Psychology - Personality
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Psychology
फ्रॉयड के मनोलैंगिक विकास सिद्धान्त के अनुसार, वह अवस्था जिसमें किशोर विपरीत लिंग के प्रति आकर्षित होते हैं, उसे कहा जाता है :
Options:
- लिंग अवस्था
- गुदा अवस्था
- जनन अवस्था
- अव्यक्त अवस्था
Right Answer: जनन अवस्था
सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के मनोलैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) में पांच अवस्थाएं हैं। किशोर अवस्था (adolescence) में होने वाले परिवर्तनों के लिए जनन अवस्था ही जिम्मेदार है:
- जनन अवस्था (Genital Stage): यह अवस्था किशोरावस्था से शुरू होती है और जीवन के अंत तक चलती है। इस चरण की मुख्य विशेषता यह है कि व्यक्ति की कामेच्छा (libido) फिर से जागृत होती है, लेकिन इस बार उसका ध्यान अपने स्वयं के शरीर के बजाय विपरीत लिंग के व्यक्तियों के साथ संबंध बनाने और यौन परिपक्वता प्राप्त करने पर केंद्रित होता है। किशोरों में सामाजिक और यौन आकर्षण इसी चरण का हिस्सा है।
अन्य विकल्पों का संक्षिप्त विवरण:
- लिंग अवस्था (Phallic Stage - 3 से 6 वर्ष): यहाँ बच्चा अपने लिंग के प्रति जागरूक होता है। इसमें 'ओडिपस' (Oedipus) और 'इलेक्ट्रा' (Electra) ग्रंथियाँ विकसित होती हैं।
- गुदा अवस्था (Anal Stage - 1 से 3 वर्ष): इस अवस्था में बच्चा मल-त्याग के नियंत्रण (potty training) पर ध्यान केंद्रित करता है।
- अव्यक्त अवस्था (Latency Stage - 6 वर्ष से यौवनारंभ तक): यह एक शांत अवस्था है जहाँ यौन भावनाएं दब जाती हैं और बच्चा सामाजिक कौशल और स्कूल के कार्यों पर ध्यान देता है।
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