामूहिक शवाधान की व्यवस्था तथा एक कंकाल की पसली में धँसा हुआ अस्थि-बाणाग्र इस काल में हिंसक संघर्ष का प्रमाण देता है। इसी क्षेत्र के महदहा तथा दमदमा भी प्रसिद्ध मध्यपाषाणकालीन स्थल हैं। राजस्थान का बागोर तथा मध्य प्रदेश का भीमबेटका भी इसी काल से जुड़े हैं।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q24. निम्नलिखित को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही विकल्प चुनिए :
A. शुंग वंश
B. मौर्य वंश
C. सातवाहन वंश
D. हर्यक वंश
Right Answer: D, B, A, C
Explanation:
इन चारों राजवंशों का सही कालक्रम इस प्रकार है। हर्यक वंश मगध का प्राचीनतम प्रमुख राजवंश था, जिसकी स्थापना बिम्बिसार ने ईसा पूर्व छठी शताब्दी में की और अजातशत्रु इसका प्रतापी शासक रहा। मौर्य वंश की स्थापना चन्द्रगुप्त मौर्य ने 322 ईसा पूर्व में की और अशोक के काल में यह अपने चरम पर पहुँचा। शुंग वंश की नींव 185 ईसा पूर्व में पुष्यमित्र शुंग ने अन्तिम मौर्य शासक बृहद्रथ की हत्या करके रखी। सातवाहन वंश दक्षिण भारत में लगभग प्रथम शताब्दी ईसा पूर्व से उभरा, जिसका महान शासक गौतमीपुत्र सातकर्णी था।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q25. निम्नलिखित में से कौन - सा यजुर्वेद का ब्राह्मण ग्रन्थ है ?
Right Answer: शतपथ
Explanation:
प्रत्येक वेद के साथ ब्राह्मण ग्रन्थ जुड़े हैं, जो यज्ञों की विधि तथा उनके अर्थ की व्याख्या करते हैं। शतपथ ब्राह्मण यजुर्वेद, विशेषकर शुक्ल यजुर्वेद, से सम्बद्ध है और यह सभी ब्राह्मण ग्रन्थों में सबसे विस्तृत एवं महत्त्वपूर्ण माना जाता है। इसमें सौ अध्याय होने के कारण ही इसका नाम शतपथ पड़ा। इसी में मनु एवं प्रलय की प्रसिद्ध कथा तथा विदेह माधव के पूर्व की ओर प्रसार का वर्णन मिलता है। ऐतरेय एवं कौषीतकि ऋग्वेद से, गोपथ अथर्ववेद से तथा पंचविंश एवं जैमिनीय सामवेद से जुड़े ब्राह्मण ग्रन्थ हैं।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
0 Comments
Be the first to comment.
Leave a comment
Your email will not be published. Comments are reviewed before appearing.