Psychology - Exceptional Children
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श्रवण-बाधित विद्यार्थियों के शिक्षण-अधिगम हेतु कौन-सा प्रशिक्षण आवश्यक नहीं है ?
(a) ओष्ठ पठन (b) संकेत भाषा (c) ब्रेल लिपि (d) गामक प्रशिक्षण
Options:
- a एवं b
- b एवं c
- c एवं d
- a एवं c
Right Answer: c एवं d
श्रवण-बाधित विद्यार्थियों की कठिनाई सुनने तथा बोलने से जुड़ी होती है, इसलिए उनके शिक्षण-अधिगम में ओष्ठ पठन, संकेत भाषा और गामक प्रशिक्षण अत्यंत उपयोगी माने जाते हैं। ओष्ठ पठन से बालक होंठों की गति देखकर बात समझ लेता है, संकेत भाषा संप्रेषण का सशक्त माध्यम बनती है तथा गामक प्रशिक्षण वाक् अंगों को सक्रिय करता है। इसके विपरीत ब्रेल लिपि उभरे हुए बिंदुओं पर आधारित स्पर्श लिपि है, जिसका निर्माण दृष्टिबाधित बालकों के पढ़ने और लिखने के लिए किया गया था। अतः श्रवण-बाधित बालकों हेतु ब्रेल प्रशिक्षण आवश्यक नहीं है।This question is part of Psychology - Exceptional Children, which has 8 practice questions with answers.