Geography - Economic Geography
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भिलाई इस्पात संयंत्र को लौह अयस्क मुख्यतः कहाँ से प्राप्त होता है?
Options:
- गुरुमहिसानी
- डल्ली-राजहरा
- बरसुआ
- गुआ
Right Answer: डल्ली-राजहरा
भिलाई इस्पात संयंत्र छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित है और इसकी स्थापना सन् 1955 में तत्कालीन सोवियत संघ के सहयोग से की गई थी। इसे लौह अयस्क मुख्यतः छत्तीसगढ़ की डल्ली-राजहरा खानों से प्राप्त होता है, जो संयंत्र से लगभग 90 किलोमीटर दक्षिण में स्थित हैं तथा उच्च कोटि का हेमेटाइट अयस्क उपलब्ध कराती हैं। कोयला कोरबा एवं झरिया क्षेत्रों से तथा जल तांदुला जलाशय से प्राप्त होता है। गुरुमहिसानी, बरसुआ एवं गुआ की खानें अन्य इस्पात संयंत्रों की आपूर्ति करती हैं।This question is part of Geography - Economic Geography, which has 8 practice questions with answers.