Hindi Grammar - हिन्दी भाषा शिक्षण
Hindi Grammar
निर्देश : (प्रश्न संख्या 33-36) निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
नया निश्चय ही एक मूल्य है। पर निरंतरता भी एक मूल्य है। साहित्य दोनों में से एक को चुनने की हिमाकत सौभाग्य से नहीं करता है, क्योंकि वह जानता है कि एक के बिना दूसरा संभव नहीं है। परंपरा अपने को पुनर्नवा किए बिना सजीव नहीं रह सकती। मनुष्य दोनों आयामों में रहता है इतिहास में और अनन्त में। वह बदलता है और फिर भी बना रहता है। दोनों आयाम मनुष्य के यहाँ अंतर्भुक्त हैं वे अलग-थलग या विविक्त नहीं होते। बहुत कुछ बदलता है: समाज, परिस्थितियाँ, आर्थिक व्यापार, मानव संबंध और उनके संगुंफन आदि पर प्रेम, ईर्ष्या, मोह-मत्सर, राग-विराग, हर्ष-विषाद आदि वही बने रहते हैं। नयी दृष्टि होती है, तो अपने लिए अनिवार्यतः नया शिल्प भी खोजती है। विश्लेषण के लिए भले हम कथ्य और शिल्प को अलग-थलग कर लेते हैं, पर रचना में वे अद्वैत हैं। नया अंततः निरंतरता में समाहित होकर अपनी वैधता पाता है, पर वह निरंतरता को कहीं न कहीं बदल भी देता है। निरंतरता नए के हस्तक्षेप और उसके समाहार के बाद वही नहीं रह जाती, जो पहले थी। हम यह भूल जाते हैं कि आज जो पुराना लगता है, वह कभी नया था। बिना समकालीनता के कालातीत नहीं हुआ जा सकता, लेकिन सिर्फ समकालीनता के बाड़े में बँधे रहकर भी कालातीत नहीं हुआ जा सकता। नया समय को सीधे और उसके बदले हुए ब्योरों में पकड़ने के साहस से उपजता है, पर अगर वह समय के पार न देख पाये, तो टिकाऊ नहीं हो सकता। जो कालातीत है, वही हर समय नया होता चलता है।
साहित्य का अभीष्ट है :
Options:
- मात्र नए को चुनना
- मात्र निरंतरता को चुनना
- नएपन एवं निरंतरता दोनों को चुनना
- मात्र समकालीन को चुनना
Right Answer: नएपन एवं निरंतरता दोनों को चुनना
गद्यांश की दूसरी ही पंक्ति में स्पष्ट रूप से लिखा गया है: "साहित्य दोनों में से एक को चुनने की हिमाकत सौभाग्य से नहीं करता है, क्योंकि वह जानता है कि एक के बिना दूसरा संभव नहीं है।"
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