Indian Polity - Judiciary and Commissions
Indian Polity - Judiciary and Commissions
संसद को मौलिक अधिकारों को खत्म करने या कम करने का कोई अधिकार नहीं है, यह सर्वोच्च न्यायालय के किस निर्णय में कहा गया है?
Options:
- गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य
- केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
- मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ
- मेनका गांधी बनाम भारत संघ
Right Answer: केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य वाद सन 1973 में सर्वोच्च न्यायालय की तेरह न्यायाधीशों की सबसे बड़ी संविधान पीठ ने निर्णय दिया कि संसद संविधान में संशोधन तो कर सकती है, किंतु उसके आधारभूत ढाँचे को नष्ट नहीं कर सकती। इसी निर्णय से मूल ढाँचे का सिद्धांत स्थापित हुआ। न्यायालय ने माना कि मौलिक अधिकार, संविधान की सर्वोच्चता, धर्मनिरपेक्षता, न्यायिक पुनरावलोकन तथा शक्ति पृथक्करण इस मूल ढाँचे के अंग हैं। यह निर्णय सात और छह के बहुमत से आया था और इसे भारतीय संवैधानिक इतिहास का सर्वाधिक महत्वपूर्ण निर्णय माना जाता है।
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