Computer Fundamental MCQs - Number System and Data Representation: 6 MCQs with Answers
Computer Fundamental MCQs - Number System and Data Representation
Computer Fundamental MCQs- Number System and Data Representation
बाइनरी संख्या पद्धति, बिट, बाइट और डाटा निरूपण पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्न हिंदी में।Your Progress
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Q1. सभी डिजिटल कंप्यूटर किन संख्याओं के आधार पर कार्य करते हैं?
Right Answer: बाइनरी
डिजिटल कंप्यूटर बाइनरी अर्थात द्विआधारी संख्या पद्धति पर कार्य करते हैं, जिसमें केवल दो अंक 0 और 1 होते हैं। इसका कारण यह है कि कंप्यूटर के इलेक्ट्रॉनिक परिपथ केवल दो अवस्थाएँ पहचान सकते हैं – विद्युत प्रवाह चालू या बंद, जिन्हें क्रमशः 1 और 0 से दर्शाया जाता है। प्रत्येक अंक को बिट कहते हैं और आठ बिट मिलकर एक बाइट बनाते हैं। अक्षर, चित्र, ध्वनि सहित समस्त डाटा अंततः इन्हीं शून्य और एक की श्रृंखलाओं में बदलकर संग्रहीत होता है।
Q2. एक बाइट से कितने भिन्न मान निरूपित किए जा सकते हैं?
Right Answer: 256
एक बाइट आठ बिट का बना होता है और प्रत्येक बिट केवल दो अवस्थाएँ 0 या 1 ले सकता है। इसलिए आठ बिट से बनने वाले कुल संयोजन 2 की घात 8 अर्थात 256 होते हैं। इसी कारण एक बाइट से 0 से 255 तक कुल 256 भिन्न मान निरूपित किए जा सकते हैं। यही कारण है कि आस्की कोड में 256 वर्ण रखे जा सकते हैं, जिनमें अंग्रेजी के अक्षर, अंक, विराम चिह्न तथा नियंत्रण वर्ण सम्मिलित हैं।
Q3. बाइनरी च्वाइस में कितने विकल्प होते हैं?
Right Answer: दो
बाइनरी शब्द का अर्थ ही द्विआधारी है, इसलिए बाइनरी च्वाइस में सदैव केवल दो ही विकल्प होते हैं। कंप्यूटर के परिपथ भी इसी सिद्धांत पर कार्य करते हैं, जहाँ विद्युत प्रवाह की दो अवस्थाएँ चालू और बंद को क्रमशः 1 और 0 से दर्शाया जाता है। हाँ या ना, सत्य या असत्य तथा चालू या बंद इसी प्रकार के द्विआधारी चयन के उदाहरण हैं। इसी दो-अवस्था वाली सरलता के कारण डिजिटल परिपथ तेज, सस्ते और अत्यंत विश्वसनीय बन पाते हैं।
Q4. बिट और बाइट के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
Right Answer: आठ अंकों की बाइनरी संख्या को बाइट कहते हैं
बाइनरी पद्धति में 0 या 1 का प्रत्येक एकल अंक बिट कहलाता है, जो कंप्यूटर में सूचना की सबसे छोटी इकाई है। ऐसे आठ बिट मिलकर एक बाइट बनाते हैं, अर्थात आठ अंकों वाली बाइनरी संख्या ही एक बाइट होती है। सामान्यतः एक बाइट में एक अक्षर, अंक अथवा विशेष चिह्न संग्रहीत किया जाता है। इसी क्रम में 1024 बाइट का एक किलोबाइट और 1024 किलोबाइट का एक मेगाबाइट बनता है। अतः तीसरा कथन ही सत्य है।
Q5. कंप्यूटर डाटा संग्रहीत करने और गणनाएँ करने के लिए कौन-सी संख्या पद्धति का प्रयोग करते हैं?
Right Answer: बाइनरी
कंप्यूटर समस्त डाटा संग्रहीत करने तथा गणना करने के लिए बाइनरी अर्थात द्विआधारी संख्या पद्धति का प्रयोग करते हैं, जिसका आधार 2 है और जिसमें केवल 0 तथा 1 अंक होते हैं। इसका कारण यह है कि इलेक्ट्रॉनिक परिपथ केवल दो अवस्थाएँ – विद्युत का होना या न होना – सरलता और विश्वसनीयता से पहचान सकते हैं। हम जो दशमलव संख्याएँ टाइप करते हैं, कंप्यूटर उन्हें भीतर बाइनरी में बदल लेता है और परिणाम पुनः दशमलव में दिखा देता है।
Q6. आठ शून्य और एक की स्ट्रिंग को क्या कहते हैं?
Right Answer: बाइट
बाइनरी पद्धति में 0 या 1 का प्रत्येक अंक बिट कहलाता है और ऐसे आठ बिट की श्रृंखला मिलकर एक बाइट बनाती है। एक बाइट सामान्यतः एक अक्षर, अंक अथवा विशेष चिह्न संग्रहीत करने के लिए पर्याप्त होता है, इसलिए कंप्यूटर की भंडारण क्षमता बाइट में ही मापी जाती है। आठ बिट से कुल 256 भिन्न संयोजन बन सकते हैं। आगे 1024 बाइट का एक किलोबाइट, 1024 किलोबाइट का एक मेगाबाइट और 1024 मेगाबाइट का एक गीगाबाइट होता है।