Psychology - Growth and Development

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कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धान्त की निम्नलिखित अवस्थाओं को उनकी विशेषता के साथ सुमेलित कीजिए :

नैतिक अवस्थाएंविशेषता 
(a) इनाम के लालच में अनुपालन(i) दूसरों की स्वीकृति पाना
(b) सामाजिक व्यवस्था बनाए रखना अवस्था(ii) स्वार्थपूर्ति पर आधारित 
(c) अच्छे अन्तः वैयक्तिक संबंध(iii) अन्तःकरण द्वारा मान्य शाश्वत मूल्य
(d) सार्वभौमिक नैतिक सिद्धान्त(iv) न्याय एवं कानून को महत्त्व 

सही कूट का चयन कीजिए :

Options:

  1. (a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii)
  2. (a)-(iii), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iv)
  3. (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(ii)
  4. (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iv), (d)-(iii)

Right Answer: (a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii)

कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धान्त की अवस्थाओं की व्याख्या

लॉरेंस कोहलबर्ग ने नैतिक विकास को 3 मुख्य स्तरों और 6 अवस्थाओं में बांटा है। दिए गए विकल्पों का सही मिलान और उसका कारण इस प्रकार है:

  • (a) इनाम के लालच में अनुपालन ➔ (ii) स्वार्थपूर्ति पर आधारित यह 'पूर्व-पारंपरिक स्तर' (Pre-conventional level) की दूसरी अवस्था (साधनात्मक सापेक्षवादी उन्मुखता) है। इसमें बच्चे का व्यवहार इस बात पर निर्भर करता है कि कोई कार्य करने से उसे क्या व्यक्तिगत लाभ या इनाम मिलेगा। यह पूरी तरह से स्वार्थ और अपनी जरूरतों को पूरा करने पर आधारित होता है।
  • (b) सामाजिक व्यवस्था बनाए रखना अवस्था ➔ (iv) न्याय एवं कानून को महत्त्व यह 'पारंपरिक स्तर' (Conventional level) की चौथी अवस्था है। इस चरण में व्यक्ति यह समझने लगता है कि समाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए सामाजिक नियमों, कानूनों और न्याय व्यवस्था का सम्मान करना और उनका पालन करना आवश्यक है।
  • (c) अच्छे अन्तः वैयक्तिक संबंध ➔ (i) दूसरों की स्वीकृति पाना यह 'पारंपरिक स्तर' की तीसरी अवस्था है, जिसे "अच्छा लड़का/अच्छी लड़की" (Good boy-Good girl) अवस्था भी कहा जाता है। इसमें व्यक्ति अपने परिवार या समाज में दूसरों की नज़र में अच्छा बनने और उनकी प्रशंसा या स्वीकृति पाने के लिए नैतिक व्यवहार करता है।
  • (d) सार्वभौमिक नैतिक सिद्धान्त ➔ (iii) अन्तःकरण द्वारा मान्य शाश्वत मूल्य यह 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-conventional level) की छठी और सर्वोच्च अवस्था है। यहाँ व्यक्ति समाज के स्थापित कानूनों से भी ऊपर उठकर मानवता, न्याय, समानता और अपने अन्तःकरण (अंतरात्मा) के शाश्वत मूल्यों के आधार पर निर्णय लेता है।

This question is part of Psychology - Growth and Development, which has 4 practice questions with answers.

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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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