Hindi Grammar - संधि
Hindi Grammar - संधि
संधि की दृष्टि से असंगत विकल्प चुनिए :
Options:
- स्वाध्याय, विक्रमाब्द – दीर्घ स्वर संधि
- हतोत्साह, नेति – गुण स्वर संधि
- स्त्र्युपयोगी, तन्वंगी – यण् स्वर संधि
- गवीश, नदीश – दीर्घ स्वर संधि
Right Answer: गवीश, नदीश – दीर्घ स्वर संधि
स्वाध्याय (स्व + अध्याय) तथा विक्रमाब्द (विक्रम + अब्द) में सवर्ण दीर्घ संधि है। हतोत्साह (हत + उत्साह) एवं नेति (न + इति) में गुण संधि है। स्त्र्युपयोगी (स्त्री + उपयोगी) तथा तन्वंगी (तनु + अंगी) में यण् संधि है — ये तीनों सुमेलित हैं। चौथे विकल्प में नदीश (नदी + ईश) तो दीर्घ संधि है, किन्तु गवीश की उत्पत्ति गो + ईश से होती है, जिसमें ‘ओ’ के स्थान पर ‘अव्’ आता है; यह अयादि संधि है, दीर्घ स्वर संधि नहीं। अतः विकल्प (4) असंगत है।This question is part of Hindi Grammar - संधि, which has 4 practice questions with answers.