Haryana GK Questions - हरियाणा का इतिहास: 30 MCQs with Answers

हरियाणा का इतिहास - Haryana GK Questions
Haryana GK Questions - हरियाणा का इतिहास

Haryana GK Questions- हरियाणा का इतिहास

हरियाणा के इतिहास से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न, उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या सहित — HTET, CTET एवं अन्य शिक्षक पात्रता परीक्षाओं हेतु।

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Q11. प्राचीन स्थल भगवानपुरा हरियाणा के किस जिले में स्थित है?

Right Answer: कुरुक्षेत्र


Explanation:

भगवानपुरा हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण पुरातात्त्विक स्थल है। यहाँ हुई खुदाई में उत्तर हड़प्पा एवं चित्रित धूसर मृद्भांड संस्कृतियों के अवशेष एक साथ मिले हैं, जो दोनों सभ्यताओं के बीच सांस्कृतिक सम्पर्क का प्रमाण देते हैं। यह स्थल सरस्वती नदी घाटी सभ्यता के अध्ययन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पुरातत्वविदों के अनुसार भगवानपुरा से प्राप्त साक्ष्य हड़प्पा सभ्यता के पतन और वैदिक संस्कृति के उदय के मध्य की कड़ी को समझने में सहायक सिद्ध होते हैं। इसी कारण यह स्थल हरियाणा के प्राचीन इतिहास में विशेष स्थान रखता है।

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Q12. हरियाणा में इंडो-ग्रीक सिक्के किस स्थान से प्राप्त हुए हैं?

Right Answer: खोखराकोट (रोहतक)


Explanation:

हरियाणा के रोहतक जिले में स्थित खोखराकोट नामक पुरातात्त्विक स्थल से इंडो-ग्रीक शासकों के प्राचीन सिक्के प्राप्त हुए हैं। ये सिक्के दर्शाते हैं कि यह क्षेत्र प्राचीन काल में व्यापारिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है तथा यूनानी प्रभाव वाले शासकों का मुद्रा-प्रचलन यहाँ तक पहुंचा था। खोखराकोट की खुदाई से कुषाण एवं अन्य कालखंडों के अवशेष भी मिले हैं, जो रोहतक के प्राचीन नगर के रूप में निरंतर बसे रहने का प्रमाण देते हैं। यह स्थल हरियाणा के प्राचीन मुद्रा-इतिहास तथा व्यापारिक सम्पर्कों को समझने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

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Q13. किस बौद्ध ग्रन्थ में हरियाणा के विषय में जानकारी मिलती है?

Right Answer: दिव्यावदान


Explanation:

प्राचीन बौद्ध ग्रन्थ 'दिव्यावदान' में हरियाणा क्षेत्र से संबंधित ऐतिहासिक एवं भौगोलिक जानकारी प्राप्त होती है। यह संस्कृत भाषा में रचित बौद्ध कथाओं का संग्रह है, जिसमें उत्तर भारत के विभिन्न प्राचीन नगरों तथा जनपदों का उल्लेख मिलता है। इतिहासकार दिव्यावदान के आधार पर हरियाणा क्षेत्र की प्राचीन सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक स्थिति का अध्ययन करते हैं। यह ग्रन्थ मौर्य काल एवं उसके पश्चात के कालखंड में उत्तर भारत में बौद्ध धर्म के प्रसार को समझने के लिए भी महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। इसी कारण यह हरियाणा के प्राचीन इतिहास के अध्ययन में उल्लेखनीय स्थान रखता है।

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Q14. बनावली (सिंधु घाटी स्थल) की खोज किसने और कब की?

Right Answer: आर.स. बिष्ट ने 1973-74 में


Explanation:

हरियाणा के हिसार जिले में स्थित बनावली सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण स्थल है। इस स्थल की खोज पुरातत्वविद् आर.एस. बिष्ट ने वर्ष 1973-74 में की थी। उत्खनन के दौरान यहाँ से हड़प्पा-पूर्व एवं हड़प्पा कालीन दोनों संस्कृतियों के अवशेष प्राप्त हुए, जो इस क्षेत्र में निरंतर सांस्कृतिक विकास को दर्शाते हैं। बनावली से मिट्टी के बने खिलौने, मुहरें तथा नगर-योजना के प्रमाण भी मिले हैं। इस खोज ने सिंधु सभ्यता के विस्तार तथा हरियाणा क्षेत्र में उसकी उपस्थिति को प्रमाणित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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Q15. महान मौर्य शासक अशोक ने हरियाणा में कहाँ स्तूप बनवाया था?

Right Answer: थानेसर


Explanation:

मौर्य सम्राट अशोक बौद्ध धर्म के प्रबल समर्थक एवं प्रचारक थे। उन्होंने अपने साम्राज्य के विभिन्न भागों में बौद्ध धर्म के प्रसार हेतु स्तूपों का निर्माण करवाया, जिनमें से एक हरियाणा के थानेसर (वर्तमान कुरुक्षेत्र) में स्थित था। यह स्तूप उस काल में बौद्ध धर्म के उत्तर भारत में विस्तार का प्रमाण माना जाता है। थानेसर बाद में वर्धन वंश की राजधानी के रूप में भी प्रसिद्ध हुआ। अशोक द्वारा निर्मित स्तूपों तथा अभिलेखों से प्राचीन हरियाणा क्षेत्र के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का पता चलता है, जो उसे प्राचीन भारत के इतिहास में विशिष्ट स्थान प्रदान करता है।

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Q16. मिहिरभोज के समय कौनसा नगर घोड़ों के व्यापार का केंद्र था?

Right Answer: पेहोवा


Explanation:

नौवीं शताब्दी में प्रतिहार शासक मिहिरभोज के शासनकाल के दौरान हरियाणा का पेहोवा नगर घोड़ों के व्यापार का एक प्रमुख एवं समृद्ध केंद्र माना जाता था। पेहोवा से प्राप्त प्राचीन अभिलेखों में इस क्षेत्र में घोड़ों की खरीद-बिक्री तथा व्यापारियों की सक्रियता का उल्लेख मिलता है। सरस्वती नदी के तट पर स्थित होने के कारण यह नगर प्राचीन काल से ही धार्मिक तथा व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। पेहोवा को आज भी पितरों की सद्गति हेतु पिंडदान के लिए प्रसिद्ध तीर्थ स्थल माना जाता है। इस प्रकार पेहोवा का ऐतिहासिक महत्व हरियाणा की प्राचीन अर्थव्यवस्था तथा संस्कृति को दर्शाता है।

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Q17. बनावली से किन वस्तुओं के प्राचीन साक्ष्य मिले हैं?

Right Answer: मिट्टी का हल एवं जौ के दाने


Explanation:

हरियाणा के हिसार क्षेत्र में स्थित सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल बनावली से उत्खनन के दौरान मिट्टी से बना हल तथा जौ के दानों के प्राचीन साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। यह साक्ष्य दर्शाता है कि उस काल में इस क्षेत्र में कृषि कार्य अत्यंत विकसित अवस्था में था तथा हल जैसे उपकरणों का उपयोग किया जाता था। यह खोज सिंधु सभ्यता की कृषि तकनीक एवं अर्थव्यवस्था को समझने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। बनावली से प्राप्त अन्य अवशेषों के साथ यह साक्ष्य सिद्ध करता है कि हरियाणा क्षेत्र हड़प्पा सभ्यता के दौरान एक समृद्ध कृषि प्रधान क्षेत्र था।

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Q18. बहादुरगढ़ कस्बे का पुराना नाम क्या था?

Right Answer: शर्फाबाद


Explanation:

बहादुरगढ़ हरियाणा के झज्जर जिले का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं ऐतिहासिक कस्बा है, जिसका प्राचीन नाम शर्फाबाद था। मुगलकालीन दौर में इस क्षेत्र का यह नाम प्रचलित था, जो बाद में बदलकर बहादुरगढ़ हो गया। यह कस्बा दिल्ली के निकट स्थित होने के कारण ऐतिहासिक रूप से व्यापारिक तथा सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। वर्तमान में बहादुरगढ़ अपने औद्योगिक विकास, विशेषकर हैंडलूम एवं उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन के लिए जाना जाता है। इसके प्राचीन नाम का उल्लेख हरियाणा के ऐतिहासिक स्थानों के अध्ययन में महत्वपूर्ण माना जाता है।

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Q19. रोहतक में 1857 की क्रांति की शुरुआत किसने की थी?

Right Answer: रांघड़ समुदाय ने


Explanation:

1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान रोहतक क्षेत्र में विद्रोह की शुरुआत रांघड़ समुदाय द्वारा की गई थी। इस समुदाय ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध सशस्त्र प्रतिरोध में सक्रिय भूमिका निभाई तथा स्थानीय जनता को भी विद्रोह में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। रोहतक क्षेत्र में यह विद्रोह हरियाणा के व्यापक 1857 के स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इस घटना ने क्षेत्र में अंग्रेजी सत्ता के विरुद्ध असंतोष को और अधिक प्रबल किया। हरियाणा के इतिहास में 1857 की क्रांति में विभिन्न समुदायों की भागीदारी का विशेष महत्व है।

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Q20. मिताथल (भिवानी) की ऐतिहासिक खुदाई किसके नेतृत्व में की गई थी?

Right Answer: डॉ. सूरजभान


Explanation:

हरियाणा के भिवानी जिले में स्थित मिताथल एक महत्वपूर्ण पुरातात्त्विक स्थल है, जहाँ की ऐतिहासिक खुदाई डॉ. सूरजभान के नेतृत्व में की गई थी। इस उत्खनन से सिंधु घाटी सभ्यता से संबंधित अवशेष प्राप्त हुए, जो इस क्षेत्र की प्राचीनता को प्रमाणित करते हैं। मिताथल की खोज ने हरियाणा को सिंधु सभ्यता के मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया तथा इस क्षेत्र में प्राचीन मानव बस्तियों के अस्तित्व को उजागर किया। डॉ. सूरजभान के इस योगदान को हरियाणा के पुरातात्त्विक इतिहास में विशेष रूप से स्मरण किया जाता है।

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Published: 27 July 2026 | Last Updated: 03 September 2026 |


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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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I am an educational content creator dedicated to making learning simple, engaging, and accessible for students preparing for competitive exams. He specializes in creating high-quality study materials, including notes, multiple-choice questions (MCQs), previous year question papers, practice tests, and exam-oriented resources.

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