Hindi Literature - भक्ति एवं रीतिकालीन काव्य: 16 MCQs with Answers

भक्ति एवं रीतिकालीन काव्य - Hindi Literature
Hindi Literature - भक्ति एवं रीतिकालीन काव्य

Hindi Literature- भक्ति एवं रीतिकालीन काव्य

यहाँ भक्तिकाल (कबीर, सूरदास, मीरा, तुलसीदास आदि) एवं रीतिकाल (बिहारी, भूषण, देव, मतिराम आदि) के कवियों, रचनाओं तथा काव्य-पंक्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) दिए गए हैं।

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Q1. कश्मीरी भाषा की लोकप्रिय संत कवयित्री ललद्यद की काव्य-शैली को कहा जाता है—

Right Answer: वाख


Explanation:

ललद्यद कश्मीरी भाषा की प्रसिद्ध संत-कवयित्री थीं। उनकी काव्य-शैली को ‘वाख’ कहा जाता है। वाख कश्मीरी काव्य की एक विशिष्ट शैली है।

तुलना के लिए—

कबीर — दोहे

मीरा — पद

तुलसीदास — चौपाई

रसखान — सवैया

ललद्यद — वाख

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Q2. “ऊधौ, तुम हौ अति बड़भागी...” पद के अनुसार गोपियाँ उद्धव को भाग्यवान क्यों कहती हैं?

Right Answer: प्रेम के बंधन से अनासक्त रहने के कारण।


Explanation:

सूरदास के भ्रमरगीत में गोपियाँ उद्धव के ज्ञानमार्ग और योग-साधना पर व्यंग्य करती हैं। वे कहती हैं कि उद्धव बहुत भाग्यवान हैं क्योंकि वे प्रेम के बंधन में नहीं बँधे हैं और विरह की पीड़ा से मुक्त हैं।

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Q3. मीरा के काव्य के संबंध में कौन-सा कथन सही नहीं है?

Right Answer: मीरा के पदों में गुजराती भाषा का विशेष पुट है।


Explanation:

मीरा के काव्य की प्रमुख भाषा राजस्थानी मिश्रित ब्रजभाषा मानी जाती है। उनके पदों में गुजराती का विशेष पुट होना उनका प्रमुख भाषागत लक्षण नहीं है।

उनके काव्य में विरह, प्रेम और कृष्ण-भक्ति प्रमुख हैं।

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Q4. कबीर को ‘वाणी का डिक्टेटर’ किसने कहा है?

Right Answer: आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी


Explanation:

कबीर की निर्भीक, अक्खड़, प्रभावशाली और अधिकारपूर्ण वाणी को देखते हुए हजारी प्रसाद द्विवेदी ने उन्हें ‘वाणी का डिक्टेटर’ कहा है।

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Q5. “सघन कुंज छाया सुखद, शीतल सुरभि समीर।मन है जात अजौ वहै, वा जमुना के तीर।।”‘यमुना’ नदी को लक्ष्य करके कही गई उक्त पंक्तियाँ किस कवि की हैं?

Right Answer: बिहारी


Explanation:

ये पंक्तियाँ बिहारीलाल की हैं। बिहारी ने अपने दोहों में ब्रजभूमि, यमुना, प्रकृति तथा श्रृंगार के अत्यंत प्रभावशाली चित्र प्रस्तुत किए हैं।

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Q6. काव्य-पंक्तियों (सूची-I) को रीतिकालीन कवियों (सूची-II) के साथ सुमेलित कीजिए तथा उसके नीचे दिये गये कूट की सहायता से सही विकल्प चुनिए –

सूची-I :

(a) भाषा ब्रज-भाषा रुचिर, कहें सुमति सब कोइ। मिलें संस्कृत-फारिसिहुँ, सो अति प्रघट जु होइ।।

(b) ज्यों-ज्यों निहारिए नेरे है नैननि, त्यों-त्यों खरी निकरै सी निकाई।।

(c) सूनो कै परम पद, ऊनो कै अनंत मद, नूनो कै नदीस नद, इंदिरा झुरैपरी।

(d) जो या कंठाभरण को, कंठ करै चितलाय, सभा मध्य सोभा लहै, अलंकृती ठहराय।

सूची-II :

(i) देव

(ii) भिखारीदास

(iii) दूलह

(iv) मतिराम

कूट :

Right Answer: (a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii)


Explanation:

इन काव्य-पंक्तियों की शैली, शब्दावली और काव्यगत विशेषताओं के आधार पर क्रमशः भिखारीदास, मतिराम, देव और दूलह का मिलान होता है।

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Q7. “भाखा बोलि न जानहीं, जिनके कुल के दास।” उक्त पंक्ति के अनुसार रीतिकाल के कौन-से कवि ‘भाखा’ में रचना के कारण लज्जित और कुंठित थे?

Right Answer: केशव


Explanation:

रीतिकालीन कवि केशवदास संस्कृत की विद्वत् परंपरा से प्रभावित थे। ब्रजभाषा में रचना करने के कारण उनमें अपनी ‘भाखा’ के प्रति एक प्रकार की हीनभावना दिखाई देती है।

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Q8. भक्ति काव्य में किन कवियों ने अपने पदों की भाषा को ‘तमिल’ बताया है?

Right Answer: आलवार


Explanation:

आलवार दक्षिण भारत के वैष्णव भक्त कवि थे। उनकी रचनाओं की भाषा तमिल थी। उन्होंने विष्णु/कृष्ण की भक्ति में पदों की रचना की।

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Q9. अष्टछाप के कवियों में काव्य-सौष्ठव और भाषा की प्रांजलता की दृष्टि से सूरदास के बाद कौन-सा कवि अधिक महत्त्वपूर्ण है?

Right Answer: नंददास


Explanation:

अष्टछाप के कवियों में सूरदास के बाद नंददास का विशेष महत्त्व माना जाता है। उनके काव्य में भाषा की प्रांजलता, काव्य-सौष्ठव और कलात्मकता विशेष रूप से दिखाई देती है।

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Q10. किस साहित्य धारा के कवियों ने अपनी रचना को ‘आन्यापदेशिक’ कहा है?

Right Answer: सूफी कवि


Explanation:

सूफी कवियों की प्रेमाख्यानक रचनाओं में लौकिक प्रेम-कथाओं के माध्यम से अलौकिक/आध्यात्मिक प्रेम का संकेत मिलता है। इस कारण उनकी रचनाओं को आन्यापदेशिक अर्थात् अन्य अर्थ का संकेत करने वाली रचना कहा गया है।

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Published: 25 August 2026 | Last Updated: 25 August 2026 |


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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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I am an educational content creator dedicated to making learning simple, engaging, and accessible for students preparing for competitive exams. He specializes in creating high-quality study materials, including notes, multiple-choice questions (MCQs), previous year question papers, practice tests, and exam-oriented resources.

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