Geography - Geomorphology
Geography - Geomorphology
'सॉलिफ्लक्शन' का प्रमुख महत्त्व किस क्षेत्र में है?
Options:
- उष्णकटिबन्धीय क्षेत्र
- उपोष्णकटिबन्धीय क्षेत्र
- शीतोष्ण क्षेत्र
- शीत (Periglacial) क्षेत्र
Right Answer: शीत (Periglacial) क्षेत्र
सॉलिफ्लक्शन (Solifluction) मृदा प्रवाह की वह धीमी प्रक्रिया है, जिसमें जल से संतृप्त मृदा एवं अपक्षयित पदार्थ मंद ढाल पर भी नीचे की ओर सरकते रहते हैं। यह प्रक्रिया मुख्यतः परिहिमानी अर्थात् शीत (Periglacial) क्षेत्रों में महत्वपूर्ण होती है, जहाँ स्थायी तुषार भूमि (Permafrost) पाई जाती है। ग्रीष्म ऋतु में ऊपरी सक्रिय परत पिघल जाती है, किंतु नीचे की जमी हुई परत जल को रिसने नहीं देती, जिससे संतृप्त ऊपरी परत ढाल पर बहने लगती है। इससे सॉलिफ्लक्शन लोब तथा टैरेस जैसी विशिष्ट स्थलाकृतियाँ विकसित होती हैं।This question is part of Geography - Geomorphology, which has 11 practice questions with answers.